Salumbar Child Deaths: राजस्थान में उदयपुर के सलूंबर जिले के लसाड़िया उपखंड में एक अज्ञात बीमारी ने मासूम बच्चों की जान ले ली है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. महज पांच दिनों के भीतर लालपुरा और घाटा गांव में 2 से 4 साल की उम्र के पांच बच्चों की मौत हो गई. इन मौतों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को भी चिंता में डाल दिया है. खास बात यह है कि सभी बच्चों में तेज बुखार, उल्टी और शरीर में अकड़न जैसे समान लक्षण देखे गए, जिसके बाद 24 घंटे के भीतर उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई.
मृत बच्चों में लालपुरा गांव के किसान मानाराम के दो सगे बेटे दीपक (4 वर्ष) और लक्ष्मण (3 वर्ष) शामिल हैं. इसके अलावा इसी गांव की 4 वर्षीय सीमा की भी मौत हो गई. वहीं घाटा गांव में 2 साल की काजल और 4 साल के राहुल की जान चली गई.
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क्या कहना है परिजनों का
परिजनों के अनुसार, 31 मार्च की रात दीपक की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी. उसका शरीर अकड़ने लगा और उसे मिर्गी जैसे दौरे आने लगे. परिजन उसे 18 किलोमीटर दूर धरियावद सीएचसी ले गए, जहां से उसे प्रतापगढ़ और फिर उदयपुर रेफर किया गया. लेकिन 1 अप्रैल की सुबह रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. इसके कुछ दिन बाद 5 अप्रैल को छोटे भाई लक्ष्मण को भी बुखार और उल्टी की शिकायत हुई. उसे सीधे उदयपुर के महाराणा भोपाल सिंह अस्पताल ले जाया गया, लेकिन ब्लड सैंपल लेने के एक घंटे के भीतर ही उसने भी दम तोड़ दिया. अब मानाराम के परिवार में केवल 6 महीने का एक बेटा बचा है.
लालपुरा गांव की 4 वर्षीय सीमा की मौत भी इसी तरह हुई. उसे पहले बुखार आया, फिर उल्टी और बाद में दौरे पड़े. धरियावद अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई. स्क्रीनिंग के दौरान उसके भाई-बहन में भी संदिग्ध लक्षण पाए गए, जिन्हें सलूंबर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
घाटा गांव में 562 परिवारों की स्क्रीनिंग की जा चुकी
घाटा गांव में 5 अप्रैल को 2 साल की काजल की मौत हो गई. उसके पिता प्रकाश मीणा ने बताया कि सुबह उसे बुखार और उल्टी हुई थी. उसे लसाड़िया, सलूंबर और फिर उदयपुर ले जाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका. उसी दिन 4 साल के राहुल की भी मौत हो गई. उसके पिता के अनुसार, 4 अप्रैल को वह खेत से लौटकर सामान्य था, लेकिन अगली सुबह उसे बुखार हो गया और इलाज के दौरान उसकी भी जान चली गई.
प्रशासन के अनुसार, अब भी 8 बच्चों में इसी तरह के संदिग्ध लक्षण पाए गए हैं. इनमें से 3 बच्चों को सलूंबर और 5 को उदयपुर रेफर किया गया है. घाटा गांव में 562 परिवारों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और स्कूल में अस्थायी हेल्थ कैंप लगाया गया है.
फिलहाल बीमारी का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है. सभी सैंपल उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बच्चों में किसी भी तरह के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें. गांवों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है.


