Hapur Industrial Corridor: दिल्ली की दहलीज पर बसा हापुड़ जिला आने वाले समय में उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक और आवासीय केंद्र बनने जा रहा है. प्रदेश सरकार द्वारा निर्मित कराए जा रहे 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे बड़े पैमाने पर विकास की तैयारी है. एक्सप्रेसवे के रूट में आने वाले सभी 12 जनपदों में से सबसे ज्यादा चार औद्योगिक गलियारे (इंडस्ट्रियल कॉरिडोर) और तीन नई टाउनशिप अकेले हापुड़ में ही विकसित की जा रही हैं.
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दिल्ली-एनसीआर से बेहतर कनेक्टिविटी, मुरादाबाद से नजदीकी और अपेक्षाकृत सस्ती भूमि होने के कारण यह क्षेत्र देश-विदेश के निवेशकों के लिए पहली पसंद बनता जा रहा है.
5000 हेक्टेयर में फैलेगा औद्योगिक साम्राज्य
यूपीडा (UPEIDA) के अनुसार, हापुड़ में कुल 5,000 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में औद्योगिक गलियारा बसाने का लक्ष्य रखा गया है. योजना को रफ्तार देने के लिए प्रथम चरण में 2,000 हेक्टेयर भूमि पर विकास कार्य शुरू भी कर दिए गए हैं. जिले में जिन चार क्षेत्रों को औद्योगिक गलियारे के रूप में चुना गया है, वे अटोला, सिखेड़ा, सदरपुर, पूठ हैं.
रहने और व्यापार के लिए बनेंगी तीन नई टाउनशिप
यहां स्थापित होने वाले उद्योगों में काम करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों के निवास और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों (जैसे कॉम्प्लेक्स व बाजार) के लिए तीन अत्याधुनिक टाउनशिप भी बसाई जाएंगी. इसके लिए यूपीडा की टीम ने जमीन की तलाश और सर्वे का काम शुरू कर दिया है. प्रस्तावित टाउनशिप वाले क्षेत्र सिखेड़ा, सदरपुर, अटोला का नाम शामिल किया गया है.
वैश्विक कंपनियों को लाने की तैयारी
दिल्ली-एनसीआर से नजदीक होने के कारण यूपीडा के लिए हापुड़ सबसे सुविधाजनक और पसंदीदा स्पॉट बनकर उभरा है. इस एक्सप्रेसवे के चालू होने और कॉरिडोर बनने से पूरे क्षेत्र का नजारा बदल जाएगा. यहां बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों की नामचीन कंपनियों को भी आमंत्रित किया जा रहा है.
अधिकारी का बयान
यूपीडा क्षेत्रीय प्रभारी राकेश कुमार मोघा ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के साथ विकसित होने वाले ये औद्योगिक और आवासीय प्रोजेक्ट हापुड़ को प्रदेश के प्रमुख निवेश केंद्रों में शामिल करेंगे. इससे क्षेत्र में रोजगार, व्यापार और इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति मिलेगी. इसके लिए जमीन का सर्वे और अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया गया है.
एक नजर में परियोजना की मुख्य बातें
कुल औद्योगिक क्षेत्र: 5,000 हेक्टेयर से अधिक
पहले चरण का काम: 2,000 हेक्टेयर पर शुरू
मिलेगा बड़ा फायदा: 4 इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और 3 आधुनिक टाउनशिप
सबसे बड़ा यूएसपी (USP)
दिल्ली-एनसीआर से शानदार कनेक्टिविटी और कम लागत में जमीन की उपलब्धता है. इस मेगा प्रोजेक्ट के धरातल पर उतरने से हापुड़ न सिर्फ उद्योगों का नया गंतव्य बनेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर लाखों रोजगार के अवसरों का सृजन भी होगा.


