Lucknow Kanpur Rapid Rail: उत्तर प्रदेश के स्टेट कैपिटल रीजन (UP-SCR) के विकास को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यानी गुरुवार को उन्नाव के मंच से एक ऐतिहासिक और बेहद बड़ी खुशखबरी दी है. दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर की शानदार सफलता के बाद, अब लखनऊ और कानपुर के बीच भी देश की अत्याधुनिक रैपिड रेल (नमो भारत) चलाई जाएगी.
मुख्यमंत्री ने उन्नाव में 5.70 अरब (570 करोड़ रुपये) की विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए लखनऊ, उन्नाव और कानपुर के लोगों को यह शानदार तोहफा दिया.
सफर सिर्फ 40 मिनट का, 160 किमी/घंटा की होगी रफ्तार
इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के बन जाने से लखनऊ और कानपुर के बीच की दूरी सिमट जाएगी. 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली यह नमो भारत ट्रेन दोनों महानगरों के बीच के सफर को मात्र 30 से 40 मिनट का बना देगी. सबसे खास बात यह है कि यह रैपिड रेल सीधे उन्नाव जनपद से होकर गुजरेगी.
उन्नाव के इन स्टेशनों से गुजरेगी ट्रेन
यह अत्याधुनिक ट्रेन उन्नाव के औद्योगिक और प्रमुख क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगी. रूट के तहत यह ट्रेन मुख्य रूप से इन स्टेशनों से होकर गुजरेगी.
नवाबगंज
बशीरतगंज
रोजगार और व्यापार को लगेंगे पंख
मंच से जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज लखनऊ का विकास सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं रहेगा, अब यह विकास सीधे कानपुर और उन्नाव तक पहुंचेगा. हमारी सरकार उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के तहत बुनियादी ढांचे का कायाकल्प कर रही है. इस हाई-स्पीड ट्रेन से हमारे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा, व्यापार बढ़ेगा और इन तीनों जनपदों के बीच कनेक्टिविटी सुपरफास्ट हो जाएगी.
SCR के लिए मील का पत्थर साबित होगा यह फैसला
विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लखनऊ-कानपुर-उन्नाव त्रिकोण (Triangle) को इस आधुनिक परिवहन सेवा से जोड़ने का यह महा-ऐलान यूपी के नए स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होगा. इससे न केवल आम जनता के समय और पैसे की बचत होगी, बल्कि इस पूरे रूट पर पड़ने वाले औद्योगिक क्लस्टर (Industrial Cluster) की तस्वीर भी पूरी तरह बदल जाएगी.
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उन्नाव को मिले 570 करोड़ रुपये के विकास कार्यों और इस रैपिड रेल के ऐलान ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े इकोनॉमिक हब के रूप में उभरने वाला है.


