ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, भाग्य, संतान, शिक्षा और समृद्धि का कारक माना जाता है. जून 2026 में गुरु ग्रह ने एक महत्वपूर्ण नक्षत्र परिवर्तन किया है, जिसने ज्योतिष प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है. 18 जून 2026 को गुरु ग्रह पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर गए हैं और 18 अगस्त 2026 तक इसी नक्षत्र में रहने वाले हैं. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह अवधि कई राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जा रही है.
पुष्य नक्षत्र को वैदिक ज्योतिष में नक्षत्रों का राजा कहा जाता है. यह पोषण, विकास, उन्नति और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है. जब गुरु जैसे शुभ ग्रह का संबंध पुष्य नक्षत्र से बनता है तो इसे अत्यंत प्रभावशाली योग माना जाता है.
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क्या है गुरु का पुष्य नक्षत्र गोचर
पंचांग के अनुसार देवगुरु बृहस्पति 18 जून 2026 की रात को पुष्य नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं. यह नक्षत्र शनि के अधीन माना जाता है. गुरु और पुष्य नक्षत्र का यह संयोग लगभग दो महीने तक प्रभावी रहेगा. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान ज्ञान, निवेश, शिक्षा, करियर और आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़े कार्यों में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं.
किन राशियों को मिल सकता है लाभ
ज्योतिषीय आकलनों के अनुसार गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन कुछ राशियों के लिए अपेक्षाकृत अधिक अनुकूल माना जा रहा है.
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत बताए गए हैं. निवेश, बचत और पारिवारिक मामलों में संतुलन बनने की संभावना व्यक्त की जा रही है. व्यापार से जुड़े लोगों को भी लाभ के अवसर मिल सकते हैं.
कर्क राशि
कर्क राशि में पहले से गुरु की मजबूत स्थिति मानी जा रही है. ऐसे में आत्मविश्वास, करियर और सरकारी कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बताई जा रही है. कई लोगों को नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं.
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय भाग्य और करियर से जुड़े मामलों में अनुकूल माना जा रहा है. धार्मिक गतिविधियों, यात्रा और शिक्षा के क्षेत्र में भी अच्छे अवसर सामने आ सकते हैं.
मकर राशि
मकर राशि के जातकों को साझेदारी, व्यापार और वैवाहिक जीवन में लाभ मिलने की संभावना बताई गई है. नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए भी यह समय सकारात्मक माना जा रहा है.
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए संपत्ति, शिक्षा और व्यक्तिगत विकास से जुड़े मामलों में प्रगति के संकेत बताए जा रहे हैं. करियर और पारिवारिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव महसूस हो सकते हैं.
गुरु गोचर का व्यापक प्रभाव
ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार गुरु का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं माना जाता. यह समय ज्ञान प्राप्ति, आध्यात्मिक विकास, नए कौशल सीखने और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है. कई लोग इस अवधि में नए कार्यों की शुरुआत करना शुभ मानते हैं.
क्या करें इस अवधि में
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान शिक्षा, निवेश, धार्मिक कार्य, दान-पुण्य और आत्मविकास से जुड़े प्रयासों पर ध्यान देना लाभकारी माना जाता है. गुरु ग्रह से जुड़े मंत्रों का जाप और जरूरतमंदों की सहायता को भी शुभ बताया जाता है.
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ध्यान रखने वाली बात
ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पारंपरिक मान्यताओं और ग्रह-नक्षत्रों की व्याख्या पर आधारित होती हैं. किसी भी महत्वपूर्ण आर्थिक, करियर या निवेश संबंधी निर्णय के लिए विशेषज्ञ सलाह लेना आवश्यक है. ग्रहों के प्रभाव को व्यक्तिगत कुंडली के आधार पर अलग-अलग तरीके से देखा जाता है.
स्रोत. Aaj Tak, Navbharat Times.


