बॉलीवुड में आज दीपिका पादुकोण का नाम सबसे सफल अभिनेत्रियों में लिया जाता है. लेकिन उनकी सफलता की कहानी हिंदी फिल्मों से नहीं, बल्कि कन्नड़ सिनेमा से शुरू हुई थी. हाल ही में उनकी पहली फिल्म के निर्देशक इंद्रजीत लंकेश ने एक बातचीत के दौरान बताया कि किस तरह दीपिका ने शुरुआत से ही सभी को प्रभावित कर दिया था और उनकी पहली सफलता ने शाहरुख खान का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया था.
मॉडलिंग से फिल्मों तक का सफर
निर्देशक इंद्रजीत लंकेश के अनुसार, वह दीपिका को पहले से जानते थे क्योंकि उनका परिवार खेल जगत से जुड़ा था. बाद में जब उन्होंने एक फैशन इवेंट और मैगजीन शूट में दीपिका को देखा तो उन्हें लगा कि उनमें बड़ी स्क्रीन पर छा जाने की पूरी क्षमता है.
इसी विश्वास के साथ उन्होंने अपनी कन्नड़ फिल्म Aishwarya के लिए दीपिका से संपर्क किया. उस समय वह मॉडलिंग में व्यस्त थीं, लेकिन अभिनय की दुनिया में कदम रखने का यह मौका उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ.
कहानी सुनते ही कर दिया था फैसला
निर्देशक ने बताया कि फिल्म की लंबी-चौड़ी कहानी सुनाने की जरूरत ही नहीं पड़ी. शुरुआती कॉन्सेप्ट सुनने के बाद ही दीपिका ने इस प्रोजेक्ट में रुचि दिखाई और जल्द ही फिल्म का हिस्सा बन गईं.
उनके मुताबिक उस समय दीपिका की प्रोफेशनल टीम भी चाहती थी कि वह सोच-समझकर फिल्मों का चयन करें और Aishwarya उनके लिए सही शुरुआत साबित हुई.
पहले दिन कैमरे के सामने दिखी हल्की घबराहट
हर नए कलाकार की तरह दीपिका भी शूटिंग के पहले दिन थोड़ी नर्वस थीं. निर्देशक ने बताया कि शुरुआती सीन के दौरान उनके चेहरे पर झिझक साफ दिखाई दे रही थी. हालांकि यूनिट ने उन्हें सहज महसूस कराया और कुछ ही समय में उन्होंने कैमरे के सामने आत्मविश्वास के साथ अभिनय करना शुरू कर दिया.
इंद्रजीत लंकेश का कहना है कि सीखने की उनकी क्षमता बेहद तेज थी और उन्होंने बहुत कम समय में खुद को एक कलाकार के रूप में ढाल लिया.
फिल्म की सफलता के बाद आया शाहरुख खान का मजेदार रिएक्शन
Aishwarya रिलीज होने के बाद कर्नाटक में अच्छी सफल रही. फिल्म की चर्चा बढ़ने लगी तो उसी दौरान शाहरुख खान का बेंगलुरु दौरा हुआ.
निर्देशक ने याद करते हुए बताया कि बातचीत के दौरान जब दीपिका की पहली फिल्म की सफलता का जिक्र हुआ तो शाहरुख ने हंसते हुए कहा कि अब शायद उन्हें दीपिका को ज्यादा फीस देनी पड़ेगी. यह एक हल्का-फुल्का मजाक था, लेकिन इससे साफ था कि दीपिका की प्रतिभा पर उनकी भी नजर पड़ चुकी थी.
कुछ समय बाद यही जोड़ी फिल्म Om Shanti Om में साथ नजर आई और दीपिका ने हिंदी सिनेमा में शानदार शुरुआत की.
निर्देशक को पहले दिन से था पूरा भरोसा
इंद्रजीत लंकेश का मानना है कि कुछ कलाकार अभिनय सीखते हैं, जबकि कुछ में शुरुआत से ही स्टार बनने की झलक दिखाई देती है. उनके अनुसार दीपिका दूसरे वर्ग में आती हैं.
उन्होंने कहा कि कैमरे के सामने उनका व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और स्क्रीन प्रेजेंस अलग ही दिखाई देता था. इसी वजह से उन्हें शुरू से विश्वास था कि दीपिका केवल एक सफल अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि बड़े स्तर की स्टार बनेंगी.
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आज कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों और अंतरराष्ट्रीय पहचान के साथ दीपिका पादुकोण भारतीय सिनेमा की सबसे प्रभावशाली अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं. ऐसे में उनकी पहली फिल्म से जुड़ी यह यादें उनके शुरुआती सफर की एक दिलचस्प झलक पेश करती हैं.
Source: The Indian Express


