देश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने सड़क एम्बुलेंस से जुड़े ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (AIS)-125 में संशोधन का मसौदा जारी किया है. प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य एम्बुलेंस की सुरक्षा, कार्यक्षमता और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाना है ताकि दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति में मरीजों को अधिक प्रभावी सहायता मिल सके.
मंत्रालय ने इस मसौदे पर सार्वजनिक सुझाव भी आमंत्रित किए हैं. अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद नए नियम लागू किए जाएंगे.
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क्यों जरूरी हैं नए नियम?
मंत्रालय के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाई जा सकती है. विभिन्न अध्ययनों के अनुसार, यदि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को पहले एक घंटे (Golden Hour) के भीतर अस्पताल पहुंचा दिया जाए तो लगभग 50 प्रतिशत मौतों को रोका जा सकता है.
इसी उद्देश्य से एम्बुलेंस सेवाओं को अधिक सक्षम बनाने के लिए AIS-125 में संशोधन प्रस्तावित किए गए हैं.
दो नई तरह की एम्बुलेंस होंगी शामिल
प्रस्तावित संशोधन में दो विशेष श्रेणी की एम्बुलेंस को शामिल किया गया है.
नियोनेटल रोड एम्बुलेंस (Neonatal Road Ambulance)
यह विशेष रूप से समय से पहले जन्मे या गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल सुरक्षित पहुंचाने के लिए तैयार की जाएगी.
मल्टी-स्ट्रेचर रोड एम्बुलेंस (Multi-Stretcher Road Ambulance)
इस एम्बुलेंस में एक से अधिक स्ट्रेचर रखने की सुविधा होगी. हालांकि यह एक समय में एक गंभीर मरीज को गहन चिकित्सा सहायता देने के लिए डिज़ाइन की जाएगी.
रेस्क्यू उपकरण होंगे अनिवार्य
मसौदे के अनुसार Class B, Class C और Class D श्रेणी की सभी सड़क एम्बुलेंस में अब आवश्यक आपातकालीन रेस्क्यू उपकरण रखना अनिवार्य होगा.
इन उपकरणों का उपयोग.
- दुर्घटनाग्रस्त वाहनों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने.
- यदि स्वयं एम्बुलेंस दुर्घटना का शिकार हो जाए तो बचाव कार्य करने.
जैसी परिस्थितियों में किया जा सकेगा.
ई-एम्बुलेंस के लिए अलग बिजली व्यवस्था
हरित परिवहन (Green Mobility) को बढ़ावा देने के साथ मरीजों की चिकित्सा सेवाओं में कोई बाधा न आए, इसके लिए प्रस्तावित संशोधन में ई-एम्बुलेंस के लिए अलग समर्पित पावर सोर्स का प्रावधान किया गया है.
इससे एम्बुलेंस के भीतर लगे जीवनरक्षक चिकित्सा उपकरण लगातार संचालित किए जा सकेंगे.
चिकित्सा उपकरणों के लिए भी तय होंगे मानक
AIS-125 (Part-2) में यह भी निर्धारित किया गया है कि एम्बुलेंस में लगाए जाने वाले सभी चिकित्सा उपकरण तय गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप होने चाहिए. इससे देशभर में एम्बुलेंस सेवाओं की गुणवत्ता को एक समान बनाए रखने में मदद मिलेगी.
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अभी मसौदे पर मांगे गए हैं सुझाव
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 14 मई 2026 को जारी मसौदा अधिसूचना GSR 382(E) को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक सुझावों के लिए उपलब्ध कराया है.
मंत्रालय का कहना है कि प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम अधिसूचना जारी की जाएगी और उसी में नियम लागू होने की तारीख घोषित की जाएगी.
Source: Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH)


