नशीले पदार्थों की तस्करी और नशे की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने MANAS (Madak Padarth Nishedh Asoochna Kendra) नाम से एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है. यह नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की पहल है, जिसके जरिए नागरिक ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों की गोपनीय शिकायत दर्ज करा सकते हैं, काउंसलिंग प्राप्त कर सकते हैं और पुनर्वास सेवाओं की जानकारी हासिल कर सकते हैं.
यह प्लेटफॉर्म 18 जुलाई 2024 को गृह मंत्रालय के तहत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और Digital India Corporation के सहयोग से शुरू किया गया था.
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MANAS क्या है?
MANAS एक सुरक्षित और तकनीक आधारित राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को नशे और मादक पदार्थों से जुड़ी जानकारी साझा करने तथा सहायता प्राप्त करने का आसान माध्यम उपलब्ध कराना है.
यह सेवा देशभर में कई माध्यमों से उपलब्ध है.
- राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1933
- आधिकारिक MANAS पोर्टल
- ई-मेल
- UMANG ऐप
सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को केवल दर्शक नहीं, बल्कि ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान का सक्रिय भागीदार बनाना है.
MANAS पर कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?
MANAS प्लेटफॉर्म पर नागरिक कई प्रकार की सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं.
- ड्रग्स की तस्करी या बिक्री की गोपनीय शिकायत दर्ज करना.
- अवैध मादक पदार्थों की खेती की सूचना देना.
- नशे की लत से जुड़े मामलों में काउंसलिंग सहायता प्राप्त करना.
- पुनर्वास केंद्रों की जानकारी हासिल करना.
- शिकायतों की डिजिटल ट्रैकिंग और संबंधित एजेंसियों तक तेज पहुंच.
- भविष्य में बहुभाषी सहायता, स्मार्ट IVRS और चैटबॉट जैसी सुविधाओं का विस्तार.
नशे की लत वाले व्यक्ति को कैसे मिलेगी मदद?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नशे की लत से प्रभावित व्यक्ति को अपराधी नहीं, बल्कि सहायता की आवश्यकता वाले व्यक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए.
ऐसे मामलों में MANAS के माध्यम से संपर्क करने पर कॉल को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की 14446 हेल्पलाइन पर ट्रांसफर किया जा सकता है, जहां काउंसलिंग और पुनर्वास संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाती है.
अब तक कैसा रहा MANAS का प्रभाव?
सरकार के अनुसार MANAS शुरू होने के बाद नागरिकों की भागीदारी में लगातार वृद्धि हुई है.
इस प्लेटफॉर्म की मदद से.
- ड्रग्स से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराना आसान हुआ है.
- कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने की प्रक्रिया तेज हुई है.
- काउंसलिंग और पुनर्वास सेवाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ी है.
- युवाओं को जागरूक करने के लिए MyGov जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अभियान चलाए जा रहे हैं.
क्यों है यह पहल महत्वपूर्ण?
भारत सरकार के अनुसार MANAS डिजिटल तकनीक और जनभागीदारी को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है.
यह प्लेटफॉर्म 30 NCB क्षेत्रीय इकाइयों और 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को नागरिकों से सीधे जोड़ता है. डिजिटल वर्कफ्लो के माध्यम से शिकायतों की निगरानी, विश्लेषण और कार्रवाई की प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी बनती है.
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सरकार का मानना है कि तकनीक, जागरूकता और नागरिक सहयोग के माध्यम से MANAS देश को नशा मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
Source: Ministry of Home Affairs


