सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के तहत संचालित कोयर विकास योजना (Coir Vikas Yojana) की Coir Industry Technology Upgradation Scheme (CITUS) का उद्देश्य देश के कोयर उद्योग का आधुनिकीकरण करना है. इस योजना के तहत नए कोयर प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और मौजूदा इकाइयों को आधुनिक तकनीक एवं मशीनरी से अपग्रेड करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है.
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योजना के प्रमुख लाभ
CITUS योजना के अंतर्गत पात्र इकाइयों को कई प्रकार की सहायता दी जाती है.
मुख्य लाभ:
- पात्र प्लांट एवं मशीनरी की लागत पर 25% सब्सिडी.
- प्रति परियोजना या कोयर यूनिट अधिकतम ₹2.50 करोड़ तक वित्तीय सहायता.
- नई कोयर प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने में सहायता.
- मौजूदा इकाइयों के आधुनिकीकरण के लिए सहयोग.
- DBT/PFMS के माध्यम से निवेश के बाद सब्सिडी का भुगतान.
- स्वयं सहायता समूह (SHG), सहकारी समितियां, एसोसिएशन तथा छोटे एवं मध्यम उद्यम भी पात्र.
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना के तहत निम्न श्रेणियों के आवेदक पात्र हैं:
- नए स्थापित कोयर उत्पादन एवं प्रोसेसिंग यूनिट.
- व्यक्तिगत उद्यमी एवं पार्टनरशिप फर्म.
- स्वयं सहायता समूह (SHGs).
- सहकारी, निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयां.
- Coir Board में पंजीकृत कोयर इकाइयां.
- आधुनिक मशीनरी के माध्यम से उत्पादन क्षमता बढ़ाने वाले उद्यम.
पात्रता की महत्वपूर्ण शर्तें
आवेदन से पहले इन शर्तों का पालन जरूरी है:
- इकाई MSME अधिनियम के तहत निर्धारित निवेश सीमा के भीतर हो.
- मशीनरी BIS मानकों के अनुरूप हो.
- आधुनिकीकरण के लिए आवेदन करने वाली इकाई कम से कम 5 वर्ष से सफलतापूर्वक संचालित हो.
- समान उद्देश्य के लिए पहले किसी अन्य केंद्रीय सब्सिडी योजना का लाभ न लिया हो.
आवेदन प्रक्रिया
योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है.
मुख्य चरण:
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) ऑनलाइन जमा करें.
- Coir Board से In-Principle Approval (IPA) प्राप्त करें.
- स्वीकृति के अनुसार मशीनरी स्थापित करें.
- Udyog Aadhaar प्राप्त करें.
- Coir Board में यूनिट का पंजीकरण कराएं.
- उत्पादन शुरू करें.
- उत्पादन शुरू होने के एक वर्ष के भीतर सहायता के लिए आवेदन करें.
किन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता?
आवेदन के दौरान सामान्यतः इन दस्तावेजों की जरूरत होगी:
- Udyog Aadhaar
- Coir Board Registration
- PAN एवं Aadhaar
- विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR)
- बैंक विवरण
- चार्टर्ड अकाउंटेंट का प्रमाणपत्र
- मशीनरी के बिल एवं भुगतान रसीदें
- साझेदारी, कंपनी या सहकारी संस्था से संबंधित पंजीकरण दस्तावेज (यदि लागू हो).
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योजना का उद्देश्य
सरकार का लक्ष्य कोयर उद्योग में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देना, उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार करना, ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर महिलाओं के लिए रोजगार बढ़ाना तथा पर्यावरण अनुकूल उत्पादन को प्रोत्साहित करना है. यह योजना देश के कोयर उद्योग को अधिक प्रतिस्पर्धी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.
स्रोत: MSME मंत्रालय – Coir Vikas Yojana (Coir Industry Technology Upgradation Scheme – CITUS).


