हरदोई जिले के चंद्रपुर गांव के 73 वर्षीय कृष्ण मोहन को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का महासचिव नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति की खबर से गांव में खुशी की लहर दौड़ गई और ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया. पूर्व आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक कार्यों और RSS से जुड़े रहे. ग्रामीणों ने उनकी नियुक्ति को पूरे हरदोई के लिए गर्व का क्षण बताया.
हरदोई जिले के टोडरपुर विकासखंड के चंद्रपुर मजरा सिकंदरपुर बाजार गांव में इन दिनों खुशी का माहौल है. गांव के 73 वर्षीय कृष्ण मोहन को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का महासचिव नियुक्त किए जाने की खबर मिलते ही ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटी, पटाखे फोड़े और इसे पूरे गांव के लिए गर्व का पल बताया. लोगों का कहना है कि छोटे से गांव से निकलकर देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक ट्रस्टों में इतनी बड़ी जिम्मेदारी तक पहुंचना पूरे इलाके के लिए सम्मान और प्रेरणा की बात है.
गांव से कभी नहीं टूटा नाता
ग्रामीणों के मुताबिक, कृष्ण मोहन का अपने पैतृक गांव से रिश्ता हमेशा बना रहा. वह जब भी गांव आते हैं, लोगों को शिक्षा, सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द का संदेश देते हैं. ग्रामीण बताते हैं कि उन्होंने गांव में बिजली, सड़क और सोलर लाइट जैसी विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाई. यही वजह है कि उनके महासचिव बनने की खबर को गांव के लोग अपनी सामूहिक उपलब्धि मान रहे हैं.
वैज्ञानिक से IFS अधिकारी तक का सफर
कृष्ण मोहन के पिता स्वर्गीय धर्मजीत सिंह रेलवे में क्लर्क थे. उनकी प्रारंभिक शिक्षा सीतापुर में हुई, जबकि आगे की पढ़ाई उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से जियोलॉजी में बीएससी और एमएससी करके पूरी की. पढ़ाई के दौरान उनका चयन परमाणु ऊर्जा विभाग में वैज्ञानिक पद पर हुआ, लेकिन वर्ष 1978 में भारतीय वन सेवा (IFS) में चयन होने के बाद उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में सेवाएं दीं. वर्ष 2012 में अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद वह हरदोई लौट आए.
RSS और सामाजिक कार्यों से जुड़े
सेवानिवृत्ति के बाद कृष्ण मोहन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सेवा कार्यों से जुड़े. उन्हें नगर संघचालक, जिला संघचालक, प्रांत संघचालक और बाद में क्षेत्र संघचालक जैसी जिम्मेदारियां मिलीं. पिछले वर्ष उन्हें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था और अब उन्हें महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
शिक्षा और सेवा से जुड़ा है परिवार
कृष्ण मोहन का परिवार भी शिक्षा, प्रशासन और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ा रहा है. उनके भाई डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह चिकित्सा विभाग में अपर निदेशक पद से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं. बेटे सौरव मोहन डाक विभाग में जीएम हैं, जबकि बेटी डॉ. स्नेहा मोहन और दामाद डॉ. मुकेश दोनों एमबीबीएस डॉक्टर हैं.
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ग्रामीणों ने बताया गर्व का पल
गांव के लोगों का कहना है कि कृष्ण मोहन ने हमेशा समाज को जोड़ने, शिक्षा को बढ़ावा देने और सेवा की भावना से काम किया. उनका महासचिव बनना सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे हरदोई और गांव के लिए सम्मान का विषय है. ग्रामीणों के शब्दों में, “हमारे गांव का बेटा आज राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का महासचिव बना है, इससे बड़ा गौरव हमारे लिए और क्या हो सकता है?


