कानपुर: नीट यूजी 2026 (री-एग्जाम) के परिणाम घोषित होने के बाद एक बार फिर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) विवादों के घेरे में है. कानपुर की एक छात्रा आर्या सिंह ने NTA के रिजल्ट पर गंभीर तकनीकी विसंगति के आरोप लगाए हैं. छात्रा का दावा है कि OMR शीट के मिलान के अनुसार उनके 609 नंबर बन रहे थे, लेकिन रिजल्ट जारी होने के महज दो घंटे के भीतर उनका स्कोर घटकर 167 नंबर रह गया. इस मामले को लेकर अब सियासत भी गरमा गई है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर ट्वीट कर सीधे केंद्र सरकार और NTA पर निशाना साधा है.
2 घंटे में कैसे बदल गया रिजल्ट?
छात्रा आर्या सिंह के मुताबिक, उनके रिजल्ट में गड़बड़ी का सिलसिला ओएमआर (OMR) शीट जारी होने के समय से ही शुरू हो गया था. 13 तारीख की रात जब वेबसाइट पर OMR शीट आई, तो उसमें प्रश्नों का क्रम (Sequence) गलत था. हालांकि, मिलान करने पर आर्या के 609 नंबर आ रहे थे. आर्या ने इस पर चैलेंज पोर्टल के जरिए शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद NTA ने सीक्वेंस तो सही कर दिया और स्कोर 609 ही बना रहा. असली झटका 16 तारीख की रात को नीट का परिणाम घोषित होने पर लगा. पहली बार रिजल्ट देखने पर 540 नंबर दिखाई दिए. दोबारा चेक करने पर स्कोर घटकर मात्र 167 नंबर रह गया. वर्तमान में आर्या का स्कोर 167 ही दिख रहा है, जिसके अनुसार उनकी ऑल इंडिया रैंक 12,52,036 और कैटेगरी रैंक 3,67,585 हो गई है.
लगातार दूसरे साल हुई दिक्कत, राष्ट्रपति तक जाने की तैयारी
आर्या सिंह ने बताया कि यह उनका दूसरा प्रयास (Second Attempt) था. साल 2025 में भी उनके साथ इसी तरह की समस्या हुई थी, लेकिन तब सबूतों के अभाव में वह चुनौती नहीं दे सकी थीं. इस बार आर्या ने डिजिटल साक्ष्यों के साथ NTA और देश के शिक्षा मंत्री को मेल भेजकर जांच की मांग की है. आर्या का कहना है. अगर NTA और शिक्षा मंत्री इस मामले का संज्ञान नहीं लेते हैं, तो मैं इस शिकायत को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक जाऊंगी.
पूर्व सैनिक की बेटी हैं आर्या
आर्या के पिता राकेश सिंह एक पूर्व सैनिक हैं, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर के नौगांव में ‘राजपूताना राइफल्स’ में 24 साल तक देश की सेवा की है और साल 2025 में सेवानिवृत्त हुए हैं. आर्या ने कानपुर के सरदार पटेल एकेडमी से 12वीं की पढ़ाई पूरी की है.
अखिलेश यादव का हमला: Is it NEET or CHEAT?
इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया (X) पर ट्वीट कर सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि नीट री-एग्जाम में गड़बड़ियों की रिपोर्ट लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन भाजपा सरकार में कोई भी जिम्मेदारी लेने या इस्तीफा देने को तैयार नहीं है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के शीर्ष नेता भी मंत्रियों पर इस्तीफे का दबाव नहीं बना पा रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं कोई मंत्री नाराज होकर दूसरे सहयोगियों के घोटालों के राज न खोल दे.
ट्वीट के अंत में उन्होंने एक कविता की पंक्तियों के जरिए तंज कसा कि Is there some historical connection between snitching and leaks? In the dark cellars of hidden corruption, BJP partners are bundled in the sack of plunder. नीट 2026 के री-एग्जाम के बाद भी छात्रों में असंतोष और तकनीकी कमियों के आरोप थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. अब देखना यह है कि शिक्षा मंत्रालय और NTA कानपुर की इस छात्रा के दावों पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं.


