मध्य प्रदेश सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code – UCC) विधेयक 2026 को कैबिनेट की मंजूरी दे दी है. यह फैसला भोपाल के पास ऐतिहासिक नगर जगदीशपुर में आयोजित विशेष कैबिनेट बैठक में लिया गया. अब इस विधेयक को राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि UCC का उद्देश्य सभी समुदायों को समान अधिकार और समान अवसर उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि यह कानून किसी भी नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं करता और संविधान की भावना के अनुरूप तैयार किया गया है.
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UCC Bill 2026 क्यों है खास?
मुख्यमंत्री के अनुसार, विधेयक तैयार करने से पहले व्यापक स्तर पर सुझाव लिए गए.
इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई थी. इस समिति ने राज्य के सभी जिलों और संभागों में लोगों से चर्चा की.
भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय बैठकों में विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और अलग-अलग धर्मों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव दिए.
मुस्लिम समुदाय से भी मिला समर्थन
मुख्यमंत्री ने बताया कि परामर्श प्रक्रिया के दौरान मुस्लिम समुदाय से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली.
सरकार के अनुसार:
- लगभग 80 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं ने UCC का समर्थन किया.
- करीब 40 प्रतिशत मुस्लिम पुरुषों ने भी समान कानून लागू करने के पक्ष में राय दी.
सरकार का कहना है कि इन सुझावों को ध्यान में रखते हुए विधेयक तैयार किया गया है.
UCC Bill 2026 के प्रमुख प्रावधान
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद सामने आए प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:
एक से अधिक विवाह मान्य नहीं होंगे
कानून लागू होने के बाद राज्य में बहुविवाह (Multiple Marriage) को मान्यता नहीं मिलेगी.
तलाक केवल कानूनी प्रक्रिया से
पति-पत्नी के बीच तलाक केवल निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही मान्य होगा.
महिलाओं और पुरुषों को समान उत्तराधिकार
विधेयक में महिलाओं और पुरुषों को संपत्ति में समान उत्तराधिकार (Equal Inheritance Rights) देने का प्रावधान किया गया है.
लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य
यदि कोई जोड़ा लिव-इन रिलेशनशिप में रहता है, तो उसे एक महीने के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा.
विवाह का पंजीकरण जरूरी
राज्य में सभी विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य होगा. यह व्यवस्था गांव स्तर तक लागू की जाएगी ताकि हर विवाह का आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध रहे.
जनजातीय समुदाय रहेगा बाहर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनजातीय (Tribal) समुदायों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है.
विकसित भारत 2047 के विजन से जोड़ा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” के विजन के अनुरूप है.
उन्होंने कहा कि यह कानून “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के सिद्धांत को मजबूत करेगा और समाज में समानता को बढ़ावा देगा.
विधानसभा में होगा अगला फैसला
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब UCC विधेयक को मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा. यदि विधानसभा से इसे मंजूरी मिलती है और आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होती है, तो यह राज्य में लागू होने की दिशा में अगला महत्वपूर्ण कदम होगा.
UCC को लेकर क्यों हो रही है चर्चा?
Uniform Civil Code लंबे समय से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा है. इसका उद्देश्य अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की जगह नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून लागू करना है. हालांकि, विभिन्न राज्यों और समुदायों के बीच इसे लेकर अलग-अलग मत रहे हैं.
मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि यह विधेयक व्यापक परामर्श और संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है.
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FAQs
1. मध्य प्रदेश UCC Bill 2026 को किसने मंजूरी दी?
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने विशेष बैठक में UCC विधेयक 2026 को मंजूरी दी है.
2. UCC Bill में सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान क्या हैं?
बहुविवाह पर रोक, विवाह का अनिवार्य पंजीकरण, लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण, समान उत्तराधिकार अधिकार और कानूनी प्रक्रिया से तलाक जैसे प्रमुख प्रावधान शामिल हैं.
3. क्या जनजातीय समुदाय पर भी यह कानून लागू होगा?
नहीं. सरकार ने जनजातीय समुदायों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा है.
4. अब आगे क्या होगा?
विधेयक को मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा. वहां पारित होने के बाद आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
Source: MP Govt.


