Weather Update 6 September 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता 6 सितंबर 2026, रविवार को भी बनी रहने वाली है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के Forecast Bulletin के मुताबिक, 6 सितंबर को उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वोत्तर और पूर्वी हिस्सों के कई क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है. कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है.
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6 सितंबर को कहां भारी बारिश का अनुमान
IMD के 6 सितंबर यानी Day 2 के पूर्वानुमान के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
इन क्षेत्रों में बारिश का असर एक जैसा नहीं रहेगा. कहीं-कहीं तेज बारिश थोड़े समय के लिए हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है. 7 सितंबर को भी अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पूर्वोत्तर के कई राज्यों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम और उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना जारी रहने का अनुमान है.
उत्तर भारत में बारिश का असर
उत्तर-पश्चिम भारत में 6 सितंबर के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना बताई गई है. पूर्वी राजस्थान में 6 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर तक भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. उत्तराखंड में 7 सितंबर और फिर 10-11 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है.
पूर्वी राजस्थान के लिए 6 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान दिया गया है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6-7 सितंबर को भारी बारिश की संभावना बताई गई है.
मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भी सक्रिय रहेगा मानसून
मध्य प्रदेश में 6 सितंबर को बारिश का असर व्यापक रह सकता है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 सितंबर और पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है. छत्तीसगढ़ में 7 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश और 9-11 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
पूर्वी भारत में बिहार के लिए 7 सितंबर के दौरान काफी व्यापक बारिश का अनुमान है. 6-8 सितंबर के बीच बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना भी है. 5 सितंबर को बिहार में बहुत भारी बारिश की संभावना बताई गई थी. झारखंड में 8-10 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश और 9 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है. ओडिशा में 9-11 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है.
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में मौसम का हाल
पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5-11 सितंबर तक काफी व्यापक बारिश की संभावना है. असम और मेघालय में 5-7 तथा 10-11 सितंबर के दौरान बारिश का अनुमान है. इन राज्यों में 5-11 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है.
दक्षिण भारत में 6 सितंबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. आंतरिक कर्नाटक में 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाओं के झोंके 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है.
किन जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
IMD ने 6 सितंबर को उत्तराखंड के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में Low to Moderate Flash Flood Risk बताया है. bulletin में जिन जिलों के नाम स्पष्ट रूप से दिए गए हैं, उनमें चमोली, अल्मोड़ा, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर और गढ़वाल पौड़ी शामिल हैं. संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में सतही पानी जमा होने या जलभराव की स्थिति बन सकती है.
बारिश से क्या असर पड़ सकता है
तेज बारिश और आंधी की स्थिति में पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ों के उखड़ने और बागवानी तथा खड़ी फसलों को नुकसान का खतरा रहता है. कमजोर मकानों, झोपड़ियों, दीवारों और कच्ची सड़कों को भी नुकसान हो सकता है. निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़, भूस्खलन और मिट्टी खिसकने जैसी स्थिति बन सकती है. भारी बारिश के दौरान दृश्यता घटने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है.
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए
मौसम बिगड़ने पर लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहना चाहिए. बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें. जलाशय, तालाब या अन्य जलस्रोतों से दूर रहें और बिजली गिरने की आशंका में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को unplug कर दें. तेज हवा में खुले स्थानों पर रखी ढीली वस्तुओं को सुरक्षित करना भी जरूरी है.
किसानों के लिए भी जल निकासी पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. IMD ने कई राज्यों में खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने, drainage channels साफ रखने और बहुत ज्यादा गीली मिट्टी में कृषि कार्य टालने की सलाह दी है.
6 सितंबर का मौसम एक नजर में
| क्षेत्र | 6 सितंबर का प्रमुख पूर्वानुमान |
|---|---|
| उत्तर भारत | UP, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की संभावना |
| मध्य भारत | मध्य प्रदेश में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर |
| पूर्वी भारत | बिहार में भारी बारिश, झारखंड-ओडिशा में बारिश की गतिविधि |
| पूर्वोत्तर | अरुणाचल, असम-मेघालय और अन्य राज्यों में बारिश और कुछ जगह भारी बारिश |
| दक्षिण भारत | तमिलनाडु-पुडुचेरी में गरज-चमक और तेज हवाएं |
| उत्तराखंड | बारिश के साथ कुछ जिलों में Low to Moderate Flash Flood Risk |
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FAQ
1. क्या 6 सितंबर को पूरे देश में बारिश होगी?
नहीं. IMD के अनुसार बारिश की गतिविधि मुख्य रूप से उत्तर, मध्य, पूर्व, पूर्वोत्तर और कुछ दक्षिणी क्षेत्रों में अधिक रहने की संभावना है. देश के हर हिस्से में समान बारिश का अनुमान नहीं है.
2. क्या भारी बारिश का मतलब हर जगह बाढ़ आना है?
नहीं. भारी बारिश अलग-अलग स्थानों पर हो सकती है. बाढ़ या जलभराव का जोखिम स्थानीय बारिश, जमीन की स्थिति और drainage पर निर्भर करता है. उत्तराखंड के कुछ जिलों के लिए अलग से Flash Flood Risk बताया गया है.
3. क्या बारिश के साथ बिजली गिरने का भी खतरा है?
हां. कई राज्यों के लिए thunderstorm और lightning की संभावना जताई गई है. इसलिए गरज-चमक के दौरान खुले मैदान और पेड़ों से दूरी रखना जरूरी है.
4. किसानों को अभी सबसे ज्यादा किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
खेतों में पानी जमा न होने दें, drainage व्यवस्था साफ रखें और अत्यधिक गीली मिट्टी में कृषि कार्य करने से बचें.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD).


