भारत के टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की Production Linked Incentive (PLI) Scheme for Textiles लगातार सकारात्मक परिणाम दे रही है. 31 मार्च 2026 तक इस योजना के तहत 170 कंपनियों को मंजूरी दी जा चुकी है. इन कंपनियों ने ₹8,117.64 करोड़ का निवेश किया है, जिससे 33,427 नए रोजगार सृजित हुए हैं.
यह जानकारी केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी.
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क्या है PLI Scheme for Textiles?
Production Linked Incentive (PLI) Scheme का उद्देश्य देश में टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है.
इस योजना के माध्यम से सरकार उच्च मूल्य वाले टेक्सटाइल उत्पादों के घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित कर रही है ताकि भारत वैश्विक टेक्सटाइल बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धा मजबूत कर सके.
योजना की अब तक की प्रमुख उपलब्धियां
31 मार्च 2026 तक:
- 170 कंपनियों को मंजूरी
- ₹8,117.64 करोड़ का कुल निवेश
- 33,427 नए रोजगार सृजित
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि PLI योजना के माध्यम से देश में टेक्सटाइल उद्योग में निवेश और रोजगार दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.
किन राज्यों में हुआ सबसे अधिक निवेश?
टेक्सटाइल मंत्रालय के अनुसार विभिन्न राज्यों में निवेश और रोजगार का वितरण अलग-अलग रहा है.
गुजरात सबसे आगे
- कंपनियां – 46
- निवेश – ₹1,903.38 करोड़
- रोजगार – 4,493
गुजरात निवेश के मामले में प्रमुख राज्यों में शामिल है.
कर्नाटक
- कंपनियां – 6
- निवेश – ₹1,515.99 करोड़
- रोजगार – 5,611
कम कंपनियों के बावजूद कर्नाटक में प्रति परियोजना बड़ा निवेश देखने को मिला.
गोवा
- कंपनियां – 1
- निवेश – ₹1,355.87 करोड़
- रोजगार – 692
सिर्फ एक कंपनी द्वारा किया गया यह निवेश सबसे बड़े व्यक्तिगत निवेशों में शामिल है.
तमिलनाडु
- कंपनियां – 17
- निवेश – ₹1,277.16 करोड़
- रोजगार – 7,930
तमिलनाडु रोजगार सृजन के मामले में सभी राज्यों में सबसे आगे रहा.
मध्य प्रदेश
- कंपनियां – 22
- निवेश – ₹658.45 करोड़
- रोजगार – 4,970
मध्य प्रदेश ने भी निवेश और रोजगार दोनों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया.
अन्य राज्यों की स्थिति
योजना के तहत अन्य राज्यों में भी निवेश हुआ है.
मुख्य आंकड़े:
- आंध्र प्रदेश – ₹170.99 करोड़, 2,619 रोजगार
- बिहार – ₹237.28 करोड़, 3,465 रोजगार
- राजस्थान – ₹219.91 करोड़, 1,139 रोजगार
- दादरा एवं नगर हवेली – ₹237.10 करोड़, 1,310 रोजगार
- तेलंगाना – ₹362.66 करोड़, 258 रोजगार
- महाराष्ट्र – ₹167.51 करोड़, 904 रोजगार
कुछ राज्यों जैसे पंजाब, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अभी निवेश और रोजगार के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं.
रोजगार सृजन में तमिलनाडु सबसे आगे
यदि रोजगार की बात करें तो शीर्ष राज्यों में शामिल हैं:
- तमिलनाडु – 7,930
- कर्नाटक – 5,611
- मध्य प्रदेश – 4,970
- गुजरात – 4,493
- बिहार – 3,465
- आंध्र प्रदेश – 2,619
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि PLI योजना केवल निवेश ही नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार भी उपलब्ध करा रही है.
टेक्सटाइल उद्योग को मिलेगा दीर्घकालिक लाभ
सरकार का मानना है कि PLI योजना से:
- घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ेगी.
- विदेशी निवेश आकर्षित होगा.
- निर्यात में वृद्धि होगी.
- वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की हिस्सेदारी मजबूत होगी.
- युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर तैयार होंगे.
यह योजना ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और भारत को वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाने के लक्ष्य को भी मजबूती देती है.
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FAQs
1. PLI Scheme for Textiles के तहत कितनी कंपनियों को मंजूरी मिली है?
31 मार्च 2026 तक 170 कंपनियों को मंजूरी दी गई है.
2. इस योजना के तहत कितना निवेश हुआ है?
अब तक ₹8,117.64 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया है.
3. PLI योजना से कितने रोजगार सृजित हुए हैं?
योजना के तहत 33,427 नए रोजगार सृजित हुए हैं.
4. रोजगार सृजन में कौन-सा राज्य सबसे आगे है?
तमिलनाडु 7,930 रोजगार के साथ सबसे आगे है.
Source: Ministry of Textiles


