नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन अब और तीव्र हो गया है. पिछले 32 दिनों से जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने सरकार के साथ बातचीत के लिए एक नई शर्त रख दी है. CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सरकार को अपना अहंकार छोड़कर खुद बातचीत के लिए जंतर-मंतर आना होगा.
हमारे पास नहीं, जंतर-मंतर आए सरकार
संसद मार्च के दौरान हुए हंगामे के दो दिन बाद CJP नेतृत्व ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है. 30 वर्षीय सीजेपी नेता अभिजीत दिपके ने कहा कि अगर सरकार बात करना चाहती है, तो पहल उसे ही करनी होगी. उन्हें अपना अहंकार छोड़ना होगा और हमारी शर्तें माननी होंगी.
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा द्वारा दोबारा बातचीत के लिए बुलाए जाने पर उन्होंने साफ इंकार कर दिया. सौरव दास ने कहा कि हमें चार घंटे इंतजार करवाया गया, हमारा समय भी कीमती है. हमने उनसे स्पष्ट कह दिया है कि हम उनके घर या दफ्तर नहीं जाएंगे. बातचीत केवल जंतर-मंतर या किसी ‘न्यूट्रल वेन्यू’ पर ही होगी. प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी दोहराया कि संगठन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की अपनी मुख्य मांग से पीछे हटने को बिल्कुल तैयार नहीं है.
नड्डा के आवास पर ‘हाउस अरेस्ट’ का गंभीर आरोप
अभिजीत दिपके ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि एक तरफ बातचीत का नाटक किया जा रहा है और दूसरी तरफ छात्रों पर पुलिसिया अत्याचार हो रहा है. CJP का दावा है कि बातचीत के नाम पर उनके प्रतिनिधियों के मोबाइल फोन जमा करा लिए गए. आरोप है कि आशुतोष रांका और सौरव दास को जे.पी. नड्डा के आवास पर करीब 5 घंटे तक ‘हाउस अरेस्ट’ जैसा रखा गया. दिपके के अनुसार, सरकार की योजना प्रदर्शनकारी टीम को तितर-बितर करने की थी, ताकि संसद मार्च के समय छात्रों को बेसहारा छोड़ा जा सके.
सरकार का रुख और गतिरोध
दूसरी ओर, सरकारी सूत्रों का कहना है कि गेंद अब प्रदर्शनकारियों के पाले में है. सूत्रों के मुताबिक, “यदि प्रदर्शनकारी बातचीत के लिए आगे आते हैं, तो सरकार चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है. खबर है कि गतिरोध सुलझाने के लिए दूसरे दौर की बैठक पर भी विचार चल रहा है.
CJI सूर्यकांत ने CJP की याचिका पर तत्काल सुनवाई से किया इनकार, बोले- ‘समय बर्बाद मत करो’
32वें दिन भी जारी है संग्राम
सोमवार को संसद मार्च के दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण है. इसके बावजूद, भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन आज लगातार 32वें दिन भी जारी रहा. दोनों ही पक्ष सोमवार को हुई हिंसा के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.
नोट: केंद्र सरकार की ओर से फिलहाल इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.


