भारतीय रेलवे का RailOne App यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. रेलवे मंत्रालय के अनुसार, 1 जुलाई 2025 को लॉन्च किए गए इस ऐप को अब तक 4.55 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है. ऐप के जरिए प्रतिदिन औसतन 9.65 लाख टिकट बुक किए जा रहे हैं. इसी के साथ भारतीय रेलवे ने ऑनलाइन टिकटिंग को सुरक्षित बनाने के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए 1 जनवरी 2024 से 30 जून 2026 के बीच 6.68 करोड़ संदिग्ध यूजर अकाउंट निष्क्रिय (Deactivate) किए हैं.
RailOne App से रोजाना लाखों टिकटों की बुकिंग
रेलवे मंत्रालय के मुताबिक RailOne App यात्रियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर कई सुविधाएं उपलब्ध कराता है. इसके जरिए रिजर्व, अनारक्षित (Unreserved) और प्लेटफॉर्म टिकट बुक किए जा सकते हैं. इसके अलावा ट्रेन की जानकारी, PNR स्टेटस, RailMadad और अन्य यात्री सेवाएं भी इसी ऐप में उपलब्ध हैं.
आंकड़ों के अनुसार, ऐप पर प्रतिदिन औसतन 9.65 लाख टिकट बुक हो रहे हैं. इनमें लगभग 2.75 लाख रिजर्व टिकट और 6.89 लाख अनारक्षित टिकट शामिल हैं.
RailMadad पर शिकायतों का तेजी से समाधान
रेलवे ने बताया कि RailMadad प्लेटफॉर्म यात्रियों की शिकायतों और सहायता के लिए एकीकृत व्यवस्था प्रदान करता है. हेल्पलाइन 139, वेबसाइट, मोबाइल ऐप और SMS के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है.
वित्त वर्ष 2025-26 में RailMadad ने 6,94,368 मामलों में सहायता प्रदान की. इनमें 89.49 प्रतिशत यात्रियों ने समाधान को उत्कृष्ट या संतोषजनक बताया. पिछले तीन वर्षों में शिकायतों के समाधान की दर लगभग 99.98 प्रतिशत रही है.
टिकट बुकिंग में धोखाधड़ी रोकने के लिए सख्ती
रेलवे मंत्रालय ने बताया कि ऑनलाइन टिकटिंग सिस्टम को सुरक्षित बनाने के लिए कई साइबर सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं.
- 6.68 करोड़ संदिग्ध यूजर अकाउंट निष्क्रिय किए गए.
- 6.22 करोड़ अकाउंट अस्थायी रूप से निलंबित कर पुनः सत्यापन का विकल्प दिया गया.
- 13,343 संदिग्ध ईमेल डोमेन ब्लॉक किए गए.
- 530 संदिग्ध टिकट बुकिंग मामलों की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज कराई गई.
रेलवे ने स्पष्ट किया कि आधार लिंक न होने के कारण किसी भी यूजर अकाउंट को बंद नहीं किया गया है. संदिग्ध मोबाइल नंबर, ईमेल डोमेन, IP एड्रेस और अन्य तकनीकी मानकों के आधार पर कार्रवाई की गई.
Tatkal टिकट बुकिंग के लिए Aadhaar सत्यापन जरूरी
रेलवे ने Tatkal टिकट बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए Aadhaar Authentication और कुछ ट्रेनों में OTP आधारित सत्यापन लागू किया है. इसका उद्देश्य फर्जी अकाउंट और स्वचालित बुकिंग (Bot Booking) पर रोक लगाना है, ताकि वास्तविक यात्रियों को टिकट मिलने में आसानी हो.
हर 100 में 89 टिकट ऑनलाइन बुक हुए
रेलवे मंत्रालय के अनुसार, जून 2025 से जून 2026 के बीच कुल 65.08 करोड़ रिजर्व टिकट बुक हुए. इनमें:
- 57.90 करोड़ टिकट (89%) ऑनलाइन बुक किए गए.
- 7.18 करोड़ टिकट (11%) रेलवे काउंटर से जारी हुए.
यह आंकड़ा ऑनलाइन टिकटिंग की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है.
लाखों बॉट हमलों को किया गया विफल
रेलवे ने बताया कि टिकटिंग सिस्टम पर आने वाले इंटरनेट ट्रैफिक में बड़ी संख्या में बॉट (Bots) द्वारा फर्जी अनुरोध किए जाते हैं. पिछले छह महीनों में औसतन 57.74 प्रतिशत इंटरनेट अनुरोध बॉट थे, जिन्हें एंटी-बॉट तकनीक की मदद से रोका गया.
साथ ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने 2021 से जून 2026 तक टिकटों की अवैध खरीद-बिक्री में शामिल 22,676 दलालों (Touts) को गिरफ्तार किया है.
Source: Ministry of Railways


