हरियाणा के नारनौल और आसपास के गांवों में सुनियोजित शहरी विकास को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है. हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण यानी HSVP ने शहर में 10 नए सेक्टर विकसित करने की कवायद शुरू की है. इनमें 8 रिहायशी और 2 व्यावसायिक सेक्टर शामिल हैं.
नए सेक्टरों के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. HSVP ने अपने पोर्टल पर आवेदन मांगे हैं और संबंधित गांवों में भी विज्ञापन जारी किए गए हैं. जमीन उपलब्ध होने के बाद इन सेक्टरों के विकास की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
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8 रिहायशी सेक्टरों के लिए जमीन चिह्नित
नारनौल क्षेत्र में प्रस्तावित 8 रिहायशी सेक्टरों के लिए अलग-अलग स्थानों पर जमीन चिह्नित की गई है. इनकी प्रस्तावित जमीन का क्षेत्रफल 246 एकड़ से लेकर 543 एकड़ तक है.
सेक्टर-1: बुचकपुर और नारनौल के बीच करीब 360 एकड़.
सेक्टर-2: नारनौल और किरारोद अफगांव के बीच करीब 303 एकड़.
सेक्टर-3: नारनौल, नूनी अव्वल और नसीबपुर के बीच करीब 246 एकड़.
सेक्टर-4: नूनी अव्वल, नसीबपुर और नांगतिहाड़ी के बीच करीब 543 एकड़.
सेक्टर-5: नूनी अव्वल और नसीबपुर के बीच करीब 256 एकड़.
सेक्टर-6: नूनी अव्वल, नसीबपुर और मिरपुर-2 के बीच करीब 372 एकड़.
सेक्टर-8: नारनौल में करीब 358 एकड़.
सेक्टर-11: नारनौल और रसुलपुर के बीच करीब 518 एकड़.
सेक्टर-11 में रिहायशी क्षेत्र के साथ Open Space
प्रस्तावित सेक्टर-11 में करीब 518 एकड़ जमीन की योजना है. इसमें लगभग 250 एकड़ जमीन रिहायशी क्षेत्र के लिए विकसित किए जाने की बात कही गई है.
इसके अलावा करीब 260 एकड़ जमीन Open Space के लिए विकसित करने की योजना है. इससे इस सेक्टर की कुल भूमि का एक बड़ा हिस्सा खुले क्षेत्र के रूप में रखा जाएगा.
सेक्टर-9 और 10A होंगे व्यावसायिक
नारनौल में दो नए सेक्टरों को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए विकसित करने की योजना है. इनमें सेक्टर-9 और सेक्टर-10A शामिल हैं.
सेक्टर-9 करीब 260 एकड़ और सेक्टर-10A करीब 160 एकड़ में विकसित किया जाएगा. इन दोनों सेक्टरों के जरिए शहर में commercial activities और कारोबार से जुड़े विकास को बढ़ावा देने की उम्मीद है.
पहले जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया
HSVP के कार्यकारी अधिकारी दीपक ने नए सेक्टरों की योजना की पुष्टि की है. उनके मुताबिक फिलहाल प्राथमिकता जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की है.
इसके लिए प्राधिकरण के पोर्टल पर आवेदन मांगे गए हैं. संबंधित गांवों में भी इस संबंध में विज्ञापन जारी किए गए हैं.
जमीन उपलब्ध होने के बाद नए सेक्टरों को विकसित करने का काम शुरू किया जाएगा. यानी फिलहाल परियोजना का अगला चरण जमीन उपलब्ध कराने और संबंधित प्रक्रिया पूरी करने से जुड़ा है.
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नारनौल और आसपास के गांवों को क्या फायदा होगा?
नए रिहायशी और व्यावसायिक सेक्टर विकसित होने से नारनौल और आसपास के गांवों में शहरी विस्तार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है.
रिहायशी सेक्टरों से भविष्य में आवासीय सुविधाओं का विस्तार हो सकता है, जबकि व्यावसायिक सेक्टर कारोबार और अन्य commercial activities के लिए नई जगह उपलब्ध करा सकते हैं.
हालांकि योजना के अंतिम स्वरूप और विकास की गति जमीन उपलब्ध होने और आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी. फिलहाल HSVP ने नए सेक्टरों के लिए जमीन जुटाने की कवायद शुरू कर दी है.


