Cockroach Janata Party: संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने गुरुवार को अपनी 12 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन कर दिया. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है. यह घोषणा उनके आवास पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक के समापन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई.
संगठन को राजनीतिक दल में नहीं बदलेगा
मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका को संगठन का सह-संयोजक नियुक्त किया गया है. सीजेपी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल संगठन को राजनीतिक दल में नहीं बदला जाएगा. इसके बजाय देशभर में जमीनी स्तर पर संगठन का विस्तार और जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा.
संगठन के अनुसार, अगले छह महीनों में सभी राज्यों में समन्वय समितियां बनाई जाएंगी. इसके साथ ही लोकसभा और शहर स्तर पर भी संगठनात्मक इकाइयों का गठन किया जाएगा. सीजेपी ने कहा कि घोषित सूची के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को फिलहाल कोई पद नहीं दिया गया है.
किसे कौन सा पद मिला?
राष्ट्रीय कार्यसमिति में अजिंक्य शिंदे को राष्ट्रीय संगठन प्रभारी और दीपक बालियान को संगठन सह-प्रभारी बनाया गया है. वहीं आफरीन नवाज राष्ट्रीय सचिव, विजय रेड्डी मल्लांगी मीडिया प्रमुख, रत्ना सिंह कानूनी मामलों की प्रमुख, वैष्णवी गौड़ शोध एवं नीति प्रमुख, रोहन देशपांडे प्रौद्योगिकी प्रमुख और योगेश इंगले वित्त प्रमुख नियुक्त किए गए हैं. संगठन ने उत्तर, दक्षिण, पश्चिम तथा पूर्व-पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए भी अलग-अलग नेतृत्व की जिम्मेदारियां तय की हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सौरव दास ने बताया कि संगठन अपनी वेबसाइट के माध्यम से सदस्यता अभियान शुरू कर रहा है. उन्होंने छात्रों, युवाओं और श्रमिकों से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि संगठन किसी भी प्रकार का चंदा या कोष एकत्र नहीं कर रहा है और लोगों को किसी भी फर्जी वसूली से सतर्क रहना चाहिए.
जमीनी स्तर पर काम
दास ने कहा कि लोगों की मांग है कि सीजेपी राजनीतिक दल बने, लेकिन फिलहाल संगठन का पूरा ध्यान सामाजिक मुद्दों पर जमीनी स्तर पर काम करने और जनजागरूकता बढ़ाने पर रहेगा. वहीं आशुतोष रांका ने बताया कि संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात करेगा. इसके बाद शीर्ष नेतृत्व भी राज्य का दौरा करेगा. उल्लेखनीय है कि हाल ही में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था.


