देशभर के Eklavya Model Residential Schools यानी EMRS में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती को लेकर सरकार ने लोकसभा में जानकारी दी है. जनजातीय कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने बताया कि EMRS में शिक्षकों और स्टाफ की केंद्रीयकृत भर्ती प्रक्रिया को वापस लेने को लेकर मंत्रालय को कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला है.
सरकार ने 12वीं कक्षा तक संचालित और 480 छात्रों की पूरी क्षमता वाले EMRS के लिए प्रति स्कूल 31 teaching posts और 21 non-teaching posts स्वीकृत किए हैं. इन पदों पर भर्ती चरणबद्ध तरीके से की जा रही है.
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EMRS में 52 पदों का प्रावधान
सरकार ने 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई वाले ऐसे EMRS, जिनमें 480 छात्रों की पूरी क्षमता है, उनके लिए प्रति स्कूल कुल 52 पद स्वीकृत किए हैं.
31 teaching और 21 non-teaching posts
प्रत्येक ऐसे EMRS में 31 teaching posts और 21 non-teaching posts रखे गए हैं. इन पदों पर भर्ती चरणबद्ध तरीके से की जा रही है.
21 non-teaching posts में से 13 पद outsourcing के जरिए कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए निर्धारित किए गए हैं. सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य स्थानीय रोजगार और community participation को बढ़ावा देना है.
ESSE के जरिए हो रही centralized recruitment
EMRS में योग्य और सक्षम teaching तथा non-teaching personnel की नियुक्ति सुनिश्चित करने के लिए centralized recruitment mechanism लागू किया गया है.
EMRS Staff Selection Examination से भर्ती
यह भर्ती EMRS Staff Selection Examination यानी ESSE के जरिए की जा रही है. इस व्यवस्था का उद्देश्य देशभर के EMRS में योग्य और सक्षम शिक्षकों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करना है.
सरकार के अनुसार, अब तक 9,111 teaching और non-teaching staff की भर्ती की जा चुकी है.
इसके अलावा 7,267 teaching और non-teaching staff के एक अन्य बैच के लिए परीक्षा आयोजित की जा चुकी है. यह भर्ती देशभर के EMRS के लिए की जा रही है.
EMRS स्टाफ को Tribal Culture की ट्रेनिंग
EMRS में नियुक्त होने वाले कर्मचारियों को केवल अपने कार्य से संबंधित प्रशिक्षण ही नहीं दिया जाता, बल्कि उन्हें tribal culture और स्थानीय जरूरतों से भी परिचित कराया जाता है.
छात्रों की शिक्षा बेहतर करने पर फोकस
नियुक्त स्टाफ को tribal culture के महत्व, tribal students के standard of education को बेहतर करने के तरीकों और regional languages समेत अलग-अलग क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है.
इसका उद्देश्य शिक्षकों और कर्मचारियों को उन समुदायों और छात्रों की सामाजिक तथा सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को समझने में मदद करना है, जिनके लिए EMRS संचालित किए जा रहे हैं.
Regional Language सीखना भी जरूरी
EMRS में स्थानीय भाषा और संस्कृति से परिचित कराने के लिए regional language sessions की व्यवस्था की गई है.
State Educational Societies और भाषा शिक्षकों की भूमिका
स्थानीय भाषाओं की जानकारी देने के लिए State Educational Societies के माध्यम से sessions आयोजित किए जाते हैं. इसके अलावा EMRS में तैनात regional language teachers भी इस प्रक्रिया में मदद करते हैं.
इस व्यवस्था के जरिए नए नियुक्त कर्मचारियों को स्थानीय भाषा, tribal culture और क्षेत्र की जरूरतों को समझने का अवसर दिया जाता है.
Probation Period में Regional Language Competency जरूरी
EMRS में नियुक्त उम्मीदवारों के लिए regional language competency को भी appointment conditions से जोड़ा गया है.
राज्य की क्षेत्रीय भाषा में योग्यता हासिल करनी होगी
Offer of appointment की शर्तों के अनुसार, उम्मीदवारों को जिस राज्य में posting दी गई है, वहां की regional language competency requirement को probation period के दौरान पूरा करना होगा.
इसका उद्देश्य EMRS में काम करने वाले स्टाफ और स्थानीय छात्रों तथा समुदाय के बीच बेहतर संवाद और समझ विकसित करना है.
केंद्रीय भर्ती प्रक्रिया पर सरकार की स्थिति
जनजातीय कार्य मंत्रालय के अनुसार, EMRS में शिक्षकों और स्टाफ की centralized recruitment process को वापस लेने के संबंध में मंत्रालय को अब तक कोई representation नहीं मिला है.
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केंद्रीयकृत भर्ती व्यवस्था के तहत ESSE के जरिए देशभर के EMRS के लिए teaching और non-teaching personnel का चयन किया जा रहा है. वहीं, प्रशिक्षण और regional language competency के जरिए नियुक्त कर्मचारियों को स्थानीय tribal culture और जरूरतों से जोड़ने की व्यवस्था भी की गई है.


