Weather Update 15 August 2026: देश के कई हिस्सों में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मौसम का मिजाज बारिश वाला रहने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की बुलेटिन के मुताबिक, 15 अगस्त को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत के कई राज्यों में भी भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है.
15 अगस्त को सिर्फ बारिश ही नहीं, कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है. ऐसे में स्वतंत्रता दिवस पर घर से बाहर निकलने वाले लोगों, लंबी दूरी की यात्रा करने वालों, पहाड़ी इलाकों में जाने वाले पर्यटकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम की स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी होगा.
सावन में भोलेनाथ को खुश करने के सबसे सरल उपाय, हर शिव भक्त को जानना चाहिए.
15 अगस्त को किन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश
IMD के 15 अगस्त यानी Day 2 के पूर्वानुमान के अनुसार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. इन इलाकों में कम समय में ज्यादा बारिश होने पर स्थानीय जलभराव और निचले इलाकों में पानी भरने जैसी स्थिति बन सकती है.
भारी बारिश की संभावना वाले अन्य क्षेत्रों में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, गुजरात रीजन, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगिट-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, झारखंड, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, विदर्भ तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम शामिल हैं.
इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी राज्यों में हर जगह एक जैसी बारिश होगी. IMD ने कई जगहों के लिए isolated यानी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बताई है. इसलिए स्थानीय स्तर पर मौसम में काफी अंतर देखने को मिल सकता है.
उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम
उत्तर-पश्चिम भारत के लिए 15 अगस्त महत्वपूर्ण मौसम वाला दिन हो सकता है. हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तथा पंजाब में भी 14-15 अगस्त के दौरान काफी व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14-16 अगस्त के दौरान बारिश की संभावना बनी हुई है.
15 अगस्त को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है. पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण सड़क मार्गों पर यात्रा प्रभावित हो सकती है, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या बढ़ सकती है.
उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ फ्लैश फ्लड का खतरा
उत्तराखंड में 15 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. IMD ने 14 से 20 अगस्त के बीच राज्य में व्यापक बारिश का अनुमान दिया है. 15 अगस्त को बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की भी संभावना है.
फ्लैश फ्लड रिस्क बुलेटिन के मुताबिक 15 अगस्त को 11:30 IST तक उत्तराखंड के अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर और उत्तरकाशी जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड का जोखिम बताया गया है.
पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के दौरान नदियों, नालों, झरनों और जलभराव वाले रास्तों के पास जाने से बचना विशेष रूप से जरूरी है.
दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का असर
दिल्ली-NCR में 15 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है. हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 14-15 अगस्त के दौरान काफी व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है.
फ्लैश फ्लड रिस्क के अनुसार हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली के कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और पानीपत जिलों तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, संभल, बदायूं, बुलंदशहर और कासगंज जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम है.
इन इलाकों में पहले से संतृप्त मिट्टी और निचले क्षेत्रों में बारिश का पानी तेजी से जमा हो सकता है. इसका असर सड़कों, अंडरपास और स्थानीय यातायात पर पड़ सकता है.
मध्य भारत में बारिश का सबसे ज्यादा असर
मध्य भारत में छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश 15 अगस्त को खास तौर पर निगरानी वाले क्षेत्रों में रहेंगे. IMD ने दोनों क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना है, जबकि विदर्भ में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है.
फ्लैश फ्लड रिस्क में छत्तीसगढ़ के कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा और बेमेतरा जिलों तथा पूर्वी मध्य प्रदेश के सीधी, शहडोल, उमरिया, सतना, डिंडोरी, अनूपपुर, बालाघाट और कटनी जिलों को शामिल किया गया है.
पूर्वी भारत में भी बारिश और तेज हवाओं का असर
झारखंड और ओडिशा में 15 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है. पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है. बिहार में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
IMD के अनुसार झारखंड में 15-18 अगस्त के दौरान और ओडिशा में 15-18 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. बिहार में 14-19 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का दौर रह सकता है.
ओडिशा और झारखंड के कुछ जिलों में फ्लैश फ्लड का कम से मध्यम जोखिम भी बताया गया है. ओडिशा के बरगढ़, सोनपुर, संबलपुर, सुंदरगढ़, देवगढ़, अंगुल, क्योंझरगढ़, मयूरभंज और जाजपुर जिलों तथा झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, रांची, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला, लातेहार, पलामू और गढ़वा जिलों को जोखिम वाले क्षेत्रों में रखा गया है.
पूर्वोत्तर राज्यों में भी सक्रिय रहेगा मानसून
अरुणाचल प्रदेश में 14 से 20 अगस्त तक काफी व्यापक बारिश का अनुमान है. असम और मेघालय में 16-20 अगस्त के दौरान बारिश का दायरा बढ़ सकता है, जबकि नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14-17 अगस्त के दौरान काफी व्यापक बारिश की संभावना है. 15 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है.
पश्चिमी और दक्षिणी भारत का मौसम
पश्चिमी भारत में गुजरात रीजन में 15 अगस्त तक काफी व्यापक बारिश की संभावना है. कोंकण और गोवा में 14-20 अगस्त तक व्यापक बारिश का दौर रहने का अनुमान है. मध्य महाराष्ट्र में भी 15 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
दक्षिण भारत में 15 अगस्त को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में तेज सतही हवाओं की भी संभावना है.
15 अगस्त को समुद्री इलाकों के लिए क्या चेतावनी है
IMD के अनुसार 15 अगस्त को पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों के आसपास तथा बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. अंडमान सागर में भी खराब समुद्री मौसम की स्थिति बन सकती है.
बुलेटिन में 14 अगस्त को मछुआरों को उत्तर बंगाल की खाड़ी तथा बांग्लादेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों के पास 15 अगस्त की सुबह तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई थी.
ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें
बारिश के बीच स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों या यात्रा के लिए निकलने से पहले स्थानीय मौसम और ट्रैफिक अपडेट देखना बेहतर रहेगा. जिन रास्तों पर पहले से जलभराव की समस्या रहती है, वहां जाने से बचें. अंडरपास, निचले इलाकों और तेज बहाव वाले नालों से दूरी बनाए रखें. पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका वाले रास्तों पर अतिरिक्त सावधानी रखें. IMD ने भारी बारिश की स्थिति में ट्रैफिक जाम की जानकारी पहले लेने और जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी है. कमजोर संरचनाओं में रुकने से भी बचने को कहा गया है.
बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी वाले इलाकों में खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और अस्थायी ढांचों के पास खड़े होने से बचना समझदारी होगी. खेतों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए.
15 अगस्त के मौसम का एक नजर में हाल
| क्षेत्र | 15 अगस्त का संभावित मौसम |
|---|---|
| छत्तीसगढ़ | कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश |
| पूर्वी मध्य प्रदेश | कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश |
| उत्तराखंड | कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश |
| हिमाचल प्रदेश | कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
| जम्मू-कश्मीर-लद्दाख | कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
| उत्तर प्रदेश | कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
| हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली | कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
| पंजाब | कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
| बिहार | कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
| झारखंड | कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
| ओडिशा | कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
| पश्चिम बंगाल और सिक्किम | कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
| अरुणाचल प्रदेश | कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
| असम और मेघालय | कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
| गुजरात रीजन | कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
| मध्य महाराष्ट्र | कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
| विदर्भ | कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
यात्रा करने वालों के लिए सलाह
अगर किसी इलाके में भारी बारिश का पूर्वानुमान है, तो यात्रा का फैसला सिर्फ सामान्य मौसम देखकर नहीं करना चाहिए. स्थानीय सड़क, नदी, पहाड़ी मार्ग और यातायात की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है. खासकर उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड के जोखिम वाले क्षेत्रों में अचानक मौसम बिगड़ने की संभावना को ध्यान में रखना जरूरी है.
सावन में सपने में शिवलिंग या सांप दिखे तो समझें महादेव का संकेत? जानिए क्या कहता है स्वप्न शास्त्र
FAQ
1. क्या 15 अगस्त को पूरे देश में बारिश होगी?
नहीं. IMD के पूर्वानुमान में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए बारिश की अलग-अलग संभावना बताई गई है. कई जगह व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बारिश कुछ स्थानों तक सीमित रह सकती है.
2. क्या दिल्ली-NCR में 15 अगस्त को कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं?
दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 15 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है. इसलिए खुले में होने वाले कार्यक्रमों और आने-जाने की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम और ट्रैफिक अपडेट देखना जरूरी रहेगा.
3. क्या पहाड़ों पर जाना 15 अगस्त को सुरक्षित रहेगा?
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है और कई जिलों में फ्लैश फ्लड का कम से मध्यम जोखिम भी बताया गया है. इसलिए पहाड़ी यात्रा में स्थानीय प्रशासन और मौसम संबंधी सलाह को प्राथमिकता देना बेहतर होगा.
4. किन लोगों को सबसे ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए?
भारी बारिश वाले इलाकों में वाहन से यात्रा करने वाले, पहाड़ी क्षेत्रों के यात्री, निचले इलाकों में रहने वाले लोग, नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोग और खुले में कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों को मौसम की चेतावनियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
5. मौसम की चेतावनी का मतलब क्या हर जगह खतरा होता है?
जरूरी नहीं. IMD ने कई चेतावनियां isolated यानी कुछ स्थानों के लिए जारी की हैं. इसलिए किसी पूरे राज्य के हर जिले में एक जैसा मौसम मानना सही नहीं होगा. स्थानीय पूर्वानुमान और जिला स्तर की चेतावनी ज्यादा उपयोगी रहती है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग


