Weather Update 14 August 2026: देश के कई हिस्सों में शुक्रवार, 14 अगस्त को मानसूनी गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के 13 अगस्त को जारी ऑल इंडिया वेदर समरी एंड फोरकास्ट बुलेटिन के अनुसार छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की संभावना है. वहीं गंगीय पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और उत्तराखंड में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.
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14 अगस्त को कहां-कहां बारिश का असर ज्यादा रहेगा
IMD के मुताबिक, 14 अगस्त को उत्तर भारत में मौसम सक्रिय रहेगा. हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. पंजाब, पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र और हिमाचल प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
उत्तराखंड के लिए 14 अगस्त खास तौर पर महत्वपूर्ण है. यहां भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. IMD के व्यापक पूर्वानुमान में उत्तराखंड के साथ हिमाचल प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी बारिश का संकेत दिया गया है. पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर सड़क बाधित होने, भूस्खलन या अचानक जलभराव जैसी स्थितियों का जोखिम बढ़ सकता है.
दिल्ली-NCR और हरियाणा में कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा में 14 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. IMD के 7 दिन के वर्षा पूर्वानुमान में 14 अगस्त के लिए हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में काफी व्यापक बारिश की श्रेणी दर्ज की गई है. इसका मतलब है कि राजधानी और आसपास के इलाकों में कई स्थानों पर बारिश देखने को मिल सकती है.
भारी बारिश की स्थिति में शहरों की सड़कों पर पानी भरने, अंडरपास प्रभावित होने और यातायात की रफ्तार धीमी पड़ने जैसी दिक्कतें सामने आ सकती हैं. IMD ने भारी बारिश के संभावित प्रभावों में शहरी क्षेत्रों में जलभराव, कम दृश्यता और ट्रैफिक बाधित होने की आशंका बताई है.
उत्तर प्रदेश में बारिश और बिजली का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में 14 अगस्त को मौसम पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है. IMD ने राज्य में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है. साथ ही उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 14 अगस्त से 18 अगस्त तक कई स्थानों पर बारिश की गतिविधियां बनी रहने का पूर्वानुमान है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 से 18 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
13 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज हुई. IMD के आंकड़ों में आगरा के खैरागढ़ में 7 सेमी, जबकि ललितपुर के पाली और एटा के जलेसर में 6-6 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई. यह बताता है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधि पहले से सक्रिय है.
मध्य भारत में भी तेज बारिश का दौर
मध्य भारत में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश पर मौसम का असर खास रहेगा. 14 अगस्त को छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मध्य प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
IMD के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश में 13 से 15 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 13-14 अगस्त और फिर 18 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है. वहीं 15 से 17 अगस्त के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है.
पूर्वी भारत में भारी बारिश का खतरा
गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में 14 अगस्त को मौसम काफी सक्रिय रह सकता है. IMD ने इन क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. खास तौर पर गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में भारी बारिश के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों का जोखिम बढ़ सकता है.
13 अगस्त के दौरान गंगीय पश्चिम बंगाल में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई. दुर्गाचक में 24 सेमी, कांथी में 20 सेमी और कैनिंग में 15 सेमी बारिश दर्ज की गई. झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव में 18 सेमी बारिश हुई.
बारिश के पीछे क्या है मौसम का सिस्टम
IMD के मौसम विश्लेषण के अनुसार 13 अगस्त की सुबह तटीय पश्चिम बंगाल और उससे लगे बांग्लादेश तथा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र डिप्रेशन में बदल गया था. यह सिस्टम तटीय पश्चिम बंगाल के ऊपर स्थित था और अगले 24 घंटे के दौरान गंगीय पश्चिम बंगाल तथा झारखंड से होकर लगभग उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना जताई गई थी.
इसके अलावा उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ था. मानसून ट्रफ भी सक्रिय स्थिति में थी और इसकी स्थिति फीरोजपुर, मुजफ्फरनगर, बाराबंकी, डेहरी तथा पश्चिम बंगाल के ऊपर बने डिप्रेशन के केंद्र से होकर गुजर रही थी.
गरज-चमक और तेज हवाओं से भी सावधान
14 अगस्त को केवल बारिश ही चिंता का विषय नहीं है. IMD ने कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं की भी संभावना जताई है. उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने की संभावना है. कुछ इलाकों में 30-40 किमी प्रति घंटे और कुछ क्षेत्रों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं.
ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़ के नीचे, बिजली के खंभों या कमजोर ढांचों के पास खड़े होने से बचना बेहतर है. गरज सुनाई देने पर सुरक्षित पक्के भवन में जाना सबसे व्यावहारिक सावधानी है.
भारी बारिश का आम जनजीवन पर असर
मौसम विभाग ने भारी बारिश के संभावित प्रभावों में निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी जमा होने और अंडरपास बंद होने की स्थिति का उल्लेख किया है. तेज बारिश के दौरान दृश्यता घट सकती है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है और यात्रा का समय बढ़ सकता है. कच्ची सड़कों को नुकसान पहुंचने तथा कमजोर ढांचों के प्रभावित होने की संभावना भी रहती है.
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश की स्थिति में स्थानीय स्तर पर भूस्खलन और मलबा आने का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए पहाड़ी यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए.
किसानों के लिए क्या सलाह
भारी बारिश वाले इलाकों में खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है. IMD के कृषि मौसम परामर्श में कई राज्यों के किसानों को जलभराव रोकने, खेतों की नालियों और निकासी मार्गों को साफ रखने तथा अत्यधिक गीली परिस्थितियों में उर्वरक और पौध संरक्षण कार्यों को टालने की सलाह दी गई है.
तेज हवा की संभावना वाले क्षेत्रों में तैयार फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने या तिरपाल से ढकने, बागवानी फसलों और सब्जियों को सहारा देने की सलाह दी गई है. पशुओं को भारी बारिश के दौरान शेड में रखने और चारा सुरक्षित स्थान पर रखने की भी सलाह दी गई है.
14 अगस्त को इन सावधानियों का रखें ध्यान
| स्थिति | क्या करें |
|---|---|
| तेज बारिश | निचले और जलभराव वाले रास्तों से बचें |
| बिजली चमकना | खुले मैदान और पेड़ों से दूर रहें |
| भारी जलभराव | अंडरपास और डूबे हुए रास्तों पर जाने से बचें |
| सड़क यात्रा | निकलने से पहले ट्रैफिक और स्थानीय मौसम अपडेट देखें |
| पहाड़ी क्षेत्र | भूस्खलन संभावित रास्तों पर अतिरिक्त सावधानी रखें |
| तेज हवा | कमजोर ढांचे, होर्डिंग और पेड़ों के पास न रुकें |
| खेती | खेत से अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करें |
IMD ने विशेष रूप से सलाह दी है कि यात्रा से पहले रास्ते पर ट्रैफिक की स्थिति जांचें, जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें और ऐसे स्थानों से बचें जहां अक्सर जलभराव होता है. कमजोर ढांचे में रहने से भी बचने की सलाह दी गई है.
14 अगस्त के बाद भी जारी रह सकता है बारिश का दौर
14 अगस्त के बाद भी बारिश से तत्काल राहत मिलने के संकेत हर जगह नहीं हैं. 15 अगस्त को उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है. 16 अगस्त को भी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 17 और 18 अगस्त को भी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं.
इसलिए 14 अगस्त को मौसम को केवल एक दिन की बारिश के रूप में देखने के बजाय अगले कुछ दिनों की गतिविधियों को ध्यान में रखकर यात्रा, खेती और रोजमर्रा के काम की योजना बनाना ज्यादा सुरक्षित रहेगा.
Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग
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FAQ
1. 14 अगस्त 2026 को सबसे ज्यादा बारिश कहां हो सकती है?
14 अगस्त को छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की संभावना है. गंगीय पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और उत्तराखंड में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
2. क्या दिल्ली-NCR में 14 अगस्त को तेज बारिश हो सकती है?
हां. IMD ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है. 14 अगस्त के लिए इन क्षेत्रों में काफी व्यापक बारिश का अनुमान भी दिया गया है.
3. क्या उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने का खतरा है?
हां. 14 अगस्त को उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना IMD ने जताई है. इसलिए बारिश के साथ आकाशीय बिजली को लेकर भी सावधानी जरूरी है.
4. बारिश के दौरान यात्रा करने वालों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
निकलने से पहले मौसम और ट्रैफिक की स्थिति जांचें. जलभराव वाले रास्तों, अंडरपास और कमजोर ढांचों से बचें. भारी बारिश में दृश्यता कम होने पर वाहन की गति नियंत्रित रखना भी जरूरी है. IMD ने जलभराव और यातायात बाधित होने की संभावना को संभावित प्रभावों में शामिल किया है.
5. क्या 14 अगस्त के बाद भी बारिश जारी रहेगी?
हां. IMD के 7 दिन के पूर्वानुमान में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली समेत कई क्षेत्रों में 15 से 18 अगस्त तक भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है.


