Hapur Bypass Service Road: मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र में सड़क और जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सांसद अरुण गोविल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की. बुधवार को दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान सांसद ने केंद्रीय मंत्री को दो अलग-अलग पत्र सौंपे और क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने और लंबित कार्यों को पूरा कराने का आग्रह किया.
धनौरा के पास सर्विस रोड की मांग
सांसद ने हापुड़ बाईपास पर ग्राम धनौरा के निकट उतार-चढ़ाव के लिए सर्विस रोड बनाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. उन्होंने बताया कि स्वर्ग आश्रम रोड और कठेड़ा मार्ग आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्ग है.सर्विस रोड और समतल पहुंच मार्ग की सुविधा नहीं होने के कारण किसानों और ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होती है. सांसद के मुताबिक, इस मार्ग पर पहले भी कई गंभीर हादसे हो चुके हैं, जिनमें ग्रामीणों की जान जा चुकी है. उन्होंने ग्राम दोयमी, धनौरा, खड़खड़ी, असारा, लोटी, मुदाफरा, सरावनी और बझीलपुर-सूदना समेत आसपास के गांवों के लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सर्विस रोड निर्माण को जल्द मंजूरी देने की मांग की.
एनएच-9 पर प्रवेश और निकास रैंप बनाने की मांग
दूसरे पत्र में अरुण गोविल ने एनएच-9 से हापुड़-अयादनगर-भटैल मार्ग के लिए प्रवेश और निकास रैंप के निर्माण का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि इस मार्ग से करीब 40 गांवों और आसपास के शहरी क्षेत्र की एक लाख से अधिक आबादी का आवागमन होता है. क्षेत्र में तीन इंटर कॉलेज और एक डिग्री कॉलेज होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं. वहीं किसान अपनी कृषि उपज दिल्ली और अन्य मंडियों तक पहुंचाने के लिए इस रास्ते पर निर्भर हैं.
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एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को भी होती है परेशानी
सांसद ने कहा कि प्रवेश और निकास रैंप नहीं होने से स्थानीय लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है. सबसे बड़ी समस्या आपातकालीन सेवाओं के दौरान सामने आती है. एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहनों के त्वरित आवागमन में बाधा के कारण दुर्घटना या आपदा की स्थिति में नुकसान बढ़ने की आशंका बनी रहती है. सांसद ने केंद्रीय मंत्री से दोनों सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी देने और जल्द निर्माण शुरू कराने का आग्रह किया है. इन परियोजनाओं के पूरा होने से आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में राहत मिलने के साथ सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच भी बेहतर होने की उम्मीद है.


