Weather Update 17 August 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, सोमवार 17 अगस्त को पूर्वी और मध्य भारत के साथ उत्तर भारत के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है. ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल में बारिश का असर सबसे ज्यादा रहने की संभावना है. वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में भी भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी है.
17 अगस्त को कहां-कहां भारी बारिश का खतरा
IMD के मुताबिक 17 अगस्त को गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, झारखंड, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
असम और मेघालय, बिहार, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, कोंकण एवं गोवा, मध्य महाराष्ट्र, पंजाब तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश हो सकती है.
पूर्वी भारत में बारिश का सबसे ज्यादा असर
17 अगस्त को ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल खास तौर पर निगरानी वाले क्षेत्र हैं. बुलेटिन में दोनों क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. पिछले 24 घंटे में भी ओडिशा में कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज हुई थी. गंगीय पश्चिम बंगाल में 17 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है.
IMD के फ्लैश फ्लड आउटलुक में 17 अगस्त सुबह 11:30 बजे तक ओडिशा के अंगुल, बरगढ़, कटक, देवगढ़, जगतसिंहपुर, जाजपुर, झारसुगुड़ा, केंद्रापड़ा, क्योंझरगढ़, मयूरभंज, पुरी और संबलपुर जिलों में कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है. गंगीय पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर, हावड़ा, झाड़ग्राम, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और पश्चिम मिदनापुर में भी ऐसा जोखिम बताया गया है.
उत्तर भारत में भी मौसम रहेगा सक्रिय
उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में बारिश का दौर बना रह सकता है. 17 अगस्त को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है.
हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तथा पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16-17 अगस्त को गरज-चमक और बिजली की गतिविधि की संभावना भी जताई गई है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16-18 अगस्त के दौरान बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश हो सकती है.
मध्य भारत में भी बारिश और गरज-चमक
मध्य भारत में 17 अगस्त को छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है. छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की गतिविधि की संभावना बनी हुई है.
पूर्वी मध्य प्रदेश में 16-22 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर बारिश का दौर बने रहने का अनुमान है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 19-21 अगस्त के दौरान काफी व्यापक बारिश की संभावना है. 20-21 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है.
आंधी, बिजली और तेज हवाओं का भी अलर्ट
सिर्फ बारिश ही नहीं, 17 अगस्त को कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर रह सकता है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ गरज और बिजली की संभावना है.
बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र, मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम और तेलंगाना में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है. अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय, पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और विदर्भ में भी बिजली गिरने की संभावना बताई गई है.
मौसम के पीछे क्या है वजह
IMD के विश्लेषण के मुताबिक 16 अगस्त को उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र उसी क्षेत्र में कायम था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ था और अगले 24 घंटे में इसके उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने तथा और अधिक स्पष्ट होने की संभावना थी.
मानसून ट्रफ अमृतसर, लुधियाना, मुरादाबाद, लखनऊ, वाराणसी से होते हुए बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र तक जा रही थी. इसके अलावा उत्तर हरियाणा के आसपास का ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के आसपास एक अन्य ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय था.
बारिश से क्या असर पड़ सकता है
भारी से बहुत भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़, सड़क पर पानी भरने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है. पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर भूस्खलन, मलबा खिसकने और सड़कें बाधित होने का जोखिम बढ़ सकता है. तेज हवा के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ों के उखड़ने और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है.
भारी बारिश के दौरान दृश्यता भी कम हो सकती है. सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने के साथ कुछ स्थानों पर हेलीकॉप्टर सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है. तेज हवाओं के कारण खुले में रखी हल्की वस्तुएं उड़ सकती हैं.
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम बिगड़ने की स्थिति में स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखना सबसे जरूरी है. भारी बारिश या गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, ऊंचे स्थान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए. बिजली गिरने की आशंका हो तो सुरक्षित भवन में शरण लेना बेहतर है. पानी के भीतर या जलभराव वाले स्थानों में न रहें और बिजली के प्रवाह के संभावित स्रोतों से दूरी बनाए रखें. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिजली की गतिविधि के दौरान अनप्लग करने की सलाह IMD ने दी है.
यात्रा करने वालों को विशेष रूप से पहाड़ी और जलभराव वाले इलाकों में स्थानीय प्रशासन की सलाह को प्राथमिकता देनी चाहिए. बारिश तेज होने पर अनावश्यक यात्रा टालना और सुरक्षित स्थान पर रहना अधिक उचित होगा.
किसानों के लिए भी खास सलाह
17 अगस्त के मौसम को देखते हुए किसानों को खेतों में पानी की निकासी का इंतजाम पहले से रखना चाहिए. पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में खड़ी फसलों से अतिरिक्त पानी निकालने और सब्जियों तथा ऊंची फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है. पानी भरने वाले खेतों में खेती से जुड़े काम, खाद और पौध संरक्षण गतिविधियां परिस्थितियां सामान्य होने तक टालने को कहा गया है.
उत्तर प्रदेश में भी खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह है. बिहार में बारिश के दौरान खाद और कीटनाशक का इस्तेमाल टालने को कहा गया है. हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में खड़ी फसलों से पानी निकालने और बारिश के दौरान सिंचाई, खाद तथा पौध संरक्षण गतिविधियां स्थगित रखने की सलाह दी गई है.
18 अगस्त के बाद भी बारिश का दौर जारी रहने के संकेत
मौसम विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार 18 अगस्त को भी कई क्षेत्रों में बारिश का प्रभाव बना रहेगा. पूर्वी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. 19 अगस्त को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है.
20 और 21 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 18-22 अगस्त के दौरान बारिश का दौर सक्रिय रह सकता है. इसलिए कई क्षेत्रों में मौसम का असर केवल 17 अगस्त तक सीमित नहीं रहने वाला है.
17 अगस्त मौसम अपडेट: एक नजर में
| क्षेत्र | 17 अगस्त का संभावित मौसम |
|---|---|
| ओडिशा | भारी से बहुत भारी बारिश, कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश |
| गंगीय पश्चिम बंगाल | भारी से बहुत भारी बारिश, कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश |
| उत्तर प्रदेश | भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-बिजली की संभावना |
| उत्तराखंड | भारी से बहुत भारी बारिश, बिजली की संभावना |
| हिमाचल प्रदेश | भारी से बहुत भारी बारिश |
| जम्मू-कश्मीर-लद्दाख | भारी से बहुत भारी बारिश |
| पूर्वी मध्य प्रदेश | भारी से बहुत भारी बारिश |
| छत्तीसगढ़ | भारी से बहुत भारी बारिश |
| बिहार | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक |
| दिल्ली-हरियाणा-पंजाब | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
| पूर्वोत्तर भारत | बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश और बिजली |
| कोंकण-गोवा एवं मध्य महाराष्ट्र | अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश |
5 सवाल जो लोग 17 अगस्त के मौसम को लेकर पूछ सकते हैं
1. 17 अगस्त को सबसे ज्यादा बारिश कहां होने की संभावना है?
IMD के अनुसार गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना है.
2. क्या दिल्ली में 17 अगस्त को तेज बारिश हो सकती है?
हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. इसलिए स्थानीय स्तर पर मौसम तेजी से बदल सकता है.
3. क्या मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश का अलर्ट है?
हां. पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
4. बारिश के दौरान सबसे बड़ी सावधानी क्या रखनी चाहिए?
बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होने से बचें और सुरक्षित भवन में रहें. जलभराव वाले रास्तों तथा निचले इलाकों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है.
5. क्या 17 अगस्त के बाद बारिश कम हो जाएगी?
पूरे देश में एक साथ बारिश कम होने का संकेत नहीं है. IMD के पूर्वानुमान में 18 से 22 अगस्त के बीच भी कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.


