Rajasthan Weather Update 19 August 2026: राजस्थान में मानसून की गतिविधियों में फिलहाल कमी बनी हुई है, लेकिन 19 अगस्त 2026, बुधवार से पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम फिर करवट ले सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के अधिकांश भागों में अगले 2-3 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियों में कमी रहने की संभावना है. पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. ऐसे में 19 अगस्त से जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर बारिश की संभावना बनी रहेगी.
19 अगस्त को राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 19 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना जताई गई है. इसका मतलब यह है कि पूरे संभाग में एक साथ बारिश नहीं होगी, बल्कि कुछ स्थानों पर ही बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. कई इलाकों में बादल छाने, गरज-चमक और स्थानीय मौसम में बदलाव की स्थिति बन सकती है.
वहीं पश्चिमी राजस्थान की बात करें तो 19 अगस्त को बीकानेर और जोधपुर संभागों में भी कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना बताई गई है, लेकिन यहां व्यापक बारिश के संकेत नहीं हैं. पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है.
इन जिलों में 19 अगस्त को गरज-चमक और तेज हवा का असर
मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार, 19 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और झोंकेदार तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है. इन जिलों में अलवर, बारां, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, करौली, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ शामिल हैं. इन इलाकों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना दी गई है.
इसके अलावा अजमेर, बांसवाड़ा, ब्यावर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, कोटा और प्रतापगढ़ के लिए कोई चेतावनी नहीं दी गई है.
20 अगस्त से पूर्वी राजस्थान में बारिश बढ़ने के आसार
मौसम विभाग के अनुसार 20 अगस्त से पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है. भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ भागों में 20 से 23 अगस्त के दौरान हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, वहीं, शेष हिस्सों में कमजोर बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं.
20 अगस्त की जिला स्तरीय चेतावनी में अजमेर, अलवर, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, करौली, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ में मेघगर्जन, वज्रपात और झोंकेदार तेज हवा यानी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की स्थिति की संभावना बताई गई है. इस दौरान लोगों को खासकर खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के आसपास मौसम बिगड़ने पर सावधानी बरतनी चाहिए.

पश्चिमी राजस्थान में अगले कुछ दिन शुष्क रहेगा मौसम
पश्चिमी राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने वाली हैं. मौसम विभाग के अनुसार, जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में अगले 4-5 दिनों तक कमजोर मानसूनी परिस्थितियां रहने और अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है.
इसका मतलब पूरे पश्चिमी राजस्थान में पूरी तरह बारिश बंद रहना नहीं है. बीकानेर संभाग के उत्तरी हिस्सों और शेखावाटी क्षेत्र के कुछ भागों में 20 से 22 अगस्त के दौरान हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी हुई है. इसलिए इन इलाकों में भी स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव हो सकता है.
21 से 24 अगस्त तक क्या संकेत हैं
मौसम विभाग के अनुसार, 21 और 22 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभागों में कुछ स्थानों या कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है. 23 और 24 अगस्त को भी जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभागों में कुछ स्थानों या कहीं-कहीं बारिश की संभावना बनी हुई है. दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में 21 से 24 अगस्त के दौरान कहीं-कहीं बारिश की संभावना बताई गई है, लेकिन व्यापक बारिश का संकेत नहीं है.
किसानों और आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर
पूर्वी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश होने पर उमस और गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है. खेती-किसानी के लिहाज से स्थानीय बारिश उपयोगी हो सकती है, लेकिन जहां गरज-चमक और तेज हवा की स्थिति बनेगी वहां खेतों में काम कर रहे लोगों को विशेष सावधानी रखनी होगी.
बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की झोंकेदार हवा चलने की स्थिति में कमजोर पेड़, टीन की चादर, अस्थायी ढांचे और खुले में रखी हल्की वस्तुएं प्रभावित हो सकती हैं. शहरों में सड़क पर वाहन चलाने वालों को अचानक बारिश और कम दृश्यता की स्थिति में गति नियंत्रित रखनी चाहिए.
वज्रपात के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
गरज-चमक शुरू होने पर खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें. यदि आप बाहर हैं और मौसम अचानक खराब होता है तो सुरक्षित पक्की इमारत में चले जाएं. खेतों में काम करने वाले किसान मौसम बिगड़ने पर खुले स्थान से हटकर सुरक्षित जगह पर जाएं. बिजली चमकने के दौरान अनावश्यक रूप से मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल से ज्यादा जरूरी है कि व्यक्ति सुरक्षित स्थान पर रहे और खुले क्षेत्र से दूरी बनाए.
स्रोत: मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर


