UP Weather Update 19 August 2026: उत्तर प्रदेश में 19 अगस्त 2026 से बारिश का दौर कई इलाकों में तेज होने वाला है. मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में 19 अगस्त को कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की बहुत संभावना है, वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है. आने वाले दिनों में कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है.
19 अगस्त को इन जिलों में बहुत भारी बारिश की संभावना
भारत मौसम विज्ञान विभाग के क्षेत्रीय मौसम केंद्र लखनऊ के पूर्वानुमान के अनुसार, 19 अगस्त से 20 अगस्त की अवधि में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, संत रविदास नगर और महोबा तथा आसपास के क्षेत्र शामिल हैं.
इसी अवधि में फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर और हमीरपुर समेत कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बताई गई है. वहीं गाजीपुर, आजमगढ़, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, औरैया, जालौन और झांसी तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है.
20 अगस्त को भी बारिश का जोर रहेगा
20 अगस्त यानी गुरुवार को भी बारिश से राहत के आसार कम हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग के तीसरे दिन के पूर्वानुमान में 20 से 21 अगस्त के दौरान महोबा, झांसी और ललितपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, जालौन और हमीरपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है.

21 अगस्त को इन जिलों पर नजर
21 अगस्त यानी शुक्रवार को भारी बारिश का असर कई जिलों में बना रह सकता है. 21 से 22 अगस्त के पूर्वानुमान में बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर तथा आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना बताई गई है. इससे साफ है कि बुंदेलखंड और आसपास के क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रह सकता है.
22 अगस्त के बाद भी बारिश की संभावना
मौसम पूर्वानुमान तालिका के अनुसार 22 अगस्त यानी शनिवार को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी रह सकती है. 23 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोई चेतावनी नहीं दी गई है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की बहुत संभावना है. 24 अगस्त को दोनों हिस्सों के लिए कोई चेतावनी नहीं दी गई है.
| तारीख | मौसम विभाग का संकेत |
|---|---|
| 19 अगस्त, बुधवार | पूर्वी UP में कुछ स्थानों पर बारिश/गरज-चमक, पश्चिमी UP में भी बारिश/गरज-चमक की संभावना |
| 20 अगस्त, गुरुवार | पूर्वी UP में कुछ स्थानों पर भारी बारिश, पश्चिमी UP में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना |
| 21 अगस्त, शुक्रवार | दोनों हिस्सों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना |
| 22 अगस्त, शनिवार | दोनों हिस्सों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना |
| 23 अगस्त, रविवार | पूर्वी UP में भारी बारिश की बहुत संभावना, पश्चिमी UP में कोई चेतावनी नहीं |
| 24 अगस्त, सोमवार | दोनों हिस्सों के लिए कोई चेतावनी नहीं |
बारिश से क्या असर पड़ सकता है
लगातार या तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. स्थानीय स्तर पर सड़क यातायात प्रभावित होने, खेतों में पानी जमा होने और दृश्यता कम होने जैसी परेशानी सामने आ सकती है. नदी, नाले और जलभराव वाले रास्तों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. गरज-चमक के दौरान बिजली गिरने का खतरा भी बना रहता है.
किसानों के लिए भी यह अवधि महत्वपूर्ण है. तेज बारिश और पानी जमा होने से खड़ी फसलों पर असर पड़ सकता है, इसलिए स्थानीय कृषि सलाह और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखना उपयोगी रहेगा.
आंधी और बिजली चमकने पर क्या करें
गरज-चमक शुरू होने पर खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें. सुरक्षित पक्के स्थान पर रहें. बिजली चमकने के दौरान पानी के स्रोतों से दूरी बनाए रखें और अनावश्यक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बिजली के कनेक्शन से अलग कर दें. तेज बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्ते से वाहन निकालने की कोशिश न करें.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
19 से 22 अगस्त के बीच जिन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है, वहां स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी पर ध्यान देना जरूरी है. यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लें. बच्चों और बुजुर्गों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें. घर के आसपास नालियों और पानी की निकासी के रास्तों को खुला रखें. मौसम अचानक खराब होने पर खुले स्थानों पर रुकने के बजाय सुरक्षित जगह पर जाना बेहतर रहेगा.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग, क्षेत्रीय मौसम केंद्र लखनऊ.


