Aaj ka Mausam 28 September 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी अखिल भारतीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 28 सितंबर को देश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधि बनी रह सकती है. उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना है, जबकि असम-मेघालय, हिमाचल प्रदेश, पूर्वोत्तर राज्यों, राजस्थान और तमिलनाडु-पुडुचेरी में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है. मध्य प्रदेश, बिहार, ओडिशा, तेलंगाना और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है.
28 सितंबर को उत्तर भारत का मौसम
उत्तर-पश्चिम भारत में 28 सितंबर को मौसम कई जगह सक्रिय रह सकता है. उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज हवाएं चल सकती हैं. राजस्थान में भी गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज हवाओं की संभावना है.
उत्तर प्रदेश में 28 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है. मौसम विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान में पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना दर्ज की गई है. इसके बाद बारिश की गतिविधि धीरे-धीरे कम होने का अनुमान है.
मध्य भारत में भी मौसम रहेगा सक्रिय
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 28 सितंबर को गरज-चमक की संभावना है. मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और बिजली की संभावना बताई है. सात दिन के पूर्वानुमान में पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर बारिश का अनुमान भी दिया गया है.
छत्तीसगढ़ में भी 28 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और बिजली की संभावना है. राज्य में 28 सितंबर के आसपास बारिश की गतिविधि बनी रहने का अनुमान है.
बिहार, झारखंड और ओडिशा में बारिश
पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है. 28 सितंबर को बिहार में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज हवाएं चल सकती हैं.
सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार बिहार में 28 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना है. 29 और 30 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि 2 और 3 अक्टूबर को बिहार के लिए शुष्क मौसम का पूर्वानुमान दिया गया है.
झारखंड और ओडिशा में भी 28 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और बारिश की संभावना बनी रह सकती है.
पूर्वोत्तर राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश
पूर्वोत्तर भारत में 28 सितंबर से मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है. असम और मेघालय में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है.
अरुणाचल प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश का दौर 3 अक्टूबर तक जारी रहने का अनुमान है. असम-मेघालय और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में 29-30 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना भी बताई गई है.
महाराष्ट्र और पश्चिम भारत में मौसम का हाल
पश्चिम भारत में गुजरात, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 28 सितंबर से अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना बनी रह सकती है. मध्य महाराष्ट्र में 28 सितंबर को 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज हवाओं के झोंके चल सकते हैं. मराठवाड़ा में भी 28 सितंबर को तेज हवाओं की संभावना है.
29 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र में तेज हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों के साथ गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है.
दक्षिण भारत में बारिश और गरज-चमक
दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 28 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है.
दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. तमिलनाडु-पुडुचेरी में 29 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच भारी बारिश की संभावना भी दी गई है. केरल में 30 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
अंडमान में तेज तूफानी हवाओं की चेतावनी
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 28 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की थंडरस्क्वॉल हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है.
समुद्री क्षेत्रों में भी स्थिति को लेकर सावधानी जरूरी है. अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रह सकती है. मछुआरों को संबंधित समुद्री क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है.
बारिश और बिजली के दौरान सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी है. बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होना चाहिए. पानी में मौजूद लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने और बिजली से चलने वाले उपकरणों को अलग करने की सलाह दी गई है.
किसानों को भारी बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है. बिहार में धान, मक्का, अरहर और अन्य खड़ी फसलों के खेतों से पानी निकालने तथा मिट्टी की स्थिति ठीक होने तक सिंचाई, खाद और कीटनाशक का काम रोकने की सलाह दी गई है.
28 सितंबर के बाद मौसम का रुख
मौसम विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार 29 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधि कई क्षेत्रों में धीरे-धीरे कम हो सकती है, लेकिन दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रहने का अनुमान है. 1 अक्टूबर को केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु-पुडुचेरी में भारी बारिश की संभावना है. 2 और 3 अक्टूबर को केरल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है.
Source: https://mausam.imd.gov.in/responsive/all_india_forcast_bulletin.php
FAQs
1. 28 सितंबर को देश में कहां भारी बारिश का अलर्ट है?
28 सितंबर को उत्तराखंड, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
2. किन राज्यों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक होगी?
असम-मेघालय, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, राजस्थान और तमिलनाडु-पुडुचेरी में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है.
3. क्या मध्य प्रदेश में 28 सितंबर को बारिश होगी?
हां. मध्य प्रदेश में 28 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और बिजली की संभावना है. सात दिन के पूर्वानुमान में पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की भी संभावना दी गई है.
4. बिहार में 28 सितंबर का मौसम कैसा रहेगा?
बिहार में 28 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है. कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना भी है.
5. 28 सितंबर को समुद्र में जाने को लेकर क्या चेतावनी है?
अंडमान सागर और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाओं और खराब समुद्री स्थिति का अनुमान है. मौसम विभाग ने संबंधित समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को नहीं जाने की सलाह दी है.


