Bollywood News: बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने उनके खिलाफ जारी ‘लीव इंडिया’ नोटिस पर लगी रोक को 7 दिसंबर तक बढ़ा दिया है. इसके साथ ही अभिनेता को फिलहाल भारत में रहने की अनुमति मिल गई है. यह नोटिस मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान के पास SIR के विरोध में हुए प्रदर्शन में कथित मौजूदगी को लेकर जारी किया गया था.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (FRRO), मुंबई ने 14 अक्टूबर 2026 को इमरान खान को ‘लीव इंडिया’ नोटिस जारी किया था. इसमें उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था. इसके खिलाफ अभिनेता ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. इमरान खान की टीम के मुताबिक, अभिनेता अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड है. वह महज दो साल की उम्र से भारत में रह रहे हैं. उन्होंने 2006 से OCI का दर्जा हासिल कर रखा है.
प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप पर उठाए सवाल
इमरान खान ने अपनी याचिका में FRRO की कार्रवाई और अपनाई गई प्रक्रिया को चुनौती दी है. उनका कहना है कि विभाग ने उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना ही देश छोड़ने का नोटिस जारी कर दिया. याचिका में यह भी सवाल उठाया गया है कि नोटिस में उस कानूनी प्रावधान का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, जिसका कथित तौर पर उल्लंघन किया गया है.
अभिनेता के अनुसार, 10 अक्टूबर को वह मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान और नाना चौक के पास पहुंचे थे. वहां मीडिया कर्मियों ने उन्हें घेर लिया और पुलिस ने हिरासत में ले लिया. उन्होंने दावा किया कि वह न तो प्रदर्शन के आयोजक थे और न ही उसमें सक्रिय रूप से शामिल हुए थे. वह केवल वहां क्या हो रहा है, यह देखने पहुंचे थे.
OCI कार्ड रद्द करने को लेकर भी जारी हुआ नोटिस
अभिनेता की टीम के अनुसार, हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होने के बाद FRRO ने एक विस्तृत कारण बताओ नोटिस भी जारी किया. इसमें 10 अक्टूबर की सभा में उनकी कथित मौजूदगी के आधार पर OCI पंजीकरण रद्द करने की संभावना पर जवाब मांगा गया.
याचिका में बताया गया है कि इमरान खान को उनके परिवार के सदस्यों के साथ येलो गेट पुलिस स्टेशन ले जाया गया था और बाद में छोड़ दिया गया. इस मामले में 10 अक्टूबर को मुंबई के गामदेवी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत FIR भी दर्ज की गई थी.
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7 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
इमरान खान ने अदालत में दलील दी है कि उनके खिलाफ जारी नोटिस गंभीर परिणाम वाला है और बिना उचित सुनवाई के उन्हें भारत छोड़ने का निर्देश देना अनुचित है. उन्होंने नोटिस रद्द करने और FRRO द्वारा इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों एवं तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने अपील की है कि मामले की सुनवाई पूरी होने तक उन्हें भारत से हटाने, निर्वासित करने, ब्लैकलिस्ट करने या उनके OCI दर्जे को प्रभावित करने वाली कोई कार्रवाई न की जाए. फिलहाल बॉम्बे हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत 7 दिसंबर तक बरकरार रखी है.
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