दूध और दही की बढ़ती कीमतों का असर अब कर्नाटक के लोगों के घरेलू बजट पर पड़ने वाला है. कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) ने नंदिनी ब्रांड के दूध और दही की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है. नई दरें 1 नवंबर 2026 से लागू हो गई हैं. दूध की अलग-अलग किस्मों के दाम में 8 से 12 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है. वहीं, एक किलो दही का पैकेट अब 54 रुपये की जगह 68 रुपये में मिलेगा.
इस बदलाव के बाद रोजाना दूध खरीदने वाले परिवारों को हर महीने पहले से ज्यादा खर्च करना होगा. खास बात यह है कि आधा किलो दही और एक किलो दही के पैकेट की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है. आइए जानते हैं नंदिनी दूध और दही की नई रेट लिस्ट.
नंदिनी दूध की नई कीमतें क्या हैं?
KMF ने नंदिनी दूध की कई किस्मों के दाम बढ़ाए हैं. सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले ब्लू पैकेट टोंड मिल्क की कीमत 46 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 54 रुपये कर दी गई है. यानी अब ग्राहकों को एक लीटर टोंड मिल्क के लिए 8 रुपये ज्यादा देने होंगे.
होमोजेनाइज्ड टोंड मिल्क की कीमत 47 रुपये से बढ़कर 56 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं, होमोजेनाइज्ड काउ मिल्क अब 50 रुपये की जगह 58 रुपये में मिलेगा.
स्पेशल टोंड मिल्क और शुभम मिल्क की कीमत 52 रुपये से बढ़ाकर 64 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है. इसके अलावा होमोजेनाइज्ड शुभम मिल्क का नया रेट 65 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है.
नंदिनी दूध की नई रेट लिस्ट
| दूध की किस्म | पुरानी कीमत | नई कीमत |
|---|---|---|
| टोंड मिल्क | ₹46/लीटर | ₹54/लीटर |
| होमोजेनाइज्ड टोंड मिल्क | ₹47/लीटर | ₹56/लीटर |
| होमोजेनाइज्ड काउ मिल्क | ₹50/लीटर | ₹58/लीटर |
| स्पेशल टोंड मिल्क | ₹52/लीटर | ₹64/लीटर |
| शुभम मिल्क | ₹52/लीटर | ₹64/लीटर |
| होमोजेनाइज्ड शुभम मिल्क | ₹53/लीटर | ₹65/लीटर |
एक किलो दही खरीदने के लिए देने होंगे ₹68
दूध के साथ-साथ नंदिनी दही की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है. अब आधा किलो दही का पैकेट 28 रुपये की जगह 34 रुपये में मिलेगा. यानी आधा किलो दही पर ग्राहकों को 6 रुपये ज्यादा खर्च करने होंगे.
वहीं, एक किलो दही का पैकेट 54 रुपये से बढ़कर 68 रुपये का हो गया है. इस तरह एक किलो दही खरीदने पर अब 14 रुपये अतिरिक्त देने होंगे.
नंदिनी दही की नई कीमतें
| दही का पैकेट | पुरानी कीमत | नई कीमत |
|---|---|---|
| 500 ग्राम | ₹28 | ₹34 |
| 1 किलो | ₹54 | ₹68 |
दूध और दही के दाम क्यों बढ़ाए गए?
कर्नाटक सरकार और KMF के मुताबिक, दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला डेयरी किसानों को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है. राज्य में सूखे जैसी स्थिति, पशुओं के चारे की बढ़ती कीमत और दूध उत्पादन में कमी के कारण किसानों का खर्च बढ़ा है.
सरकार के फैसले के अनुसार, दूध की कीमत में की गई 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी में से 7 रुपये सीधे किसानों को दिए जाएंगे. बाकी 1 रुपया मिल्क यूनियनों को मिलेगा. इस रकम का इस्तेमाल पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और अन्य खर्चों को पूरा करने के लिए किया जाएगा.
सरकार का कहना है कि किसानों को दूध का बेहतर मूल्य मिलने से उत्पादन और डेयरी कारोबार को बनाए रखने में मदद मिलेगी.
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ग्राहकों के घरेलू बजट पर पड़ेगा असर
नंदिनी दूध और दही का इस्तेमाल कर्नाटक में बड़ी संख्या में परिवार रोजाना करते हैं. ऐसे में नई कीमतों का असर सीधे घरेलू खर्च पर पड़ सकता है. खासकर उन परिवारों को ज्यादा खर्च करना होगा जो रोजाना एक से अधिक लीटर दूध या दही के बड़े पैकेट खरीदते हैं.
नई दरें 1 नवंबर 2026 से लागू हो चुकी हैं. इसलिए अब ग्राहकों को नंदिनी के अलग-अलग दूध और दही पैकेट खरीदने के लिए नई कीमतें चुकानी होंगी.
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