Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई और लखनऊ की सीमा पर औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने वाली है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 1,947 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले संत कबीर पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल एंड अपैरल पार्क को मंजूरी दे दी गई. करीब 1,000 एकड़ में विकसित होने वाला यह पार्क कपड़ा और परिधान उद्योग का बड़ा केंद्र बन सकता है. परियोजना से एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है.
संडीला के कारोबारियों को भी मिलेगा बड़ा फायदा
इस परियोजना का असर केवल हरदोई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संडीला औद्योगिक क्षेत्र और आसपास के कारोबारियों को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है. पार्क में कपड़ा और परिधान उद्योग से जुड़ी विभिन्न इकाइयां स्थापित होंगी. इससे मशीनरी, कच्चे माल, पैकेजिंग, भंडारण और परिवहन जैसे क्षेत्रों में कारोबार बढ़ सकता है.
स्थानीय छोटे और मध्यम उद्यम बड़ी कंपनियों की सप्लाई चेन से जुड़कर अपने कारोबार का विस्तार कर सकेंगे. इसके अलावा ट्रांसपोर्टरों, गोदाम संचालकों और औद्योगिक उपकरणों से जुड़े व्यापारियों के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं.
एक लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार की उम्मीद
संत कबीर पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क के स्थापित होने से तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों तरह की नौकरियों के अवसर पैदा होने की संभावना है. मशीन संचालन, गुणवत्ता जांच, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग, परिवहन, प्रबंधन, रखरखाव और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में रोजगार मिल सकता है.
हालांकि, रोजगार के वास्तविक अवसर पार्क में स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों, निवेश और उत्पादन क्षमता पर निर्भर करेंगे. स्थानीय युवाओं को इन अवसरों का लाभ दिलाने के लिए उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल प्रशिक्षण भी जरूरी होगा.
मलिहाबाद के अटारी गांव में बनेगा टेक्सटाइल पार्क
केंद्र सरकार की पीएम मित्र योजना के तहत इस पार्क को लखनऊ की मलिहाबाद तहसील के अटारी गांव में विकसित करने का प्रस्ताव है. रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को परियोजना का मास्टर डेवलपर चुना गया है. इसका उद्देश्य कपड़ा उद्योग की अलग-अलग गतिविधियों को एक ही परिसर में लाना है, जिससे कच्चे माल से लेकर तैयार कपड़ों की आपूर्ति तक की प्रक्रिया आसान हो सके.
स्थानीय युवाओं और व्यापारियों को बड़ी उम्मीद
इस परियोजना को लेकर स्थानीय युवाओं और व्यापारियों में उत्साह है. शिवांश सिंह का कहना है कि टेक्सटाइल पार्क बनने से स्थानीय युवाओं को अपने परिवार के करीब रहकर रोजगार करने का अवसर मिल सकता है. वहीं, रमन के मुताबिक यहां तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों क्षेत्रों में नौकरियां बढ़ेंगी, लेकिन युवाओं को प्रशिक्षण और प्राथमिकता देना जरूरी है. भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के युवा जिला अध्यक्ष अवनीश त्रिवेदी ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के आने से पैकेजिंग सामग्री, परिवहन और मशीनरी की मांग बढ़ेगी. स्थानीय उद्यमियों को इन इकाइयों से जोड़ने की पहल होनी चाहिए. युवा जिला उपाध्यक्ष अश्वनी कुमार ने भी कहा कि टेक्सटाइल पार्क से ट्रांसपोर्ट, गोदाम, खानपान और छोटे कारोबारों को फायदा मिल सकता है. उन्होंने परियोजना के साथ सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया.


