दिल्ली के पुराने शहर के चावड़ी बाजार इलाके में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिरने की दर्दनाक घटना के बाद दिल्ली सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले में संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) को सस्पेंड करने की घोषणा की है. इसके साथ ही निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे ठेकेदार और बिल्डर के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि हादसे में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों को भी बख्शा नहीं जाएगा.
इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि चार अन्य लोग घायल बताए गए हैं. घटनास्थल पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया. मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के बाद दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. उन्होंने बताया कि नगर निगम ने संबंधित JE और AE को सस्पेंड कर दिया है. वहीं, निर्माण की निगरानी कर रहे ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज की गई है.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, ठेकेदार की जिम्मेदारी थी कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए जाएं. लेकिन सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा गया. उन्होंने कहा कि जांच में जिस भी अधिकारी की लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लोग कई बार अपने मकान बनवाते समय सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज कर देते हैं. ऐसी लापरवाही लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकती है. इसलिए किसी भी निर्माण कार्य में सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए.
निर्माण का नक्शा पास नहीं होने की बात आई सामने
इस हादसे के बाद नगर निगम की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, MCD की ओर से पता चला है कि संबंधित निर्माण के लिए कोई बिल्डिंग प्लान मंजूर नहीं कराया गया था. ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण कार्य कैसे जारी रहा.
हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की आगे की जांच से ही हादसे का सही कारण सामने आएगा. फिलहाल निर्माण से जुड़े लोगों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण होगी.
गुरुवार सुबह भरभराकर गिरी तीन मंजिला इमारत
यह हादसा गुरुवार सुबह पुराने दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में हुआ. निर्माणाधीन इमारत गली सत्तारा, शीश महल में चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास स्थित थी. बताया गया है कि इमारत ग्राउंड प्लस दो मंजिल की थी.
दिल्ली फायर सर्विस को सुबह करीब 9:50 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली. इसके बाद कई फायर टेंडर और बचाव दल मौके पर भेजे गए. मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया.
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, हादसे में कम से कम दो लोगों की मौत हुई और चार लोग घायल हुए. मुख्यमंत्री ने भी दो शव बरामद होने और एक घायल व्यक्ति को बचाए जाने की जानकारी दी. बचाव अभियान के दौरान अलग-अलग एजेंसियों ने मौके पर काम किया.
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, एक साथ गिरे कई लिंटर
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने इमारत गिरने की घटना को लेकर जानकारी दी. प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद नईम ने बताया कि इमारत से तेज आवाज आई और कुछ ही देर में ढांचा नीचे आ गया.
उन्होंने कहा कि इमारत में तीन या चार लिंटर पहले ही डाले जा चुके थे और वे सभी एक साथ गिर गए. उनके मुताबिक, भवन में पिछले तीन से चार महीनों से निर्माण कार्य चल रहा था.
अवैध निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
चावड़ी बाजार जैसे पुराने और घनी आबादी वाले इलाके में कई आवासीय और व्यावसायिक इमारतें एक-दूसरे के बेहद करीब बनी हुई हैं. ऐसे इलाकों में पुरानी इमारतों की स्थिति और नए निर्माण के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन महत्वपूर्ण हो जाता है.
इस हादसे ने एक बार फिर अनधिकृत निर्माण, भवनों की मजबूती और नगर निगम की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं. फिलहाल दो इंजीनियरों का निलंबन और ठेकेदार के खिलाफ FIR प्रशासन की शुरुआती कार्रवाई है. हादसे की असली वजह और जिम्मेदारी किसकी थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.


