Ayodhya Deepotsav 2026: दीपोत्सव 2026 के भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने के लिए विश्वविद्यालय परिसर से बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों का समूह बसों के माध्यम से राम की पैड़ी पहुंचा. राम की पैड़ी पहुंचते ही स्वयंसेवकों ने अपने-अपने निर्धारित घाटों पर मोर्चा संभाल लिया और पूरी स्फूर्ति, निष्ठा एवं अनुशासन के साथ दीप बिछाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है.
इस वर्ष दीपोत्सव को और अधिक भव्यता प्रदान करने तथा नया कीर्तिमान स्थापित करने के उद्देश्य से सभी 56 घाटों पर कुल 30 लाख दीप बिछाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस वृहद लक्ष्य की समयबद्ध प्राप्ति के लिए विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ स्थानीय संबद्ध महाविद्यालयों एवं इंटरमीडिएट कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को भी स्वयंसेवकों के रूप में बड़ी संख्या में लगाया गया है.
सभी 56 घाटों पर दीपों की श्रृंखला को सजाने का लक्ष्य रखा गया है. दीपोत्सव 2026 की सहभागिता में विश्वविद्यालय परिसर, संबद्ध महाविद्यालयों एवं स्थानीय इंटरमीडिएट कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं.
विश्वविद्यालय परिसर से आरक्षित बसों द्वारा स्वयंसेवकों का राम की पैड़ी तक सुगम आवागमन के लिए लगाया गया है. सभी स्वयंसेवकों को निर्धारित घाट पर रहने का निर्देश भी जारी किया गया है.
घाटों पर सुबह से ही छात्र-छात्राओं में अपूर्व उत्साह और ऊर्जा देखने को मिल रही है. घाट समन्वयकों एवं प्रभारियों के दिशा-निर्देशन में स्वयंसेवक निर्धारित ब्लॉक और कतारों में दीपों को सुव्यवस्थित ढंग से सजा रहे हैं, ताकि मुख्य आयोजन के दिन तेल बाती एवं प्रज्वलन का कार्य सुगमता से संपन्न हो सके. कुलपति डॉ. विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार घाटों का भ्रमण कर कार्यों की प्रगति की सघन मॉनिटरिंग की जा रही है.
यह भी पढ़ें- हिरियूर उपचुनाव से पहले DK शिवकुमार का बड़ा दांव, 2,238 करोड़ के विकास कार्यों का ऐलान, BJP ने घेरा
यह भी पढ़ें- ‘King 100’ में तब्बू की दमदार एंट्री, 55वें जन्मदिन पर हुआ किरदार का खुलासा, नागार्जुन से 30 साल बाद फिर जमेगी जोड़ी


