Ayodhya News: विश्व प्रसिद्ध ‘दीपोत्सव 2026’ को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए सरयू तट के विभिन्न घाटों पर चल रही तैयारियों का कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने आज सघन निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान कुलपति ने घाटों पर बिछाए जा रहे दीपों के विन्यास (लेआउट) और निर्धारित मानकों का बारीकी से अवलोकन किया तथा उनमें आवश्यक सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए. उपराष्ट्रपति के मुख्य अतिथि के तौर पर आगमन को देखते हुए सभी घाटों पर पुख्ता तैयारियां की जा रही हैं. दीपोत्सव 2026 के भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा.
इस भव्य आयोजन के क्रम में सभी घाटों पर स्वयंसेवक, पर्यवेक्षक, समन्वयक और घाट प्रभारी नियमित तौर पर कार्य कर रहे हैं तथा स्वयंसेवकों में प्रबल उत्साह दिखाई दे रहा है. इस बार कई प्रमुख घाटों पर भारतीय संस्कृति के शुभ प्रतीकों स्वास्तिक, कमल और चक्रपूर्णा थीम पर आकर्षक रंगोली भी बनाई गई है.
घाटों पर कार्यरत स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि सांस्कृतिक नगरी अयोध्या में ‘दीपोत्सव 2026’ के आयोजन के सफल निर्वहन का मुख्य दायित्व स्वयंसेवकों के कंधों पर है. उन्होंने कहा कि सप्तपुरियों में से एक अयोध्या की इस पावन भूमि पर सभी देवी-देवताओं का निवास है और प्रभु श्री राम के आगमन के इस महापर्व का हिस्सा बनना हम सभी का परम सौभाग्य है.
कुलपति ने रेखांकित किया कि दीपोत्सव के माध्यम से विश्व भर में हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संदेश दिया जा रहा है और यह उत्सव दुनिया भर में फैल रही अयोध्या की कीर्ति का जीवंत प्रतीक है. उन्होंने इस महाआयोजन में अयोध्या वासियों के समर्पित सहयोग को अत्यंत अनुकरणीय बताया.
दीपोत्सव के नोडल प्रभारी प्रो. एस.एस. मिश्र ने तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय कंट्रोल रूम से सभी घाटों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति के लिए लगातार अपडेट लिया जा रहा है.
प्रो. मिश्र ने बताया कि दीपोत्सव 2026 को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए कुल 56 घाटों पर 35,000 स्वयंसेवकों के साथ 900 घाट समन्वयक, 112 घाट प्रभारी और 27 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, जो पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं. निरीक्षण टीम में दीपोत्सव नोडल प्रभारी प्रो एस एस मिश्र, प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. संग्राम सिंह, प्रो. फर्रुख जमाल, प्रो. सी के मिश्र, डॉ राणा रोहित सिंह, डॉ. डी एन वर्मा रहे.
यह भी पढ़ें- मुंबई में 14 इंटरनेशनल रूट की उड़ानें होंगी शिफ्ट, नवी मुंबई एयरपोर्ट से भरेंगी उड़ान, जानें किन देशों पर पड़ेगा असर
यह भी पढ़ें- चावड़ी बाजार में तीन मंजिला इमारत ढहने के बाद बड़ी कार्रवाई, MCD के JE और AE सस्पेंड, बिल्डर पर FIR


