देश में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी NTPC लिमिटेड ने अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है. कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2032 तक स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता को मौजूदा 91 गीगावाट (GW) से बढ़ाकर 149 GW करना है. इसके लिए करीब 58 GW की अतिरिक्त क्षमता विकसित की जाएगी.
NTPC के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) गुरदीप सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित KPMG ENRich 2026 कार्यक्रम के दौरान कंपनी की इस विस्तार योजना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा समेत अलग-अलग ऊर्जा स्रोतों के जरिए अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है.
इसके साथ ही NTPC ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी अपनी योजनाएं तेज कर दी हैं. कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2037 तक करीब 30 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करना है. इस विस्तार से देश की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने और ऊर्जा पोर्टफोलियो को मजबूत बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
2032 तक 149 GW क्षमता हासिल करने का लक्ष्य
NTPC की मौजूदा स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता करीब 91 GW है. कंपनी इसे वर्ष 2032 तक बढ़ाकर 149 GW करना चाहती है. यानी आने वाले वर्षों में करीब 58 GW की अतिरिक्त क्षमता विकसित की जाएगी.
इस विस्तार में नवीकरणीय ऊर्जा सहित विभिन्न ऊर्जा स्रोतों को शामिल किया जाएगा. कंपनी का उद्देश्य अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो को मजबूत करना और देश में बिजली की लगातार बढ़ती मांग के अनुरूप उत्पादन क्षमता तैयार करना है.
NTPC की यह योजना ऐसे समय में सामने आई है, जब देश में बिजली की खपत और मांग में तेजी देखी जा रही है. ऐसे में उत्पादन क्षमता का विस्तार भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
2037 तक 30 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य
NTPC अपनी दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति में परमाणु ऊर्जा को भी महत्वपूर्ण स्थान दे रही है. कंपनी ने वर्ष 2037 तक करीब 30 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है.
KPMG ENRich 2026 कार्यक्रम में गुरदीप सिंह ने कहा कि वर्ष 2037 के लिए निर्धारित 250 GW क्षमता में से करीब 30 GW परमाणु ऊर्जा से हासिल करने की योजना है.
इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कंपनी अलग-अलग राज्यों में संभावित परियोजनाओं पर काम कर रही है. NTPC मध्य प्रदेश, बिहार और ओडिशा में प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं की फीजिबिलिटी स्टडी पूरी कर चुकी है.
कंपनी भविष्य में परमाणु ऊर्जा क्षमता विकसित करने के लिए दूसरे राज्यों में भी संभावित स्थानों की तलाश कर रही है. इससे साफ है कि NTPC आने वाले वर्षों में अपने बिजली उत्पादन के पारंपरिक स्रोतों के साथ परमाणु ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है.
मध्य प्रदेश, बिहार और ओडिशा में परियोजनाओं की स्टडी पूरी
NTPC ने परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए मध्य प्रदेश, बिहार और ओडिशा में व्यवहार्यता संबंधी अध्ययन यानी फीजिबिलिटी स्टडी पूरी कर ली है.
इस अध्ययन का उद्देश्य प्रस्तावित परियोजनाओं की संभावनाओं का आकलन करना है. कंपनी अन्य राज्यों में भी संभावित स्थानों की पहचान कर रही है, ताकि भविष्य में अपने परमाणु ऊर्जा विस्तार के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ सके.
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन राज्यों में परियोजनाओं की निर्माण शुरुआत, लागत या उत्पादन शुरू होने की तारीख का विवरण नहीं दिया गया है.
अक्टूबर में बिजली की मांग 21% बढ़ी
NTPC की क्षमता विस्तार योजना ऐसे समय में सामने आई है, जब देश में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है. गुरदीप सिंह के मुताबिक, अक्टूबर में बिजली की मांग में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह महीने-दर-महीने बढ़ रही है.
उन्होंने वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिति का भी जिक्र किया. सिंह ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है, लेकिन भारत ने ऊर्जा कीमतों को संभालने में मजबूती दिखाई है.
बिजली की मांग में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण उत्पादन क्षमता का विस्तार और ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना महत्वपूर्ण हो गया है.
देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मजबूत होगी NTPC की भूमिका
NTPC की 149 GW क्षमता हासिल करने की योजना और परमाणु ऊर्जा पर बढ़ता फोकस देश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए अहम है. कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा सहित अलग-अलग स्रोतों के जरिए अपने पोर्टफोलियो को मजबूत करना चाहती है.
अगर कंपनी अपनी तय योजनाओं को पूरा करती है, तो भविष्य में देश की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में उसकी भूमिका और मजबूत हो सकती है. साथ ही, ऊर्जा स्रोतों में विविधता आने से भारत के ऊर्जा मिश्रण को अधिक टिकाऊ बनाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है.
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