जम्मू-कश्मीर में श्री अमरनाथजी यात्रा 2026 के दौरान श्रद्धालुओं के ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण को सुचारु और परेशानी मुक्त बनाने के लिए जिला मुख्यालय जम्मू में 75 डेटा एंट्री ऑपरेटरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया. यह प्रशिक्षण जिला सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) जम्मू द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें ऑपरेटरों को ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन और eKYC प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई.
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यात्रा के दौरान पंजीकरण प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके. अधिकारियों ने ऑपरेटरों को यात्रियों के डेटा प्रबंधन, पहचान सत्यापन और डिजिटल पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी.
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यात्रियों के लिए ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण सुविधा महाजन हॉल, शालीमार और तवी रिवरफ्रंट, जम्मू में उपलब्ध रहेगी. वहीं साधु-संतों के लिए गीता भवन, परेड और श्री राम मंदिर, पुरानी मंडी को निर्धारित केंद्र बनाया गया है.
प्रशासन ने यह भी बताया कि जिन श्रद्धालुओं का पंजीकरण non-eKYC श्रेणी में हुआ है, उन्हें eKYC में परिवर्तित करने की सुविधा जम्मू रेलवे स्टेशन और यात्री निवास भगवती नगर में उपलब्ध होगी.
पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों से यात्रा करने वाले श्रद्धालु इन पंजीकरण केंद्रों का उपयोग कर सकेंगे. सफल ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण के बाद यात्रियों को RFID कार्ड जारी किए जाएंगे, जो यात्रा के लिए अनिवार्य होंगे. बिना RFID कार्ड के किसी भी यात्री को यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से पहले ही शुरू हो चुकी है. जबकि ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण के लिए टोकन वितरण 30 जून से शुरू होगा. इसके बाद 1 जुलाई 2026 से ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन और non-eKYC से eKYC रूपांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
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प्रशासन को उम्मीद है कि प्रशिक्षित डेटा एंट्री ऑपरेटरों की मदद से इस वर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान पंजीकरण प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी.
स्रोत. आकाशवाणी


