राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत ने अपना पहला पदक जीत लिया है. बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले झंडू कुमार ने पुरुषों की हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया. ग्लासगो में खेले गए फाइनल मुकाबले में उन्होंने 190 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाकर भारत का मेडल खाता खोला.
190 किलोग्राम वजन उठाकर जीता कांस्य
झंडू कुमार ने प्रतियोगिता की शुरुआत 181 किलोग्राम के सफल प्रयास से की. इसके बाद दूसरे प्रयास में उन्होंने 190 किलोग्राम वजन उठाया और 130.9 अंक हासिल करते हुए तीसरा स्थान सुनिश्चित किया.
तीसरे प्रयास में उन्होंने 196 किलोग्राम वजन उठाने की कोशिश की. यदि यह प्रयास सफल होता तो वह बर्मिंघम 2022 राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड भी तोड़ सकते थे, लेकिन वह इस प्रयास को पूरा नहीं कर सके.
हल्के वजन वर्ग में भारत पदक से चूका
पैरा पावरलिफ्टिंग के अन्य मुकाबलों में भारत को पदक नहीं मिल सका.
- अशोक मलिक पुरुषों के लाइटवेट फाइनल में 200 किलोग्राम का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए चौथे स्थान पर रहे.
- परमजीत कुमार सातवें स्थान पर रहे.
- महिला वर्ग में जसप्रीत कौर छठे, सुमन देवी सातवें स्थान पर रहीं.
- वहीं कस्तूरी राजामणि हेवीवेट फाइनल में कोई वैध लिफ्ट दर्ज नहीं कर सकीं.
संघर्षों को पीछे छोड़ अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचे
झंडू कुमार की सफलता उनके संघर्षपूर्ण सफर को भी दर्शाती है. बचपन में पोलियो से प्रभावित होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. आर्थिक कठिनाइयों के बीच परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए उन्होंने लगातार मेहनत की और पैरा पावरलिफ्टिंग में अपनी पहचान बनाई.
उनकी लगन और अनुशासित प्रशिक्षण ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने तक पहुंचाया.
प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर झंडू कुमार को बधाई देते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की.
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उन्होंने कहा कि झंडू कुमार की उपलब्धि उनकी असीम शक्ति, अटूट संकल्प और वर्षों की अनुशासित मेहनत का प्रतीक है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी चुनौतियों को पार कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उन्होंने पूरे देश को गौरवान्वित किया है और अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया है.


