Developed UP 2047: सीएम ने प्रदेश के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए “विकसित यूपी@2047” विजन के तहत शहरी क्षेत्रों को आधुनिक, डिजिटल और विश्वस्तरीय बनाने का व्यापक रोडमैप तैयार किया है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरों में जीवन को आसान बनाना, नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना और संतुलित व सतत विकास के जरिए लोगों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करना है.
लखनऊ को स्टेट कैपिटल रीजन
इस विजन के तहत लखनऊ को स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के रूप में विकसित किया जाएगा. साथ ही प्रदेश में कई क्षेत्रीय आर्थिक केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो निवेश और रोजगार के नए हब बनेंगे. सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा.
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सरकार का लक्ष्य
शहरी परिवहन को आधुनिक बनाने के लिए मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम विकसित किया जाएगा, जिसमें मेट्रो, रैपिड रेल, इलेक्ट्रिक बसें और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट शामिल होंगे. सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन की हिस्सेदारी को 25% तक बढ़ाना है, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में कमी आएगी. ‘लिवेबल सिटीज मिशन’ के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा और बाजार जैसी सुविधाएं लोगों को 15 मिनट के दायरे में उपलब्ध कराने की योजना है.
यूपी शहरी विकास योजना
शहरी प्रशासन को पारदर्शी बनाने के लिए जीआईएस आधारित संपत्ति मानचित्रण और कर प्रणाली लागू होगी. साथ ही एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के जरिए शहरों की रियल-टाइम निगरानी की जाएगी. सभी शहरी निकायों में 100% डिजिटल सेवाएं सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा, हर जिले में विकास प्राधिकरण, 100% जल आपूर्ति और थीम आधारित टाउनशिप विकसित करने की योजना भी शामिल है.
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ‘स्पंज सिटी’ पहल को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें वर्षा जल संचयन, तालाबों का पुनर्जीवन और प्राकृतिक जल निकासी तंत्र को मजबूत किया जाएगा. साथ ही कचरे से ऊर्जा उत्पादन कर ‘जीरो लैंडफिल’ शहरों की दिशा में काम किया जाएगा.
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विकसित यूपी@2047 का ब्लूप्रिंट तैयार
सरकार का फोकस समावेशी विकास पर भी है, जिसमें कमजोर और निम्न आय वर्ग के लिए आवास योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा. मिश्रित भूमि उपयोग और योजनाबद्ध शहरीकरण के जरिए सभी वर्गों के लिए बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित किया जाएगा. इस व्यापक रोडमैप के जरिए उत्तर प्रदेश के शहरों को आत्मनिर्भर, आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि 2047 तक प्रदेश विकास की दौड़ में अग्रणी बन सके.


