उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के पथरी क्षेत्र स्थित शिवगढ़ में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. जांच में सामने आया है कि मंदिर की गद्दी को लेकर हुए विवाद के चलते दो साधुओं की हत्या की गई थी. पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है.
मंदिर परिसर में दफन मिले थे दोनों साधुओं के शव
हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार, दो दिन पहले शिव मंदिर परिसर में साधु पारस गिरी और सेवा गिरी की हत्या कर उनके शव मंदिर परिसर में ही गड्ढा खोदकर दफना दिए गए थे. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश शुरू की.
जंगल से तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए काठा पीर के जंगल से फरार चल रहे तीन आरोपियों अंकुर उर्फ अखिल गिरी, आशु और राममिलन को गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किया गया एक पाटल और दो फावड़े भी बरामद किए गए हैं.
उत्तराधिकारी घोषित करने के बाद बढ़ा विवाद
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना वाली रात साधु पारस गिरी ने सेवा गिरी को पगड़ी पहनाकर मंदिर की गद्दी का उत्तराधिकारी घोषित किया था. इसी बात से नाराज होकर चारों आरोपियों ने वारदात की साजिश रची.
बताया गया कि आरोपियों ने पहले मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरे बंद किए, फिर सेवा गिरी की गला रेतकर हत्या कर दी. इसके बाद पारस गिरी पर भी हमला कर उनकी हत्या कर दी गई.
वारदात के बाद शवों को मंदिर परिसर में दफनाया
दोनों साधुओं की हत्या के बाद आरोपियों ने मंदिर परिसर में गड्ढा खोदकर शवों को वहीं दफना दिया. पुलिस के अनुसार, घटना के दौरान मंदिर में मौजूद उत्तम झा को भी आरोपियों ने धमकाया. उसका मोबाइल फोन और सिम कार्ड तोड़ दिए गए तथा घटना की जानकारी किसी को न देने के लिए उसे वहां से दूर चले जाने को कहा गया.
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चौथे आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं चौथे फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है. पुलिस का कहना है कि उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
स्रोत: हरिद्वार पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी एवं एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर का बयान.


