नई दिल्ली: भारत और उज्बेकिस्तान ने अपने आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. दोनों देशों ने अगले तीन वर्षों के भीतर द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य पर सहमति व्यक्त की है. इस संबंध में दोनों देशों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में व्यापार, निवेश, उद्योग और आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने के विभिन्न उपायों पर चर्चा की गई.
यह सहमति भारत-उज्बेकिस्तान अंतर-सरकारी आयोग (Intergovernmental Commission) की 14वीं बैठक के दौरान बनी. बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने आर्थिक सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा की और भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श किया.
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व्यापारिक संबंधों को नई गति देने पर जोर
बैठक के दौरान दोनों देशों ने माना कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापार और निवेश की संभावनाएं काफी व्यापक हैं. वर्तमान व्यापारिक स्तर को देखते हुए दोनों पक्षों ने इसे अगले तीन वर्षों में दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया.
प्रतिनिधियों ने कहा कि व्यापार बढ़ाने के लिए व्यावसायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना, व्यापारिक संपर्क बढ़ाना और उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत करना आवश्यक होगा.
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बेहतर आर्थिक सहयोग से मध्य एशिया क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिल सकती है.
निवेश और उद्योग क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
बैठक में निवेश को प्रोत्साहित करने और उद्योगों के बीच साझेदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया.
दोनों देशों ने विनिर्माण, औद्योगिक विकास और व्यापारिक साझेदारी को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई. साथ ही निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और नए निवेश अवसरों की पहचान करने पर भी चर्चा की गई.
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच बढ़ता आर्थिक सहयोग दोनों देशों के उद्योग जगत के लिए नए अवसर लेकर आ सकता है.
कई क्षेत्रों में मौजूद हैं संभावनाएं
बैठक के दौरान फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया.
दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि इन क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाकर व्यापार को नई दिशा दी जा सकती है. भारत की तकनीकी क्षमता और उज्बेकिस्तान की क्षेत्रीय संभावनाएं मिलकर आर्थिक विकास को गति दे सकती हैं.
क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने पर चर्चा
भारत और उज्बेकिस्तान ने बेहतर कनेक्टिविटी और व्यापारिक संपर्क को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया.
दोनों पक्षों ने माना कि बेहतर परिवहन और लॉजिस्टिक सुविधाएं व्यापार वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इसके लिए विभिन्न क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्क परियोजनाओं पर सहयोग जारी रखने की बात कही गई.
विशेषज्ञों के अनुसार बेहतर संपर्क व्यवस्था व्यापार लागत को कम करने और बाजारों तक पहुंच आसान बनाने में मदद कर सकती है.
आर्थिक सहयोग को मिलेगा नया आयाम
बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं. दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंध भी मजबूत हैं.
पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय यात्राओं और विभिन्न समझौतों के माध्यम से सहयोग के नए आयाम विकसित हुए हैं. अब व्यापार और निवेश पर बढ़ता फोकस इस साझेदारी को और मजबूत बना सकता है.
निजी क्षेत्र की भूमिका होगी महत्वपूर्ण
दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि व्यापारिक लक्ष्य हासिल करने में निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.
व्यापारिक संगठनों, उद्योग संघों और निवेशकों को अधिक अवसर प्रदान करने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे.
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी सहयोग के साथ-साथ निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी व्यापार विस्तार के लक्ष्य को प्राप्त करने में अहम साबित होगी.
मध्य एशिया में भारत की आर्थिक मौजूदगी मजबूत होगी
उज्बेकिस्तान मध्य एशिया का एक महत्वपूर्ण देश है और भारत लंबे समय से इस क्षेत्र के साथ अपने आर्थिक संबंधों को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है.
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापार बढ़ने से न केवल दोनों देशों को आर्थिक लाभ मिलेगा बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा.
विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल भारत की मध्य एशिया नीति को मजबूत करने में भी सहायक सिद्ध हो सकती है.
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भविष्य की संभावनाएं
भारत और उज्बेकिस्तान द्वारा व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य दोनों देशों की मजबूत आर्थिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है.
यदि प्रस्तावित सहयोग योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तो आने वाले वर्षों में व्यापार, निवेश और उद्योग क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है.
व्यापारिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल दोनों देशों के व्यवसायों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल सकती है तथा आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई प्रदान कर सकती है.
स्रोत. News On Air.


