Weather Update 29 June 2026: देशभर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है. एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून कई राज्यों में सक्रिय बना हुआ है और पूर्वोत्तर भारत से लेकर पूर्वी, मध्य, पश्चिमी तथा दक्षिण भारत के अनेक हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश और उससे लगे क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक भीषण गर्मी और लू लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 29 जून 2026, सोमवार से आगामी पांच दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई स्थानों पर 7 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है. कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है.
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पूर्वोत्तर भारत में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है.
29 जून तक उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यंत भारी वर्षा की स्थिति बन सकती है. वहीं असम और मेघालय में भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन तथा नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है.
अरुणाचल प्रदेश में 30 जून से 2 जुलाई तक भारी वर्षा तथा 27 से 29 जून के दौरान कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 27 जून से 3 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है.
उत्तर प्रदेश में लू और भीषण गर्मी से राहत अभी नहीं
बारिश का दायरा बढ़ने के बावजूद उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर अभी बना रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जून तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 27 से 29 जून तक लू चलने की संभावना है. इनमें 27 और 28 जून को कुछ स्थानों पर भीषण लू की स्थिति भी बन सकती है.
29 जून से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 जून तक कई स्थानों पर वर्षा की संभावना बनी रहेगी. 1 से 3 जुलाई के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक वर्षा दर्ज हो सकती है. इसके साथ 30 जून से 3 जुलाई के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज हवा, गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंके चल सकते हैं.
उत्तर-पश्चिम भारत में धीरे-धीरे बदलेगा मौसम
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 29 जून तक हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने की संभावना है. 30 जून से 3 जुलाई के बीच इन क्षेत्रों में वर्षा का दायरा और बढ़ सकता है.
हिमाचल प्रदेश में 30 जून तक छिटपुट बारिश के बाद 1 से 3 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा की संभावना है. उत्तराखंड में भी 30 जून से 3 जुलाई तक अच्छी बारिश होने का अनुमान है. इन दोनों राज्यों में कई स्थानों पर भारी वर्षा तथा तेज हवाओं के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है.
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 3 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. 1 से 3 जुलाई के दौरान इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. पंजाब में 30 जून तक कुछ स्थानों पर गरज और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है.
राजस्थान में पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में 3 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का पूर्वानुमान है. पूर्वी राजस्थान में तेज हवाओं और गरज-चमक की गतिविधियां भी जारी रह सकती हैं.
मध्य भारत में बारिश होगी तेज
मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 3 जुलाई तक तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना है. 2 और 3 जुलाई को पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा का दायरा बढ़ सकता है.
विदर्भ में 28 जून से 3 जुलाई तक व्यापक वर्षा का अनुमान है, जबकि छत्तीसगढ़ में 27 जून से 3 जुलाई तक लगातार अच्छी बारिश होने की संभावना है.
मध्य प्रदेश, विदर्भ और आसपास के इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 29 और 30 जून तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में 29 जून को भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है. विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी 3 जुलाई तक कई स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी है.
पूर्वी भारत में बढ़ेगा मानसून का असर
गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार में आने वाले दिनों में मानसून अधिक सक्रिय रहेगा.
29 जून से 3 जुलाई तक झारखंड में व्यापक वर्षा की संभावना है. बिहार में 29 जून से 1 जुलाई तक कई स्थानों पर अच्छी बारिश हो सकती है. बिहार में 29 और 30 जून को कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान है.
ओडिशा में 30 जून और 1 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. वहीं गंगीय पश्चिम बंगाल में 30 जून और 1 जुलाई के दौरान भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है.
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 1 जुलाई तक तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. यहां 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है.
पश्चिम भारत में मानसून रहेगा सक्रिय
कोंकण और गोवा में 3 जुलाई तक व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है. मध्य महाराष्ट्र में 3 जुलाई को बारिश का दायरा बढ़ सकता है.
गुजरात क्षेत्र, मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र-कच्छ में भी अगले कई दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश होती रहेगी. कोंकण और गोवा में लगातार भारी वर्षा की संभावना है. मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा तथा गुजरात क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश दर्ज की जा सकती है.
दक्षिण भारत में कई राज्यों में भारी बारिश
केरल, माहे, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, लक्षद्वीप और कर्नाटक के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा.
केरल और माहे में 30 जून से 3 जुलाई के बीच भारी वर्षा की संभावना है, जबकि 28 और 29 जून को कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा हो सकती है.
तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र, रायलसीमा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. कई क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने तथा 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.
तापमान में कब मिलेगी राहत
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 30 जून तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. इसके बाद 3 जुलाई तक तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है.
मध्य भारत में भी 30 जून तक तापमान लगभग स्थिर रहेगा, जबकि उसके बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है.
पूर्वी भारत में 28 जून तक तापमान में खास बदलाव नहीं होगा. 29 जून से 1 जुलाई के बीच अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट संभव है. देश के अन्य हिस्सों में 3 जुलाई तक तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है.
लू और उमस का अलर्ट
बिहार तथा हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 28 जून तक कुछ स्थानों पर लू की स्थिति बनी रह सकती है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 जून तक तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 जून तक लू चलने की संभावना है. इनमें शुरुआती दिनों में कुछ स्थानों पर भीषण लू की स्थिति भी बनी रह सकती है.
27 जून को झारखंड और ओडिशा में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना जताई गई थी.
लोगों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में नदी-नालों के आसपास जाने से बचें और भूस्खलन संभावित इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतें. गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें. तेज हवा और बारिश के समय कमजोर ढांचों के आसपास रुकने से बचें.
जिन क्षेत्रों में लू की चेतावनी जारी है वहां पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD) की 28 जून 2026 को जारी आधिकारिक मौसम बुलेटिन.
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FAQs
Q1. 29 जून 2026 को किन राज्यों में सबसे ज्यादा भारी बारिश की चेतावनी है?
उत्तर: IMD के अनुसार 29 जून से अगले 5 दिनों तक पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, असम-मेघालय, बिहार, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, विदर्भ, कोंकण-गोवा, केरल और अन्य कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
Q2. क्या उत्तर प्रदेश में अभी भी लू का असर बना रहेगा?
उत्तर: हां. मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 2 दिनों तक लू से भीषण लू की स्थिति बनी रह सकती है. इसके बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ने से तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना है.
Q3. किन राज्यों में तेज हवा और बिजली गिरने का खतरा है?
उत्तर: उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने तथा 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है.
Q4. तापमान में राहत कब मिलेगी?
उत्तर: IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 30 जून के बाद 3 जुलाई तक अधिकतम तापमान में 4-6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. मध्य और पूर्वी भारत में भी जुलाई की शुरुआत से तापमान में कमी आने की संभावना है.


