Weather Update 6 July 2026: देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल तट के ऊपर बना डिप्रेशन कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश का कारण बन सकता है. मौसम विभाग ने मध्य भारत, पूर्वी भारत, पश्चिमी भारत, उत्तर भारत और दक्षिण भारत के कई राज्यों के लिए अलग-अलग स्तर की बारिश, आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है.
विशेष रूप से छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, कोंकण-गोवा, गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है. वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी लगातार वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है.
बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन बना बड़ी वजह
IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल तट के ऊपर एक डिप्रेशन बना हुआ है. यही मौसम प्रणाली देश के मध्य, पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में भारी नमी पहुंचा रही है. इसके प्रभाव से अगले कई दिनों तक कई राज्यों में व्यापक बारिश देखने को मिलेगी.
इन राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश का सबसे बड़ा खतरा
मौसम विभाग ने कुछ राज्यों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है.
- छत्तीसगढ़ में 5 और 6 जुलाई को भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश.
- मध्य महाराष्ट्र में 5 और 6 जुलाई को भारी से बहुत भारी तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा.
- ओडिशा में 5 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना.
- कोंकण-गोवा और गुजरात क्षेत्र में 5 से 7 जुलाई तक अत्यधिक भारी वर्षा का दौर.
- सौराष्ट्र और कच्छ में 5 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट.
उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम
उत्तर भारत में मानसून की गतिविधियां लगातार मजबूत बनी रहेंगी.
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 5 से 11 जुलाई तक अलग-अलग चरणों में बारिश जारी रहने की संभावना है. 6 से 8 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है.
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 5 से 11 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी. हिमाचल प्रदेश में 6 और 7 जुलाई को तथा उत्तराखंड में 5 और 6 जुलाई को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की आशंका है.
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 6 से 9 जुलाई तथा 11 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है. 5 जुलाई को गरज-चमक और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक की तेज हवाएं चल सकती हैं.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 से 11 जुलाई तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 से 11 जुलाई के बीच भारी बारिश का अनुमान है. 10 और 11 जुलाई को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है.
राजस्थान में भी मानसून सक्रिय रहेगा. पूर्वी राजस्थान में 6 से 10 जुलाई के बीच कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश संभव है जबकि पश्चिमी राजस्थान में 7 और 8 जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
मध्य भारत में लगातार बरसेंगे बादल
मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 5 से 9 जुलाई तक और पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 10 जुलाई तक व्यापक वर्षा का अनुमान है. 5 से 8 जुलाई के बीच दोनों क्षेत्रों में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है. 9 और 10 जुलाई को भारी वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है.
छत्तीसगढ़ में 5 से 8 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहेगी जबकि 5 और 6 जुलाई को कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की गई है. 5 जुलाई को तेज बिजली गिरने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक की हवा चलने की भी संभावना है.
विदर्भ में 6 और 7 जुलाई को भारी बारिश तथा 5 जुलाई को कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा हो सकती है.
पूर्वी भारत में बारिश का सिलसिला रहेगा जारी
ओडिशा, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर बना रहेगा.
ओडिशा में 6 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है जबकि 5 जुलाई को अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई थी.
झारखंड में 5 से 8 जुलाई तक भारी बारिश हो सकती है.
बिहार में 6 से 8 जुलाई और 11 जुलाई को भारी वर्षा की संभावना है. 6 जुलाई को मध्यम से तीव्र बिजली गिरने की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं.
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 और 9 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है.
पूर्वोत्तर भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 से 11 जुलाई तक अलग-अलग तीव्रता की वर्षा जारी रहेगी.
अरुणाचल प्रदेश में 6 से 11 जुलाई तथा असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 से 11 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है.
5 जुलाई को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में तेज हवा, गरज और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है.
पश्चिम भारत में कई राज्यों पर रेड अलर्ट जैसी स्थिति
कोंकण और गोवा में 5 से 11 जुलाई तक लगातार व्यापक वर्षा जारी रहेगी. 5 से 7 जुलाई के बीच अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है.
गुजरात क्षेत्र में 5 से 7 जुलाई तक अत्यधिक भारी वर्षा का खतरा बना रहेगा जबकि 8 जुलाई को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश संभव है.
मध्य महाराष्ट्र में 5 और 6 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश तथा 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है.
सौराष्ट्र और कच्छ में 5 जुलाई को अत्यधिक भारी तथा 6 और 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है.
दक्षिण भारत में भी कई राज्यों में तेज बारिश
केरल, माहे, तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा.
केरल और माहे में 6 और 7 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अनुमान है.
तटीय कर्नाटक में 5 से 9 जुलाई तक तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 से 8 जुलाई तक कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है.
तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और कर्नाटक के कई हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ क्षेत्रों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक की आंधी भी संभव है.
बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी खतरा
मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की है.
राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
अंडमान-निकोबार, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक की तेज आंधी की संभावना जताई गई है.
इन इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम
जहां देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का असर रहेगा, वहीं अरुणाचल प्रदेश में 5 जुलाई तथा असम और मेघालय में 5 से 6 जुलाई के दौरान गर्म और उमस भरे मौसम की स्थिति बनी रहने की संभावना भी व्यक्त की गई है.
लोगों पर क्या पड़ेगा असर
लगातार भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम, ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क बाधित होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है. पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है. बिजली गिरने और तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी रहेगी. मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
- मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर रखें.
- भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें.
- जलभराव वाले रास्तों और तेज बहाव वाले नालों को पार करने की कोशिश न करें.
- गरज और बिजली के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें.
- वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें और दृश्यता कम होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतें.
- पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन संभावित मार्गों पर यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर लें.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD), राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान बुलेटिन, जारी 5 जुलाई 2026.
FAQ
1. 6 जुलाई 2026 को सबसे ज्यादा भारी बारिश किन राज्यों में होने की संभावना है?
6 जुलाई को छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, गुजरात, कोंकण-गोवा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान और केरल के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
2. बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन का क्या असर होगा?
इस सिस्टम के कारण मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और उत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ेंगी.
3. क्या उत्तर प्रदेश और दिल्ली में भी बारिश होगी?
हां. उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 6 जुलाई से अगले कुछ दिनों तक बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है.
4. क्या बिजली गिरने का खतरा भी है?
हां. कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 60 किमी प्रति घंटा तक की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.
5. भारी बारिश के दौरान लोगों को क्या करना चाहिए?
अनावश्यक यात्रा से बचें, मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखें, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचें.


