नई दिल्ली, 26 जून 2026. केंद्र सरकार ने Jan Vishwas Act, 2026 के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण सुधार लागू कर दिए हैं. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) ने बताया कि Drugs and Cosmetics Act, 1940 तथा Food Safety and Standards Act, 2006 में संशोधन कर कई छोटे और तकनीकी उल्लंघनों (Minor & Technical Violations) को आपराधिक मामलों (Criminal Proceedings) की बजाय प्रशासनिक दंड (Administrative Penalties) के दायरे में लाया गया है.
सरकार का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य Ease of Doing Business को बढ़ावा देना है, जबकि सार्वजनिक स्वास्थ्य और उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़े कड़े प्रावधान पहले की तरह लागू रहेंगे.
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क्या है Jan Vishwas Act का उद्देश्य?
सरकार के अनुसार, Jan Vishwas Act का मकसद ऐसे छोटे और प्रक्रियागत (Procedural) उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना है, जिनसे सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य या सुरक्षा को खतरा नहीं होता.
इससे व्यवसायों पर अनावश्यक कानूनी बोझ कम होगा और नियामक व्यवस्था अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनेगी.
Drugs and Cosmetics Act में क्या बदला?
संशोधन के तहत Drugs and Cosmetics Act, 1940 की कुछ धाराओं में बदलाव किए गए हैं.
मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं-
- Government Analyst की रिपोर्ट का विज्ञापन में उपयोग करने पर लागू दंड संबंधी प्रावधान हटाया गया.
- कम जोखिम (Low-Risk) वाले कॉस्मेटिक उत्पादों से जुड़े छोटे गुणवत्ता या लेबलिंग संबंधी उल्लंघनों को अब प्रशासनिक दंड के तहत निपटाया जाएगा.
- रिकॉर्ड रखने और जानकारी उपलब्ध कराने जैसे प्रक्रियागत उल्लंघनों पर अब आपराधिक कार्रवाई के बजाय प्रशासनिक कार्रवाई होगी.
हालांकि, नकली (Spurious) या मिलावटी (Adulterated) कॉस्मेटिक्स से जुड़े गंभीर मामलों में पहले की तरह सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी.
Food Safety Act में क्या बदलाव हुए?
सरकार ने Food Safety and Standards Act, 2006 में भी कई संशोधन किए हैं.
इनमें प्रमुख बदलाव हैं-
- Food Safety Officer के खिलाफ झूठी शिकायतों पर अदालत द्वारा लगाए जाने वाले जुर्माने की जगह अब प्रशासनिक दंड व्यवस्था लागू होगी.
- जब्त खाद्य सामग्री में हस्तक्षेप (Interference with Seized Items) से जुड़े मामलों में अधिकतम सजा 6 महीने से घटाकर 3 महीने कर दी गई है.
- Food Safety Officer के कार्य में बाधा डालने संबंधी अलग प्रावधान हटाया गया है, क्योंकि ऐसे अपराध अब भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS) के तहत पहले से ही कवर होते हैं.
Appeal और Adjudication की नई व्यवस्था
नए नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार ने Adjudicating Authorities की नियुक्ति और Appeal Mechanism का भी प्रावधान किया है.
इससे छोटे उल्लंघनों से जुड़े मामलों का निपटारा अधिक तेज़, पारदर्शी और प्रशासनिक स्तर पर किया जा सकेगा.
कारोबारियों को क्या होगा फायदा?
सरकार के अनुसार, इन सुधारों से विशेष रूप से-
- दवा उद्योग
- कॉस्मेटिक कंपनियां
- खाद्य व्यवसाय संचालक
- छोटे एवं मध्यम उद्योग (MSMEs)
को अनुपालन (Compliance) से जुड़ी जटिलताओं में राहत मिलेगी, जबकि उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी.
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सरकार ने क्या कहा?
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य भरोसे पर आधारित (Trust-Based) नियामक व्यवस्था विकसित करना है, जहां तकनीकी त्रुटियों और गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य अपराधों के बीच स्पष्ट अंतर किया जाए.
मंत्रालय ने दोहराया कि भारत की खाद्य और औषधि सुरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए रखते हुए व्यापार करने में आसानी को भी बढ़ावा दिया जाएगा.
Source: Ministry of Health & Family Welfare.


