केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत-गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G-RAM-G] के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ₹25,863 करोड़ की पहली किस्त (Mother Sanction) जारी की है. यह राशि योजना के प्रभावी संचालन और ग्रामीण श्रमिकों को समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने के लिए दी गई है.
वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों ने हिस्सा लिया.
पूरे देश में एक ही दिन लागू हुई VB-G-RAM-G योजना
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि 1 जुलाई 2026 से VB-G-RAM-G को पूरे देश में बिना किसी बाधा के लागू करने का लक्ष्य रखा गया था और यह सफलतापूर्वक पूरा हुआ.
उन्होंने कहा कि MGNREGA से VB-G-RAM-G में बदलाव पूरी तरह सुचारु रहा है और अब तक किसी भी प्रकार की तकनीकी या संचालन संबंधी समस्या सामने नहीं आई है.
MGNREGA की जगह आई नई योजना
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जहां MGNREGA को पूरे देश में लागू होने में लगभग तीन वर्ष लगे थे, वहीं VB-G-RAM-G को एक ही दिन में पूरे देश में लागू करना एक बड़ी उपलब्धि है.
उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, राज्यों के सहयोग और देश की प्रशासनिक क्षमता को दिया.
अब किसी भी राज्य में ₹300 से कम नहीं होगी दैनिक मजदूरी
सरकार ने योजना के तहत ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी में औसतन करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है.
मुख्य बदलाव:
- किसी भी राज्य में दैनिक मजदूरी ₹300 से कम नहीं होगी.
- समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर.
- ग्रामीण श्रमिकों की आय और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने का लक्ष्य.
पहली किस्त क्यों जारी की गई?
सरकार के अनुसार राज्यों को जारी ₹25,863 करोड़ की पहली किस्त का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मजदूरों को 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान किया जा सके.
केंद्र ने राज्यों से भी समय पर अपनी हिस्सेदारी जारी करने का अनुरोध किया ताकि भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो.
कई राज्यों की सराहना, कुछ को दिए निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने बताया कि योजना के पहले सप्ताह में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू हो चुके हैं और लाखों ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिला है.
उन्होंने विशेष रूप से इन राज्यों की सराहना की:
- आंध्र प्रदेश
- केरल
- राजस्थान
इन राज्यों ने पहले ही दिन बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराया.
वहीं:
- ओडिशा और पश्चिम बंगाल से सभी ग्राम पंचायतों में जल्द कार्य शुरू करने को कहा गया.
- झारखंड से योजना की अधिसूचना जारी कर आवश्यक बजटीय प्रावधान करने का अनुरोध किया गया.
- जिन राज्यों में RBI खाते या अन्य औपचारिकताएं लंबित हैं, उन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए.
तकनीक के जरिए बढ़ेगी पारदर्शिता
सरकार ने योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया है.
इन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा:
- फेस ऑथेंटिकेशन
- जियो-टैगिंग
- डिजिटल निगरानी
- रियल टाइम मॉनिटरिंग
सरकार का कहना है कि योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी के लिए कोई स्थान नहीं होगा.
राज्यों को मिलेगा लगातार सहयोग
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को एरिया ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया है. ये अधिकारी राज्यों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखेंगे और योजना से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे.
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सरकार का क्या है लक्ष्य?
सरकार का कहना है कि VB-G-RAM-G का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण, समय पर मजदूरी भुगतान और स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को बढ़ावा देना है. ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों को स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर विकास कार्यों का चयन करने की जिम्मेदारी दी गई है.
Source: Ministry of Rural Development


