Kanpur News: कानपुर से लखनऊ के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है. करीब चार साल से बन रहा सरैया रेलवे ओवरब्रिज (ROB) अब जल्द ही तैयार होने वाला है. रेलवे ने पुल के ऊपर 24 गर्डर रखने का काम पूरा कर लिया है और अब सड़क निर्माण का अंतिम चरण बाकी है. सेतु निगम के अधिकारियों के मुताबिक, 31 अक्टूबर तक पुल यातायात के लिए तैयार हो सकता है. हालांकि, इस पर वाहनों की आवाजाही कब शुरू होगी, इसका फैसला प्रशासन करेगा.
इस पुल के शुरू होने से कानपुर-उन्नाव-लखनऊ के बीच आवागमन आसान होने और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है. सबसे अहम बात यह है कि जाजमऊ गंगा पुल की मरम्मत के दौरान वाहनों को निकालने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी मिल सकता है.
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चार साल का इंतजार खत्म होने के करीब
सरैया रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण लंबे समय से चल रहा है. रेलवे ने पुल के ऊपर करीब 130 मीटर के हिस्से में 24 विशाल गर्डर स्थापित करने का काम पूरा कर लिया है. वहीं, सेतु निगम शनिवार से अप्रोच रोड पर डामरीकरण शुरू कराने की तैयारी में है. पुल की लंबाई करीब 1,129 मीटर है और इसकी लागत 150 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है. निर्माण के लिए 26 पिलर बनाए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि 30 अक्टूबर तक काम पूरा करने के लिए समय मांगा गया है, जबकि 31 अक्टूबर तक पुल तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.
आखिर क्यों अटकता रहा निर्माण?
सरैया आरओबी की योजना वर्ष 2016 में तैयार की गई थी. शुरुआत में पुल की लंबाई 785 मीटर रखने और इस पर करीब 78 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था. वर्ष 2020 में परियोजना को मंजूरी मिली और निर्माण शुरू हुआ. मूल योजना के अनुसार, इसे जून 2023 तक पूरा किया जाना था. लेकिन यातायात के दबाव का अध्ययन करने के बाद पुल को मरहला चौराहे के आगे तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया. इससे इसकी लंबाई करीब 350 मीटर बढ़कर 1,129 मीटर हो गई और लागत भी 150 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई.
डिजाइन में बदलाव, बजट की मंजूरी और निर्माण संबंधी जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण के कारण परियोजना में देरी हुई. सितंबर 2024 में संशोधित योजना के तहत निर्माण फिर शुरू हुआ. इसके बाद अप्रैल 2025 में अधूरे काम को तेजी से पूरा कराने के लिए करीब 40 करोड़ रुपये का शेष कार्य साईं डेवलपर्स एंड कंस्ट्रक्शन को सौंपा गया. इसके बाद अधूरे पड़े 10 पिलरों का निर्माण पूरा कराया गया.
जाजमऊ गंगा पुल की मरम्मत के लिए क्यों जरूरी है सरैया ROB?
जाजमऊ गंगा पुल की मरम्मत के दौरान यातायात को व्यवस्थित रखना बड़ी चुनौती है. मरम्मत के लिए लखनऊ-कानपुर लेन पर यातायात पूरी तरह बंद करने की जरूरत पड़ सकती है. ऐसे में वाहनों को निकालने के लिए वैकल्पिक मार्ग जरूरी है.
सरैया ROB चालू होने के बाद इस मार्ग का इस्तेमाल यातायात डायवर्जन के लिए किया जा सकता है. इससे जाजमऊ पुल की मरम्मत शुरू करने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है. हालांकि, यातायात डायवर्जन और मरम्मत को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित अधिकारी लेंगे.
ट्रांसगंगा सिटी से लेकर लखनऊ जाने वाले वाहनों को मिलेगा फायदा
उन्नाव में 1,144.13 एकड़ में विकसित हो रही ट्रांसगंगा सिटी के लिए भी यह पुल अहम माना जा रहा है. यहां औद्योगिक इकाइयों के विस्तार के साथ मालवाहक वाहनों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है. ROB शुरू होने से ट्रांसगंगा सिटी, कानपुर और लखनऊ के बीच संपर्क बेहतर हो सकता है.
इसके अलावा दिल्ली, अलीगढ़, एटा, मैनपुरी, कन्नौज और मंधना की ओर से लखनऊ जाने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक मार्ग मिलने की उम्मीद है. इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर दबाव घटाने और औद्योगिक गतिविधियों को गति देने में मदद मिल सकती है.
अधिकारियों ने क्या बताया?
सेतु निगम के उप-परियोजना प्रबंधक एसके सुमन के अनुसार, रेलवे का काम पूरा हो चुका है और शनिवार से अप्रोच रोड पर डामरीकरण शुरू कराया जाएगा. लक्ष्य 31 अक्टूबर तक पुल को तैयार करने का है. इसके बाद प्रशासन यातायात शुरू कराने पर निर्णय ले सकता है. वहीं, एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव ने बताया कि सेतु निगम ने 31 अक्टूबर तक काम पूरा होने की जानकारी दी है. इसके बाद जाजमऊ गंगा पुल पर लखनऊ-कानपुर लेन को पूरी तरह बंद करने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा.
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