केंद्र सरकार का नशा मुक्त भारत अभियान (Nasha Mukt Bharat Abhiyaan – NMBA) देशभर में जनभागीदारी के माध्यम से लगातार विस्तार कर रहा है. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार, अभियान के तहत अब तक 29.32 करोड़ से अधिक नागरिकों तक पहुंच बनाई जा चुकी है. इनमें 11.20 करोड़ से अधिक युवा और 7.92 करोड़ से अधिक महिलाएं शामिल हैं.
यह अभियान 15 अगस्त 2020 को National Action Plan for Drug Demand Reduction (NAPDDR) के तहत शुरू किया गया था. इसका उद्देश्य नशे की रोकथाम, जागरूकता, उपचार, पुनर्वास और समाज में पुनर्स्थापना को बढ़ावा देना है.
अब पूरे देश में चल रहा है अभियान
शुरुआत में यह अभियान 272 संवेदनशील जिलों में शुरू किया गया था, लेकिन अब इसका विस्तार पूरे देश में हो चुका है.
मंत्रालय के अनुसार, अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में 21 लाख से अधिक जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. इन गतिविधियों में छात्रों, शिक्षकों और युवा स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी रही.
केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा?
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान देश के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्र निर्माण अभियानों में से एक है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ और अनुशासित युवा तैयार करना है.
उन्होंने बताया कि इस अभियान में Narcotics Control Bureau (NCB), राज्य सरकारें, जिला प्रशासन, पुलिस, गैर-सरकारी संगठन (NGOs), अस्पताल और शैक्षणिक संस्थान मिलकर समन्वित तरीके से कार्य कर रहे हैं.
उनके अनुसार, नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून से नहीं बल्कि जागरूकता, संवेदनशीलता, सामूहिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी से ही सफल हो सकती है.
अन्य मंत्रियों ने भी अभियान पर दिया जोर
राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि यह अभियान नशे की समस्या से निपटने के लिए साक्ष्य आधारित (Evidence-based) दृष्टिकोण अपनाता है और युवाओं को जोड़ने के लिए आधुनिक तरीकों का उपयोग करता है.
वहीं राज्य मंत्री बी. एल. वर्मा ने कहा कि यह अभियान युवाओं, महिलाओं, उच्च शिक्षण संस्थानों, युवा क्लबों और महिला समूहों की भागीदारी के साथ एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है.
उपचार और पुनर्वास सेवाओं का भी विस्तार
मंत्रालय ने बताया कि NAPDDR के तहत देशभर में 768 Integrated Rehabilitation Centres for Addicts (IRCAs), Community-based Peer-led Intervention Centres (CPLIs), Outreach and Drop-in Centres (ODICs) और Addiction Treatment Facilities (ATFs) के माध्यम से उपचार और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं.
इन सेवाओं से अब तक 28.29 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिला है.
मंत्रालय के अनुसार, उपचार के लिए आगे आने वाले लोगों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. वर्ष 2020 में जहां 2.08 लाख लोगों ने उपचार लिया था, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 8.20 लाख से अधिक हो गई.
हेल्पलाइन 14446 पर 4.60 लाख से ज्यादा कॉल
नशा छोड़ने में सहायता के लिए शुरू की गई Drug De-addiction Helpline 14446 पर अब तक 4.60 लाख से अधिक कॉल प्राप्त हुई हैं.
यह हेल्पलाइन नशे से प्रभावित व्यक्तियों और उनके परिवारों को परामर्श, जानकारी और संबंधित सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराती है.
NMBA App 2.0 और ‘नशा मुक्ति मित्र’ पहल
मंत्रालय ने हाल ही में NMBA App 2.0 भी शुरू किया है, जिससे जागरूकता गतिविधियों की रियल-टाइम रिपोर्टिंग संभव हो गई है. इसके साथ ही राज्यों, जिलों और साझेदार संस्थाओं के लिए कई नई सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं.
इसके अलावा NMBA Pledge और नशा मुक्ति मित्र (Nasha Mukti Mitra) पहल के माध्यम से नागरिकों को नशा मुक्त भारत अभियान से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
पंजीकरण करने वाले स्वयंसेवक समाज में जागरूकता फैलाने और नशे से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए सामुदायिक स्तर पर योगदान दे सकते हैं.
मंत्रालय ने नागरिकों से की अपील
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने सभी नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों, युवा संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और सामुदायिक नेताओं से नशा मुक्त भारत अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है.
मंत्रालय ने लोगों से नशा मुक्त भारत प्रतिज्ञा लेने, नशा मुक्ति मित्र बनने, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और नशे से जूझ रहे लोगों को हेल्पलाइन 14446 के माध्यम से सहायता लेने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया है.
FAQs
नशा मुक्त भारत अभियान कब शुरू हुआ था?
यह अभियान 15 अगस्त 2020 को National Action Plan for Drug Demand Reduction (NAPDDR) के तहत शुरू किया गया था.
अभियान के तहत अब तक कितने लोगों तक पहुंच बनाई गई है?
मंत्रालय के अनुसार, अभियान से अब तक 29.32 करोड़ से अधिक नागरिक जुड़े हैं.
Drug De-addiction Helpline का नंबर क्या है?
नशा मुक्ति सहायता हेल्पलाइन का नंबर 14446 है.
नशा मुक्ति मित्र कौन बन सकता है?
कोई भी नागरिक NMBA Pledge लेकर नशा मुक्ति मित्र के रूप में पंजीकरण कर सकता है और जागरूकता अभियान में योगदान दे सकता है.
Source: Ministry of Social Justice & Empowerment


