दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने PARIVARTAN (Programme for Accelerated Renewal and Incentivization of Vehicle Assets for Reducing Transport Air Pollution and Network Emissions) योजना की विस्तृत गाइडलाइंस को मंजूरी दे दी है.
इस योजना का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में चल रहे पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों एवं बसों को हटाकर उनकी जगह BS-VI मानक वाले या इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है.
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क्या है PARIVARTAN Scheme?
PARIVARTAN योजना को केंद्र सरकार ने 3 जून 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी दी थी. अब इसकी संचालन संबंधी गाइडलाइंस भी जारी कर दी गई हैं, जिससे योजना को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है.
योजना का कुल बजट ₹9,585 करोड़ है.
इसमें:
- कुल योजना लागत – ₹9,585 करोड़
- केंद्र सरकार का योगदान – ₹5,041 करोड़
योजना को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) लागू करेगा, जबकि वित्तपोषण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) के माध्यम से किया जाएगा.
योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य:
- पुराने प्रदूषणकारी ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाना.
- BS-VI और इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों को बढ़ावा देना.
- दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता (AQI) में सुधार करना.
- स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था विकसित करना.
सरकार का मानना है कि इससे क्षेत्र में वाहनों से होने वाले प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आएगी.
वाहन बदलने पर मिलेंगे ये बड़े फायदे
PARIVARTAN Scheme के तहत पात्र वाहन मालिकों को कई तरह की आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन दिए जाएंगे.
इनमें शामिल हैं:
- मोटर वाहन टैक्स में छूट.
- नए वाहन की रजिस्ट्रेशन फीस माफ.
- वाहन ऋण पर 5% ब्याज सब्सिडी.
- नए वाहन पर कम से कम 8% OEM डिस्काउंट.
- डीजल और CNG वाहन बदलने वालों को मासिक फ्यूल वाउचर सहायता.
- इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर एकमुश्त वित्तीय सहायता.
- Certificate of Deposit (CoD) ट्रेडिंग का लाभ.
चार राज्यों ने जारी किए नोटिफिकेशन
योजना को लागू करने की तैयारी के तहत:
- दिल्ली
- हरियाणा
- उत्तर प्रदेश
- राजस्थान
ने नए वाहन खरीदने पर 10 वर्षों के लिए मोटर वाहन टैक्स में छूट और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ करने की अधिसूचना जारी कर दी है.
11 बड़ी वाहन कंपनियां भी शामिल
सरकार के अनुसार देश की 11 प्रमुख Original Equipment Manufacturers (OEMs), जिनकी कमर्शियल वाहन बाजार में 95 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है, इस योजना से जुड़ चुकी हैं.
इन कंपनियों ने पात्र लाभार्थियों को अतिरिक्त 8% डिस्काउंट देने के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय के साथ समझौता किया है.
पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
योजना का संचालन पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाएगा.
यह प्लेटफॉर्म कई सरकारी प्रणालियों से जुड़ा होगा, जिनमें शामिल हैं:
- VAHAN
- V-Scrap
- DigiELV
- PFMS
- बैंक एवं वित्तीय संस्थान
- फ्यूल वाउचर सिस्टम
इससे आवेदन से लेकर लाभ वितरण तक पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और आसान होगी.
केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा?
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि PARIVARTAN योजना दिल्ली-एनसीआर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है.
उनके अनुसार, पुराने ट्रकों और बसों को आधुनिक वाहनों से बदलने से क्षेत्र के Air Quality Index (AQI) में सुधार होगा और करोड़ों लोगों को प्रदूषण से राहत मिलेगी.
दिल्ली-NCR में स्वच्छ परिवहन की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि भारी कमर्शियल वाहनों से निकलने वाला धुआं दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण का एक बड़ा कारण है.
PARIVARTAN Scheme के माध्यम से पुराने वाहनों को हटाकर आधुनिक BS-VI और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से:
- प्रदूषण कम होगा.
- ईंधन दक्षता बढ़ेगी.
- परिवहन क्षेत्र अधिक टिकाऊ बनेगा.
- स्वच्छ हवा और बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलेगा.
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FAQs
1. PARIVARTAN Scheme क्या है?
यह केंद्र सरकार की योजना है, जिसके तहत दिल्ली-NCR में पुराने ट्रक और बसों को BS-VI या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा.
2. योजना का कुल बजट कितना है?
इस योजना का कुल बजट ₹9,585 करोड़ है, जिसमें केंद्र सरकार ₹5,041 करोड़ का योगदान दे रही है.
3. वाहन बदलने पर कौन-कौन से लाभ मिलेंगे?
मोटर वाहन टैक्स में छूट, रजिस्ट्रेशन फीस माफी, 5% ब्याज सब्सिडी, 8% OEM डिस्काउंट, फ्यूल वाउचर और इलेक्ट्रिक वाहन पर वित्तीय सहायता जैसे लाभ मिलेंगे.
4. योजना किन राज्यों में लागू होगी?
यह योजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में लागू होगी, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के संबंधित क्षेत्र शामिल हैं.
Source: Ministry of Housing & Urban Affairs


