Parliament Monsoon Session: देश की संसद का मॉनसून सत्र आज से शुरू हो रहा है. सत्र शुरू होने से पहले सरकार ने 19 जुलाई को संसदीय सौध भवन में सर्वदलीय बैठक आयोजित की. इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की. बैठक का उद्देश्य सभी राजनीतिक दलों के साथ चर्चा कर संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने के लिए सहमति बनाना था. सरकार को उम्मीद है कि इस सत्र में महत्वपूर्ण विधेयकों और राष्ट्रीय मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा होगी.
सर्वदलीय बैठक में कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद
सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार की ओर से कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए. बैठक में राज्यसभा के नेता जगत प्रकाश नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन सिंह मेघवाल और डॉ. एल. मुरुगन भी उपस्थित रहे. सरकार ने सभी दलों से संसद की कार्यवाही को शांतिपूर्ण और रचनात्मक ढंग से चलाने में सहयोग देने की अपील की.
सरकार ने सकारात्मक चर्चा पर दिया जोर
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को संसद में महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है और यहां व्यवधान के बजाय सार्थक बहस होनी चाहिए. उनके अनुसार स्वस्थ चर्चा लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है.
विपक्ष ने किया प्रतीकात्मक बहिष्कार
सर्वदलीय बैठक शुरू होने के कुछ ही समय बाद विपक्षी दलों ने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) की बैठक में मौजूदगी का विरोध करते हुए प्रतीकात्मक बहिष्कार किया. विपक्ष का कहना था कि एनसीपीआई मान्यता प्राप्त संसदीय दल नहीं है, इसलिए उसे इस बैठक में शामिल नहीं किया जाना चाहिए.
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने बताया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके, जेएमएम, तृणमूल कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सहित कई विपक्षी दलों ने विरोध दर्ज कराया. हालांकि विरोध के बाद सभी विपक्षी सदस्य दोबारा बैठक में शामिल हो गए और चर्चा में हिस्सा लिया.
सरकार ने विपक्ष के विरोध पर दी प्रतिक्रिया
किरेन रिजिजू ने विपक्ष के प्रतीकात्मक बहिष्कार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसे पूरे दिन की कार्यवाही का विरोध नहीं माना जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार सभी राजनीतिक दलों के साथ संवाद बनाए रखती है और हर महत्वपूर्ण विषय पर सभी को चर्चा का अवसर दिया जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी दल के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जाती.
एनसीपीआई ने विपक्ष की आलोचना की
एनसीपीआई के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने सर्वदलीय बैठक के बहिष्कार को लेकर विपक्षी दलों की आलोचना की. उन्होंने कहा कि एनडीए में एनसीपीआई अब दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है और इसलिए उसका बैठक में शामिल होना उचित है.
मॉनसून सत्र में कई अहम विधेयकों पर होगी चर्चा
सरकार को उम्मीद है कि मॉनसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधायी प्रस्तावों और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा होगी. साथ ही विभिन्न विधेयकों को संसद से पारित कराने की भी संभावना है. सरकार चाहती है कि सभी दल सहयोग की भावना से काम करें ताकि संसद का समय जनहित के मुद्दों पर प्रभावी ढंग से इस्तेमाल हो सके.
13 अगस्त तक चलेगा सत्र
संसद का मॉनसून सत्र आज से शुरू होकर अगले महीने 13 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान लोकसभा और राज्यसभा में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की संभावना है. सरकार और विपक्ष दोनों की भूमिका इस सत्र को सुचारु और परिणामकारी बनाने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.


