Rajasthan Weather Update 16 September 2026: राजस्थान में मानसून की गतिविधियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं. मौसम केंद्र जयपुर की मौसम पूर्वानुमान रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार 16 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. खास तौर पर कुछ जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है.
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16 सितंबर को किन इलाकों में बारिश की संभावना
IMD के जयपुर केंद्र के अनुसार 16 सितंबर को भरतपुर, कोटा, उदयपुर, जयपुर और अजमेर संभागों में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. वहीं पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग ने बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ और मानसून के संयुक्त प्रभाव के कारण 16-17 सितंबर को बीकानेर संभाग के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में मेघगर्जन, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की प्रबल संभावना है.
16 सितंबर को इन जिलों में चेतावनी
मौसम केंद्र जयपुर की जिला स्तरीय चेतावनी के अनुसार 16 सितंबर को नीचे दिए जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 Kmph की झोंकेदार तेज हवाओं का अलर्ट है.
| क्षेत्र | 16 सितंबर को चेतावनी वाले जिले |
|---|---|
| पूर्वी राजस्थान | अजमेर, अलवर, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, झुंझुनू, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सीकर, टोंक |
| पश्चिमी राजस्थान | बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, हनुमानगढ़, जोधपुर, नागौर, पाली, फलोदी, श्रीगंगानगर |
16 सितंबर के मौसम का क्या असर हो सकता है
गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों पर रहना जोखिम बढ़ा सकता है. तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के आसपास सावधानी रखना जरूरी है. बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है, इसलिए वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने की सलाह दी जाती है.
किसानों के लिए भी मौसम विभाग ने खास सलाह दी है. पककर तैयार और खुले आसमान में रखी खरीफ फसलों को बारिश से बचाने के उचित इंतजाम करने को कहा गया है. कृषि और अनाज मंडियों में खुले में रखे अनाज और अन्य कृषि जिंसों को भी भीगने से बचाने की सलाह दी गई है.
बारिश और आंधी के दौरान क्या सावधानी रखें
- वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें.
- तेज हवाओं के दौरान कमजोर पेड़ों और अस्थायी ढांचों से दूरी रखें.
- वाहन चलाते समय बारिश और कम दृश्यता के अनुसार गति नियंत्रित रखें.
- किसानों को खुले में रखी फसल और अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखने की तैयारी करनी चाहिए.
- मौसम खराब होने पर स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें.
- खेतों में कीटनाशक और अन्य रसायनों का छिड़काव करने से पहले आगामी बारिश की संभावना को ध्यान में रखें.
19 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान में कम हो सकती है बारिश
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 19 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है. साथ ही पश्चिमी राजस्थान के कुछ भागों से मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने का अनुमान है. हालांकि पूर्वी राजस्थान के जयपुर, उदयपुर, अजमेर, कोटा और भरतपुर संभागों में अगले 3-4 दिनों तक कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहने की प्रबल संभावना जताई गई है.
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FAQ
1. क्या 16 सितंबर को पूरे राजस्थान में बारिश होगी?
नहीं. पूर्वी राजस्थान के कुछ संभागों और पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर व जोधपुर संभागों में बारिश की संभावना है, लेकिन यह सभी स्थानों के लिए नहीं है.
2. किन जिलों में सबसे ज्यादा सावधानी जरूरी है?
जिन जिलों के लिए मेघगर्जन, वज्रपात और 30-40 Kmph की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है, वहां मौसम खराब होने के दौरान अतिरिक्त सावधानी जरूरी है.
3. क्या तेज हवाएं 40 Kmph तक पहुंच सकती हैं?
हां. जिला स्तरीय चेतावनी में 30 से 40 Kmph तक की झोंकेदार तेज हवाओं का उल्लेख है.
4. किसानों को अभी क्या करना चाहिए?
खुले में रखी तैयार खरीफ फसल, अनाज और कृषि जिंसों को बारिश से बचाने की व्यवस्था करनी चाहिए.
5. राजस्थान में बारिश कब कम होने की संभावना है?
पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 19 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है.
Source: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र जयपुर


