Weather Update 15 September 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के 14 सितंबर 2026 को रात 8:50 बजे जारी All India Weather Summary and Forecast Bulletin के मुताबिक 15 सितंबर से देश के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है. खास तौर पर उत्तर-पश्चिम, पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिणी भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है.
15 सितंबर को कहां भारी बारिश की संभावना
IMD के 15 सितंबर यानी मंगलवार के पूर्वानुमान के अनुसार अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, केरल एवं माहे, पंजाब, सौराष्ट्र एवं कच्छ, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है.
दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में मौसम बदलेगा
15 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तथा पंजाब में भारी बारिश की संभावना है. इन क्षेत्रों में गरज-चमक की भी चेतावनी दी गई है. 14 से 17 सितंबर के बीच इन इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर thunderstorm और lightning की स्थिति बन सकती है. 16 और 17 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तथा पंजाब में fairly widespread to widespread rainfall का अनुमान है.
इस दौरान दिल्ली-NCR में अचानक तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी भरने, ट्रैफिक धीमा होने और दृश्यता प्रभावित होने जैसी स्थानीय परेशानियां हो सकती हैं. IMD ने भारी बारिश की स्थिति में जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने और सड़क-रेल यातायात प्रभावित होने की संभावना बताई है.
15 सितंबर को आंधी और बिजली का भी खतरा
मंगलवार को बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, ओडिशा और राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है. इसके अलावा आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, केरल एवं माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड में बिजली चमकने के साथ thunderstorm की संभावना जताई गई है.
16 से 20 सितंबर तक कहां सक्रिय रहेगा मानसून
16 सितंबर को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर heavy to very heavy rainfall की संभावना है. इसी दिन अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय, बिहार, हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली, केरल एवं माहे, पंजाब तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में भारी बारिश हो सकती है.
17 सितंबर को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय, बिहार, हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली, पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में भारी बारिश की संभावना है. बिहार, पूर्वी राजस्थान, गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ thunderstorm हो सकता है.
18 सितंबर को अंडमान एवं निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, असम एवं मेघालय, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल तथा तेलंगाना में भारी बारिश की संभावना है. 19 सितंबर को आंध्र प्रदेश, केरल एवं माहे, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल और तेलंगाना में भारी बारिश हो सकती है. 20 सितंबर को भी अंडमान एवं निकोबार, आंध्र प्रदेश, केरल एवं माहे, ओडिशा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में बारिश का लंबा दौर
IMD के 7-day rainfall forecast में अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 सितंबर के दौरान fairly widespread to widespread बारिश और असम एवं मेघालय में भी 15 से 17 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश का अनुमान है. बिहार में 16 और 17 सितंबर को fairly widespread to widespread rainfall की संभावना है. झारखंड में 14 से 20 सितंबर तक बारिश का दौर बना रह सकता है.
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में 16 सितंबर को very heavy rainfall की संभावना विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है. 14 और 15 सितंबर तथा 17 सितंबर को भी यहां isolated heavy rainfall का अनुमान है.
पश्चिम भारत में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड का खतरा
फ्लैश फ्लड से जुड़े जिले: कच्छ, जामनगर, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ और राजकोट. इन क्षेत्रों में संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में surface runoff, जलभराव या स्थानीय बाढ़ की स्थिति बन सकती है.
बारिश से क्या असर पड़ सकता है
तेज बारिश और हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ों के उखड़ने, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है. कमजोर मकानों, कच्ची दीवारों और सड़कों को भी नुकसान हो सकता है. निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में landslide या mudslide जैसी स्थिति बन सकती है. भारी बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है.
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
बारिश या गरज-चमक के समय खुले स्थान पर जाने से बचें. बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ के नीचे खड़े न हों और पानी के स्रोतों से दूर रहें. IMD ने बिजली गिरने की आशंका में electrical और electronic appliances को unplug करने तथा बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है.
यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति देखकर ही निकलना चाहिए, खासकर उन इलाकों में जहां भारी बारिश या जलभराव की संभावना है. पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की सलाह पर ध्यान देना चाहिए.
किसानों के लिए भी जरूरी सलाह
IMD ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों के किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और जलभराव रोकने की सलाह दी है. गुजरात में गन्ना, कपास, धान, अरहर, अरंडी, ज्वार, मक्का और मूंगफली की फसलों में drainage बनाए रखने को कहा गया है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में सोयाबीन, कपास, मक्का और गन्ने के खेतों में पानी की निकासी सुनिश्चित करने की सलाह है.
मानसून की वापसी के संकेत भी
IMD के meteorological analysis के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से करीब 19 सितंबर के आसपास अनुकूल होने की संभावना है. 14 सितंबर की शाम को दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, कच्छ और दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान से जुड़े क्षेत्र में low pressure area मौजूद था और उससे संबंधित cyclonic circulation भी बना हुआ था.
15 से 20 सितंबर का मौसम एक नजर में
| तारीख | प्रमुख बारिश वाले क्षेत्र | मुख्य खतरा |
|---|---|---|
| 15 सितंबर, मंगलवार | दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, सौराष्ट्र-कच्छ, पूर्वोत्तर, दक्षिण भारत के कई हिस्से | भारी बारिश, बिजली, तेज हवाएं |
| 16 सितंबर, बुधवार | उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम, बिहार, दिल्ली-NCR, पंजाब, पूर्वोत्तर | बहुत भारी से भारी बारिश |
| 17 सितंबर, गुरुवार | दिल्ली-NCR, पंजाब, बिहार, पूर्वोत्तर, उप-हिमालयी क्षेत्र | भारी बारिश, आंधी-बिजली |
| 18 सितंबर, शुक्रवार | पूर्वोत्तर, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार | भारी बारिश, thunderstorm |
| 19 सितंबर, शनिवार | आंध्र प्रदेश, ओडिशा, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना | भारी बारिश |
| 20 सितंबर, रविवार | आंध्र प्रदेश, ओडिशा, केरल, तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार | भारी बारिश |
FAQ
1. क्या 15 सितंबर को दिल्ली में पूरे दिन तेज बारिश होगी?
जरूरी नहीं. IMD ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में isolated heavy rainfall की संभावना जताई है. यानी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, लेकिन पूरे क्षेत्र में लगातार बारिश जरूरी नहीं है.
2. क्या 15 सितंबर को बाहर निकलना सुरक्षित है?
जहां सामान्य बारिश है वहां स्थिति अलग हो सकती है, लेकिन thunderstorm और lightning के समय खुले स्थान से बचना बेहतर है. मौसम अचानक खराब होने पर सुरक्षित जगह पर जाना चाहिए.
3. किन जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा बताया गया है?
कच्छ, जामनगर, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ और राजकोट में 15 सितंबर शाम तक low to moderate flash flood risk बताया गया है.
4. क्या बारिश के साथ तेज हवा भी चलेगी?
हां. 15 सितंबर को कई राज्यों में thunderstorm के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना है. कुछ समुद्री क्षेत्रों में इससे अधिक गति की squally winds का भी अनुमान है.
5. क्या 19 सितंबर से मानसून खत्म हो जाएगा?
ऐसा कहना सही नहीं होगा. IMD ने केवल पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से करीब 19 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की बात कही है. वहीं 20 सितंबर तक देश के कई हिस्सों में बारिश का पूर्वानुमान जारी है.
Source- IMD


