नई दिल्ली: ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन (Rashtriya Gramin Vikas Sammelan – RGVS) 2026 का समापन ‘विकसित ग्राम, विकसित भारत’ के संकल्प के साथ हुआ. दो दिवसीय सम्मेलन में केंद्र और राज्यों ने ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए भविष्य की रणनीति पर चर्चा की. इस दौरान मंत्रालय ने महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से SARAS Shakti Collection और SARAS Shakti Coffee Table Book भी लॉन्च की.
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ग्रामीण विकास की नई रणनीति पर हुआ मंथन
सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया. कार्यक्रम में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, कमलेश पासवान, विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और विकास साझेदार शामिल हुए.
दो दिनों तक चली बैठक में ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ भविष्य की कार्ययोजना तैयार की गई.
इन प्रमुख योजनाओं की हुई समीक्षा
सम्मेलन में कई प्रमुख ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई.
इनमें शामिल हैं:
- प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G)
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)
- दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM)
- ग्रामीण कौशल विकास कार्यक्रम
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP)
- VB-GRAMG Act, 2025 का प्रभावी क्रियान्वयन
6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ लक्ष्य पर विशेष जोर
बैठक में वर्ष 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए डिजिटल तकनीक, वित्तीय सहायता, कौशल विकास और महिला उद्यमिता को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई.
मंत्रालय के अनुसार वर्तमान में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी हुई हैं.
लॉन्च हुआ SARAS Shakti Collection
सम्मेलन के दौरान ग्रामीण महिला उद्यमों को राष्ट्रीय और प्रीमियम बाजारों तक पहुंच दिलाने के उद्देश्य से SARAS Shakti Collection लॉन्च किया गया.
इसके साथ ही SARAS Shakti Coffee Table Book का भी विमोचन किया गया, जिसमें देशभर के महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्कृष्ट उत्पादों, उनकी गुणवत्ता, विविधता और बाजार क्षमता को प्रदर्शित किया गया है.
25 से अधिक राज्य ब्रांड बने SARAS Aajeevika का हिस्सा
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया कि Saras Aajeevika अब एक बड़े राष्ट्रीय मार्केटिंग नेटवर्क के रूप में विकसित हो चुका है.
मुख्य उपलब्धियां:
- 1999 में पहले Saras Mela की शुरुआत
- 25 से अधिक राज्य ब्रांड जुड़े
- सालाना 200 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार
प्रदर्शनी में दिखी देशभर की ग्रामीण कला
सम्मेलन के दौरान आयोजित Saras Aajeevika Gallery में देशभर के महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद प्रदर्शित किए गए.
इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:
- पंजाब की फुलकारी
- जम्मू-कश्मीर की पश्मीना
- तेलंगाना की इकत और तेलिया वस्त्र
- मिजोरम की पौनचेई
- मीनाकारी, डोकरा कला, पीतल शिल्प और लकड़ी की हस्तकला
- पारंपरिक खाद्य उत्पाद और वेलनेस उत्पाद
साथ ही सफल लखपति दीदी उद्यमियों ने अपने अनुभव भी साझा किए.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026 ने केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, तकनीक आधारित शासन, महिला उद्यमिता, ग्राम पंचायतों की भूमिका और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण रोडमैप तैयार किया है.
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मंत्रालय का कहना है कि इन पहलों से ग्रामीण आजीविका, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी.
Source: Ministry of Rural Development


