नई दिल्ली, 27 जून 2026. केंद्र सरकार 28 और 29 जून को नई दिल्ली के भारत रत्न सी. सुब्रमण्यम ऑडिटोरियम, पूसा में पहली बार राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन (Rashtriya Gramin Vikas Sammelan 2026) आयोजित करने जा रही है. दो दिवसीय इस सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे.
सम्मेलन में देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, नीति विशेषज्ञ और विभिन्न योजनाओं से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे. इसका उद्देश्य ‘विकसित ग्राम, विकसित भारत’ के विजन को आगे बढ़ाने के लिए साझा रणनीति तैयार करना है.
क्या है Rashtriya Gramin Vikas Sammelan?
यह अपनी तरह का पहला राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन होगा, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा करेंगी और भविष्य की कार्ययोजना तैयार करेंगी.
सम्मेलन में ग्रामीण आवास, सड़क, आजीविका, कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के उपयोग जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा होगी.
किन योजनाओं की होगी समीक्षा?
सम्मेलन के दौरान केंद्र सरकार की प्रमुख ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा. इनमें शामिल हैं-
- प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G)
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)
- दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM)
- ग्रामीण कौशल विकास कार्यक्रम
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP)
इसके साथ ही VB-GRAMG Act, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्राम पंचायत स्तर पर बेहतर योजना निर्माण पर भी चर्चा होगी.
सभी राज्यों के मंत्री होंगे शामिल
सम्मेलन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री भाग लेंगे.
राज्यों द्वारा अपनाई गई सफल योजनाओं, नवाचारों और जमीनी स्तर के अनुभवों को साझा किया जाएगा, ताकि बेहतर मॉडल को पूरे देश में लागू किया जा सके.
Lakhpati Didi और महिला सशक्तिकरण पर रहेगा विशेष फोकस
सम्मेलन में ‘लखपति दीदी’ पहल पर विशेष चर्चा होगी.
स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने, ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया जाएगा.
इसके अलावा ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास और बाजार से जोड़ने (Market Linkage) की रणनीति भी तैयार की जाएगी.
AI और डिजिटल तकनीक पर होगा जोर
ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में Artificial Intelligence (AI) और डिजिटल तकनीक के उपयोग पर भी विशेष सत्र आयोजित होंगे.
चर्चा के प्रमुख विषय होंगे-
- रियल टाइम मॉनिटरिंग
- डिजिटल प्लेटफॉर्म
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- तकनीक आधारित योजना क्रियान्वयन
सरकार का मानना है कि तकनीक के उपयोग से ग्रामीण योजनाओं की गति और प्रभावशीलता दोनों बढ़ाई जा सकती हैं.
दूसरे दिन तैयार होगी भविष्य की कार्ययोजना
29 जून को आयोजित पूर्ण सत्र (Plenary Session) में सभी राज्यों से सुझाव लिए जाएंगे.
इसके बाद ग्रामीण विकास के लिए राष्ट्रीय स्तर की भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसे ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य से जोड़ा जाएगा.
ग्रामीण विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण पुस्तकों का होगा विमोचन
सम्मेलन के दौरान ग्रामीण विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों का भी विमोचन किया जाएगा.
इनमें-
- जल सुरक्षा
- ग्राम विकास योजनाएं
- महिला सशक्तिकरण
- ग्रामीण आजीविका
- सफल विकास मॉडल
जैसे विषय शामिल होंगे. इन प्रकाशनों का उद्देश्य राज्यों और ग्राम पंचायतों को बेहतर योजना और क्रियान्वयन के लिए व्यवहारिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है.
Source: Ministry of Rural Development.


