जब भी हिल स्टेशन घूमने की बात आती है तो ज्यादातर लोगों के दिमाग में सबसे पहले हिमाचल प्रदेश या उत्तराखंड का नाम आता है. लेकिन भारत में कुछ ऐसी जगहें भी हैं जो अभी तक बड़े पैमाने पर पर्यटकों की भीड़ से बची हुई हैं और अपनी प्राकृतिक खूबसूरती को संभाले हुए हैं. गुजरात का सापूतारा ऐसा ही एक हिल स्टेशन है, जो इन दिनों ट्रैवल लवर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.
पश्चिमी घाट की पहाड़ियों के बीच बसा सापूतारा गुजरात का प्रमुख और लंबे समय तक एकमात्र प्रसिद्ध हिल स्टेशन माना जाता रहा है. यह जगह उन लोगों के लिए खास है जो पहाड़ों की शांति, हरियाली और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेना चाहते हैं लेकिन शिमला, मनाली या मसूरी जैसी भीड़भाड़ से बचना चाहते हैं.
आखिर सापूतारा में ऐसा क्या खास है?
सापूतारा गुजरात के डांग जिले में स्थित है और महाराष्ट्र सीमा के बेहद करीब पड़ता है. समुद्र तल से लगभग 1,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह क्षेत्र सालभर अपेक्षाकृत सुहावना मौसम प्रदान करता है. आसपास फैली पहाड़ियां, घने जंगल, घुमावदार सड़कें और बादलों से घिरे दृश्य इसे एक अलग पहचान देते हैं.
यहां पहुंचने वाले पर्यटक अक्सर इस बात से हैरान रह जाते हैं कि गुजरात जैसे राज्य में भी इतना खूबसूरत पहाड़ी पर्यटन स्थल मौजूद है.
मानसून में बदल जाता है पूरा नजारा
हालांकि सापूतारा पूरे साल पर्यटकों का स्वागत करता है, लेकिन बारिश का मौसम इसकी खूबसूरती में कई गुना इजाफा कर देता है. जुलाई से सितंबर के बीच आसपास की पहाड़ियां हरे रंग की चादर ओढ़ लेती हैं. झरनों में पानी भर जाता है और बादल पहाड़ियों के बीच तैरते नजर आते हैं.
यही वजह है कि प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह समय सबसे खास माना जाता है.
यहां घूमने के लिए क्या-क्या है?
सापूतारा सिर्फ एक हिल स्टेशन नहीं बल्कि कई आकर्षणों का केंद्र भी है.
यहां आने वाले पर्यटक:
- सापूतारा झील में बोटिंग कर सकते हैं
- सनसेट प्वाइंट से पहाड़ियों का नजारा देख सकते हैं
- ट्राइबल म्यूजियम घूम सकते हैं
- आर्टिस्ट विलेज में स्थानीय कला को करीब से जान सकते हैं
- आसपास के झरनों और प्रकृति ट्रेल्स का आनंद ले सकते हैं
- रोपवे की सवारी कर सकते हैं
इन सभी आकर्षणों की वजह से यह जगह परिवार, कपल्स और दोस्तों के ग्रुप के लिए उपयुक्त मानी जाती है.
आदिवासी संस्कृति भी है बड़ी पहचान
सापूतारा की खूबसूरती केवल पहाड़ों और जंगलों तक सीमित नहीं है. यह क्षेत्र अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति के लिए भी जाना जाता है.
यहां के स्थानीय बाजारों और सांस्कृतिक केंद्रों में पर्यटक पारंपरिक हस्तशिल्प, लोक कला और क्षेत्रीय जीवनशैली को करीब से देख सकते हैं. यही वजह है कि यहां का अनुभव सिर्फ प्राकृतिक पर्यटन तक सीमित नहीं रहता बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी काफी समृद्ध माना जाता है.
वीकेंड ट्रिप के लिए क्यों है शानदार विकल्प?
मुंबई, सूरत, नासिक, वडोदरा और अहमदाबाद जैसे शहरों से सापूतारा सड़क मार्ग के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है. यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों में यह वीकेंड डेस्टिनेशन के रूप में तेजी से लोकप्रिय हुआ है.
जो लोग लंबी छुट्टी नहीं ले सकते लेकिन कुछ दिनों के लिए पहाड़ों में समय बिताना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है.
क्या यह आने वाले समय का बड़ा पर्यटन केंद्र बन सकता है?
भारत में ऑफबीट ट्रैवल का चलन तेजी से बढ़ रहा है. लोग अब ऐसी जगहों की तलाश कर रहे हैं जहां प्राकृतिक सुंदरता के साथ शांति भी मिले. सापूतारा इस जरूरत को काफी हद तक पूरा करता है.
इसी वजह से पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह जगह पश्चिम भारत के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में शामिल हो सकती है. फिलहाल इसकी सबसे बड़ी खासियत यही है कि यहां अभी भी अत्यधिक व्यावसायीकरण नहीं हुआ है और प्रकृति का मूल स्वरूप काफी हद तक बरकरार है.
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भीड़ से दूर सुकून की तलाश है तो एक बार जरूर जाएं
अगर आप हर साल एक जैसे पर्यटन स्थलों पर जाकर ऊब चुके हैं और इस बार कुछ नया अनुभव करना चाहते हैं, तो सापूतारा आपकी सूची में जरूर होना चाहिए. पहाड़, झील, झरने, हरियाली और शांति का ऐसा संगम कम ही जगहों पर देखने को मिलता है.
यही कारण है कि गुजरात का यह खूबसूरत हिल स्टेशन अब धीरे-धीरे देशभर के यात्रियों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है.
Source: NDTV Travel – Saputara Hill Station Feature (10 June 2026)


